पाकिस्तान में शिया समुदाय के तीन वर्षीय बच्चे पर मामला दर्ज, मजलिस के आयोजन का आरोप
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसके बाद वहां की कानून व्यवस्था और धार्मिक आजादी पर सवाल उठने लगे हैं। यहां कामोके पुलिस ने तीन साल के बच्चे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बच्चे पर अपने निवास पर एक मजलिस (धार्मिक सभा) के आयोजन का आरोप लगाया गया है।
कामोके, गुजरांवाला के निवासी शाहिद शाह ने बिना किसी पूर्व एनओसी के अपने घर पर एक मजलिस आयोजित की। इसके विज्ञापन में शाहिद शाह के साथ, तीन वर्षीय फजल अब्बास का नाम भी संरक्षक के रूप में दिया गया था। इसके बाद, पुलिस ने संबंधित कानूनों का उल्लंघन करने के लिए शाहिद, फजल और कई अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
Shown below is Fazal Abbas, a 3-year old Shia kid, who has been nominated in an FIR by the state for having a Majlis at his residence
विज्ञापन विज्ञापन
While terrorists such as Aurangzaib Farooqi enjoys state protection, kids like Fazal Abbas are being persecuted for being a Azadar#ShiaGenocide pic.twitter.com/HnKFal1CVL — Iqrar Alee Ameer (@IqrarAlee112) September 6, 2020
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में मुहर्रम की शुरुआत के बाद से, शिया समूहों के खिलाफ घृणा अभियान में वृद्धि हुई है। पैगंबर मुहम्मद व उनके अनुयायियों के खिलाफ कथित रूप से ईशनिंदा वाले बयान देने के आरोप में देश भर में कई शिया नेताओं को हिरासत में भी लिया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक पूरे पाकिस्तान में एक महीने में ईश-निंदा से संबंधित कम से कम 42 मामले दर्ज किए गए हैं। ईशनिंदा के आरोपी ज्यादातर शिया समुदाय के थे, जिन पर कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद व उनके अनुयायियों के अपमान के आरोप में पाकिस्तान दंड संहिता की 295-A और 298 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें सिर्फ शिया ही नहीं बल्कि अहमदिया और ईसाई समुदायों के सदस्यों पर भी ईश निंदा के आरोप लगाए गए हैं।