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Canada: अगले महीने भारत आ सकती हैं कनाडा की विदेश मंत्री, निज्जर विवाद के बाद होगा पहला हाई प्रोफाइल-दौरा
Thu, 25 Sep 2025 10:04 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओटावा।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओटावा।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 25 Sep 2025 10:04 AM IST
सार
Canada: कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद अगले महीने भारत दौरे पर आएंगी। 2023 के बाद यह दोनों देशों के संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश में पहला उच्च स्तरीय दौरा होगा। तत्कालीन कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आरोप भारत पर लगाया था, जिससे भारत-कनाडा संबंधों में तनाव आ गया था।
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अनीता आनंद।
- फोटो : एक्स/@AnitaAnandMP
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विस्तार
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद अगले महीने भारत का दौरा करेगी, जहां वह अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से मुलाकात करेंगी। 2023 में दोनों देशों के संबंधों में खटास आई थी। जिसके बाद से कनाडा के किसी विदेश मंत्री का यह पहला आधिकारिक दौरा होगा। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार पर आरोप लगाया था कि वह खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करने की साजिश में शामिल है। इसके बाद द्विपक्षीय संबंधों में भारी गिरावट देखने को मिली। सूत्रों के मुताबिक, दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है। लेकिन दोनों देशों के अधिकारी आपस में संपर्क में हैं और तारीख पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी की कनाडाई समकक्ष से मुलाकात
इस साल जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी की मुलाकात हुई थी। इसके बाद से दोनों देशों के संबंध लगातार सुधर रहे हैं। इस मुलाकात के बाद से भारत और कनाडा ने संबंधों को सामान्य करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। बुधवार को भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने ओटावा में रिड्यू हॉल में औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाला। इससे पहले कनाडा के कई शीर्ष अधिकारियों ने भी भारत का दौरा किया है।
राजनयिक कर्मचारियों की बहाली की तैयारी
पिछले हफ्ते भारत ने संकेत दिया कि वह कनाडा में अपने सभी राजनयिकों की बहाली पर विचार कर सकता है। दो साल पहले भारत ने कनाडा के दो-तिहाई राजनयिकों की कूटनीतिक सुरक्षा को हटा दिया था। जिसके बाद अक्तूबर 2023 में 41 कनाडाई अधिकारियों को भारत छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। पिछले शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों देश अपने-अपने मिशनों और वाणिज्य दूतावासों में क्षमता से जुड़ी समस्याओं को रचनात्मक तरीके से हल करने पर सहमत हुए हैं।
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भारत और कनाडा के संबंध उस वक्त सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे, जब 2023 में तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो ने निज्जर की हत्या के मामले में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद भारत ने कनाडा से अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था। जवाब में भारत ने भी कनाडा के कई राजनयिकों को देश से निकाल दिया था। हालांकि, इस साल अप्रैल में संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी की जीत के बाद संबंधों को फिर से सुधारने की प्रक्रिया शुरू हुई।
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2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार पर आरोप लगाया था कि वह खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करने की साजिश में शामिल है। इसके बाद द्विपक्षीय संबंधों में भारी गिरावट देखने को मिली। सूत्रों के मुताबिक, दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है। लेकिन दोनों देशों के अधिकारी आपस में संपर्क में हैं और तारीख पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी की कनाडाई समकक्ष से मुलाकात
इस साल जून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी की मुलाकात हुई थी। इसके बाद से दोनों देशों के संबंध लगातार सुधर रहे हैं। इस मुलाकात के बाद से भारत और कनाडा ने संबंधों को सामान्य करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। बुधवार को भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने ओटावा में रिड्यू हॉल में औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाला। इससे पहले कनाडा के कई शीर्ष अधिकारियों ने भी भारत का दौरा किया है।
राजनयिक कर्मचारियों की बहाली की तैयारी
पिछले हफ्ते भारत ने संकेत दिया कि वह कनाडा में अपने सभी राजनयिकों की बहाली पर विचार कर सकता है। दो साल पहले भारत ने कनाडा के दो-तिहाई राजनयिकों की कूटनीतिक सुरक्षा को हटा दिया था। जिसके बाद अक्तूबर 2023 में 41 कनाडाई अधिकारियों को भारत छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था। पिछले शुक्रवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों देश अपने-अपने मिशनों और वाणिज्य दूतावासों में क्षमता से जुड़ी समस्याओं को रचनात्मक तरीके से हल करने पर सहमत हुए हैं।
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भारत और कनाडा के संबंध उस वक्त सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे, जब 2023 में तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री ट्रूडो ने निज्जर की हत्या के मामले में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद भारत ने कनाडा से अपने उच्चायुक्त और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुला लिया था। जवाब में भारत ने भी कनाडा के कई राजनयिकों को देश से निकाल दिया था। हालांकि, इस साल अप्रैल में संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी की जीत के बाद संबंधों को फिर से सुधारने की प्रक्रिया शुरू हुई।