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धान की बंपर पैदावार: अच्छी बारिश से 17 करोड़ MT चावल उत्पादन का अनुमान; निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील संभव
Sun, 08 Sep 2024 07:39 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 08 Sep 2024 07:39 AM IST
सार
इस साल अच्छी बारिश होने से उत्साहित किसानों और व्यापारियों को आशा है कि इस बार धान की बंपर पैदावार होगी। धान की अच्छी फसल पैदा होने से चावल भी अच्छी मात्रा में तैयार होने की उम्मीद है। इसी के साथ निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में भी ढील मिल सकती है।
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खेत में खड़ी धान की फसल। संवाद
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विस्तार
देश में चावल के बंपर उत्पादन से अन्न भंडार भरने के साथ निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील मिल सकती है। घरेलू स्तर पर कीमतें नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 20 जुलाई, 2023 को गैर बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था, जबकि बासमती चावल एक निश्चित मूल्य पर ही निर्यात किया जा सकता है और सेला चावल पर भी 20 फीसदी का निर्यात शुल्क है।
भारत में करीब 70 फीसदी धान खरीफ सीजन में होता है और इस बार खरीफ सीजन में 30 अगस्त तक धान की बुवाई का आंकड़ा पांच साल के औसत से आगे बढ़ गया है, जिसकी कटाई अमूमन अक्तूबर माह में होती है। इस बार अच्छी बारिश की वजह से 17 करोड़ मीट्रिक टन चावल का उत्पादन होने का अनुमान है। ऐसे में केंद्र सरकार की तरफ से किसानों को हितों को देखते हुए केंद्र सरकार निर्यात पाबंदी में ढील दे सकती है।
दरअसल, 5 सितंबर तक के आंकड़े बताते हैं कि इस बार अच्छी रबी फसल से देश के भंडार में 3.23 करोड़ मीट्रिक टन चावल है और मिलर के पास से 92 लाख मीट्रिक चावल अभी और इस भंडार मे और जुड़ेगा। इस तरह देश के पास जल्द ही करीब 4 करोड़ मीट्रिक टन का बफर स्टॉक होगा। जबकि एक अक्तूबर तक केवल 10.25 लाख मीट्रिक टन चावल की ही जरूरत है। इसलिए 15 अक्तूबर से नई फसल की आमद के बाद चावल के भंडार का नियोजन भी सरकार की चुनौतियां बढ़ा सकता है।
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भारत में करीब 70 फीसदी धान खरीफ सीजन में होता है और इस बार खरीफ सीजन में 30 अगस्त तक धान की बुवाई का आंकड़ा पांच साल के औसत से आगे बढ़ गया है, जिसकी कटाई अमूमन अक्तूबर माह में होती है। इस बार अच्छी बारिश की वजह से 17 करोड़ मीट्रिक टन चावल का उत्पादन होने का अनुमान है। ऐसे में केंद्र सरकार की तरफ से किसानों को हितों को देखते हुए केंद्र सरकार निर्यात पाबंदी में ढील दे सकती है।
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दरअसल, 5 सितंबर तक के आंकड़े बताते हैं कि इस बार अच्छी रबी फसल से देश के भंडार में 3.23 करोड़ मीट्रिक टन चावल है और मिलर के पास से 92 लाख मीट्रिक चावल अभी और इस भंडार मे और जुड़ेगा। इस तरह देश के पास जल्द ही करीब 4 करोड़ मीट्रिक टन का बफर स्टॉक होगा। जबकि एक अक्तूबर तक केवल 10.25 लाख मीट्रिक टन चावल की ही जरूरत है। इसलिए 15 अक्तूबर से नई फसल की आमद के बाद चावल के भंडार का नियोजन भी सरकार की चुनौतियां बढ़ा सकता है।
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