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नेपाल में संसद का बजट सत्र शुक्रवार से, सांसदों के लिए जांच का पूरा इंतजाम
Thu, 07 May 2020 07:39 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 07 May 2020 07:39 PM IST
सार
- संसद में जाने से पहले सभी की होगी कोविड-19 की जांच, पीएम पर खास ध्यान
- नेपाल के बाकी इलाके में टेस्ट किट नहीं, संक्रमण के मामलों में लगातार तेजी
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Nepal Parliament
- फोटो : Social Media
विस्तार
नेपाल में शुक्रवार से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र के लिए सभी जन प्रतिनिधियों की कोविड-19 की जांच करवाई जा रही है। नेपाल के दोनों सदनों के सदस्यों के सैंपल लेकर उसे पॉलिमिराज चेन रिएक्शन (पीसीआर) तकनीक के जरिये जांच के लिए भेजा गया है।
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ये जांच नए बानेश्वर में फेडरल पार्लियामेंट बिल्डिंग में की जा रही है। बजट सत्र को सुरक्षित और सुचारू तरीके से चलाने के लिए तमाम एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
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बजट सेशन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के अलावा दूसरे सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। इसके तहत सभी सदस्यों और कर्मचारियों को संसद में जाने से पहले तमाम जरूरी हेल्थ चेकअप से होकर गुजरना पड़ेगा।
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प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के स्वास्थ्य को देखते हुए उनकी जांच और परीक्षण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। हाल ही में ओली के किडनी ट्रांसप्लांट का दूसरा ऑपरेशन भी हुआ था।
एक तरफ सांसदों और जनप्रतिनिधियों के वीआईपी जांच परीक्षण के इंतजाम में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही, वहीं तमाम ऐसे इलाके हैं जहां अभी तक पर्याप्त हेल्थ किट और सुरक्षा उपकरण भी नहीं हैं।
तमाम ऐसे जिले हैं जहां मेडिकल स्टाफ से लेकर कोविड-19 से लड़ने के लिए न तो मास्क रहैं, न पीपीई किट और न ही दवाएं और जांच की व्यवस्था, इससे वहां संक्रमण फैलने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
चितवन में कोविड-19 टेस्टिंग लैब ने पर्याप्त सुविधाएं और उपकरण न होने की वजह से काम करना बंद कर दिया है। लैब के मुताबिक सरकार के पास 1200 टेस्ट किट के लिए आवेदन किया गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इसी तरह करनाली प्रांत में भी सुविधाएं और किट न होने की वजह से जांच और इलाज संभव नहीं हो पा रहा है और मामले लगातार बढ़ रहे हैं।