{"_id":"6a004e8b0536a3bade08d8a9","slug":"british-military-says-ship-caught-fire-after-being-hit-off-coast-of-qatar-2026-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"फारस की खाड़ी: कतर के पास समुद्र में जहाज पर हमला, आग लगी; ब्रिटिश सेना का दावा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
फारस की खाड़ी: कतर के पास समुद्र में जहाज पर हमला, आग लगी; ब्रिटिश सेना का दावा
Sun, 10 May 2026 02:53 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 10 May 2026 02:53 PM IST
सार
कतर के पास समुद्र में एक जहाज पर हमला हुआ और उसमें आग लग गई। हालांकि, आग पर काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फारस की खाड़ी में ऐसे हमले बढ़ रहे हैं, जिससे समुद्री व्यापार पर तनाव बढ़ गया है। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
मालवाहक जहाज में लगी आग। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : वीडियो ग्रैब।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटिश सेना ने कहा है कि कतर के पास समुद्र में एक जहाज में आग लग गई। यह आग तब लगी, जब जहाज पर किसी प्रक्षेप्य (प्रोजेक्टाइल) से हमला हुआ।
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि यह जहाज एक बड़ा मालवाहक जहाज था। हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी, लेकिन उसे काबू कर दिया गया। यह घटना कतर की राजधानी दोहा से करीब 43 किलोमीटर दूर समुद्र में हुई। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
फारस की खाड़ी में तेल टैंकरों पर बढ़े हमले
हाल के समय में फारस की खाड़ी में जहाजों पर ऐसे कई हमले हो चुके हैं। कुछ दिन पहले अमेरिका ने दो ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया था। अमेरिका ने कहा था कि ये जहाज उसके नियम तोड़ रहे थे। ईरान की सेना ने चेतावनी दी थी कि अगर उसके जहाजों पर हमला हुआ तो वह जवाब में हमला करेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि अगर ईरान समझौता नहीं करता तो वह फिर से बड़े हमले कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें: आत्मघाती हमले से दहला पाकिस्तान: विस्फोटक से भरी गाड़ी चेकपोस्ट से टकराई, 15 पुलिसकर्मियों की मौत; कई घायल
विज्ञापन
होर्मुज बंद होने से तेल आपूर्ति पर असर
इसके बाद ईरान ने होर्मुजल जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जो अहम समुद्री जलमार्ग माना जाता है। युद्ध शुरू होने से पहले इस मार्ग से दुनिया के तेल का एक पांचवां हिस्सा गुजरता था। इससे दुनिया में तेल की आपूर्ति पर असर पड़ा है और पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है।
28 फरवरी को शुरू हुआ था युद्ध
यह युद्ध 28 फरवरी को तब शुरू हुआ, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमले शुरू किए। दोनों देशों ने आरोप लगाया कि ईरान परमाणु हथियार विकसित कर रहा है, जिससे दुनिया के खतरा पैदा हो सकता है। इसके बाद इस युद्ध का दायरा बढ़ा, जिसमें चरमपंथी समूह हिजबुल्ला और हूती भी शामिल हुए। इसके बाद इस्राइल ने लेबनान में हमले तेज किए। हालांकि, इस्राइल और लेबनान सरकार के बीच युद्ध विराम हुआ है, लेकिन इस्राइल के दक्षिण लेबनान में हमले थमे नहीं हैं।
इधर, ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी संघर्षविराम लागू है। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से ईरानी बंदरगाहों और जहाजों की नाकाबंदी जारी है। इससे युद्ध फिर से भड़कने का खतरा बना हुआ है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि यह जहाज एक बड़ा मालवाहक जहाज था। हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी, लेकिन उसे काबू कर दिया गया। यह घटना कतर की राजधानी दोहा से करीब 43 किलोमीटर दूर समुद्र में हुई। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
फारस की खाड़ी में तेल टैंकरों पर बढ़े हमले
हाल के समय में फारस की खाड़ी में जहाजों पर ऐसे कई हमले हो चुके हैं। कुछ दिन पहले अमेरिका ने दो ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया था। अमेरिका ने कहा था कि ये जहाज उसके नियम तोड़ रहे थे। ईरान की सेना ने चेतावनी दी थी कि अगर उसके जहाजों पर हमला हुआ तो वह जवाब में हमला करेगी।
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि अगर ईरान समझौता नहीं करता तो वह फिर से बड़े हमले कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें: आत्मघाती हमले से दहला पाकिस्तान: विस्फोटक से भरी गाड़ी चेकपोस्ट से टकराई, 15 पुलिसकर्मियों की मौत; कई घायल
विज्ञापन
होर्मुज बंद होने से तेल आपूर्ति पर असर
इसके बाद ईरान ने होर्मुजल जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जो अहम समुद्री जलमार्ग माना जाता है। युद्ध शुरू होने से पहले इस मार्ग से दुनिया के तेल का एक पांचवां हिस्सा गुजरता था। इससे दुनिया में तेल की आपूर्ति पर असर पड़ा है और पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है।
28 फरवरी को शुरू हुआ था युद्ध
यह युद्ध 28 फरवरी को तब शुरू हुआ, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमले शुरू किए। दोनों देशों ने आरोप लगाया कि ईरान परमाणु हथियार विकसित कर रहा है, जिससे दुनिया के खतरा पैदा हो सकता है। इसके बाद इस युद्ध का दायरा बढ़ा, जिसमें चरमपंथी समूह हिजबुल्ला और हूती भी शामिल हुए। इसके बाद इस्राइल ने लेबनान में हमले तेज किए। हालांकि, इस्राइल और लेबनान सरकार के बीच युद्ध विराम हुआ है, लेकिन इस्राइल के दक्षिण लेबनान में हमले थमे नहीं हैं।
इधर, ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी संघर्षविराम लागू है। हालांकि, अमेरिकी सेना की ओर से ईरानी बंदरगाहों और जहाजों की नाकाबंदी जारी है। इससे युद्ध फिर से भड़कने का खतरा बना हुआ है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन