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Britain: ब्रिटेन ने रूस से चलाए जा रहे होस्टिंग सर्वर वाले गिरोह पर की बड़ी कार्रवाई; पुतिन पर भी लगाए ये आरोप
Wed, 19 Nov 2025 10:56 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Wed, 19 Nov 2025 10:56 PM IST
सार
ब्रिटेन ने दावा किया है कि उसने रूस समर्थित साइबर नेटवर्क ‘मीडिया लैंड’ सहित कई बुलेटप्रूफ होस्टिंग सर्विस ऑपरेटरों पर बड़ी कार्रवाई की है। इन नेटवर्क पर ब्रिटेन के महत्वपूर्ण ढांचे और टैक्सपेयर्स पर रैनसमवेयर व फिशिंग हमलों का आरोप है। इस दौरान ब्रिटेन ने पुतिन पर भी इन अपराधियों को शह देने का आरोप लगाया।
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कीएर स्टार्मर, ब्रिटिश पीएम
- फोटो : X @@Keir_Starmer
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विस्तार
ब्रिटेन ने दावा किया है कि उसने वैश्विक स्तर पर साइबर हमलों को सक्षम करने वाले अवैध रूसी नेटवर्क का बड़ा हिस्सा तोड़ दिया है। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय एफसीडीओ ने कहा कि यह कार्रवाई उस समय की गई जब रूस समर्थित साइबर समूह दुनिया भर में हमलों को अंजाम देने के लिए विशेष 'बुलेटप्रूफ' सर्वर का इस्तेमाल कर रहे थे। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई में से एक है।
एफसीडीओ के अनुसार, उसकी कार्रवाई मुख्य रूप से ‘मीडिया लैंड’ नामक नेटवर्क के खिलाफ की गई है जिसे दुनिया के सबसे बड़े बुलेटप्रूफ होस्टिंग ऑपरेटरों में गिना जाता है। ये सर्वर हैकर्स को छिपकर काम करने की सुविधा देते हैं, जिससे वे रैनसमवेयर, मैलवेयर और फिशिंग हमले कर सकें। ब्रिटेन ने बताया कि मीडिया लैंड से जुड़े हैकर्स ने देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे खासकर टेलीकॉम सेक्टर पर बड़े हमले किए, और कई बार ब्रिटिश टैक्सपेयर्स को फिशिंग अभियान के जरिए निशाना बनाया।
ब्रिटेन का आरोप
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि साइबर अपराधियों को लगता है कि वे अंधेरे में छिपकर ब्रिटिश नागरिकों को निशाना बना सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन और उसके सहयोगी अब इन नेटवर्क को खत्म कर रहे हैं और अपराधियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। एफसीडीओ ने बताया कि यह संयुक्त कार्रवाई ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर की।
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ये भी पढ़ें- 476 ड्रोन और 48 मिसाइल..., रूस ने यूक्रेन में रातो-रात मचाई तबाही; 25 की मौत और कई घायल
बड़े साइबर गैंग से कनेक्शन
ब्रिटेन ने मीडिया लैंड के कथित सरगना अलेक्जेंडर वोलोसोविक उर्फ यालिशांदा को भी निशाना बनाया है। उस पर 2010 से साइबर अंडरग्राउंड में सक्रिय रहने का आरोप है। ब्रिटेन का कहना है कि वह कुख्यात साइबर गिरोह इविल कॉर्प, लॉकबिट और ब्लैक बस्ता के साथ काम करता रहा है। एफसीडीओ ने कहा कि ऐसे नेटवर्क ने ब्रिटिश बिजनेस को 2024 में करीब 14.7 अरब पाउंड की आर्थिक चोट पहुंचाई जो देश के जीडीपी का 0.5 फीसदी है।
रूस पर दुष्प्रचार अभियान चलाने का आरोप
एफसीडीओ ने कहा कि मीडिया लैंड जैसी सेवाएं केवल साइबर हमलों के लिए ही नहीं बल्कि दुष्प्रचार फैलाने के लिए भी इस्तेमाल की जाती हैं। एक अन्य संस्था ऐजा ग्रुप एलएलसी पर भी कार्रवाई की गई है, जिसे 2024 में यूक्रेन को अस्थिर करने और दुनिया भर में लोकतंत्रों को कमजोर करने वाले रूसी डिसइन्फॉर्मेशन एजेंसी की मदद करने का आरोप लगा था। एफसीडीओ ने कहा कि यह कार्रवाई उन संगठनों पर सख्ती का संकेत है जो क्रेमलिन के सूचना युद्ध को बढ़ावा देते हैं।
ब्रिटेन ने पुतिन पर भी लगाए आरोप
ब्रिटेन सरकार ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस को साइबर अपराधियों का सुरक्षित अड्डा बना दिया है और वहां एक अपराधी इकोसिस्टम तैयार किया गया है जिसकी जड़ें क्रेमलिन तक जाती हैं। एफसीडीओ ने कहा कि यदि रूस इन अपराधियों पर कार्रवाई नहीं करेगा, तो ब्रिटेन और उसके सहयोगी खुद कड़े कदम उठाएंगे। ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी ने अमेरिकी साइबर डिफेंस एजेंसी के साथ मिलकर नई एडवाइजरी भी जारी की है ताकि व्यवसाय और उपयोगकर्ता भविष्य के हमलों से खुद को सुरक्षित रख सकें।
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एफसीडीओ के अनुसार, उसकी कार्रवाई मुख्य रूप से ‘मीडिया लैंड’ नामक नेटवर्क के खिलाफ की गई है जिसे दुनिया के सबसे बड़े बुलेटप्रूफ होस्टिंग ऑपरेटरों में गिना जाता है। ये सर्वर हैकर्स को छिपकर काम करने की सुविधा देते हैं, जिससे वे रैनसमवेयर, मैलवेयर और फिशिंग हमले कर सकें। ब्रिटेन ने बताया कि मीडिया लैंड से जुड़े हैकर्स ने देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे खासकर टेलीकॉम सेक्टर पर बड़े हमले किए, और कई बार ब्रिटिश टैक्सपेयर्स को फिशिंग अभियान के जरिए निशाना बनाया।
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ब्रिटेन का आरोप
ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि साइबर अपराधियों को लगता है कि वे अंधेरे में छिपकर ब्रिटिश नागरिकों को निशाना बना सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन और उसके सहयोगी अब इन नेटवर्क को खत्म कर रहे हैं और अपराधियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। एफसीडीओ ने बताया कि यह संयुक्त कार्रवाई ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर की।
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बड़े साइबर गैंग से कनेक्शन
ब्रिटेन ने मीडिया लैंड के कथित सरगना अलेक्जेंडर वोलोसोविक उर्फ यालिशांदा को भी निशाना बनाया है। उस पर 2010 से साइबर अंडरग्राउंड में सक्रिय रहने का आरोप है। ब्रिटेन का कहना है कि वह कुख्यात साइबर गिरोह इविल कॉर्प, लॉकबिट और ब्लैक बस्ता के साथ काम करता रहा है। एफसीडीओ ने कहा कि ऐसे नेटवर्क ने ब्रिटिश बिजनेस को 2024 में करीब 14.7 अरब पाउंड की आर्थिक चोट पहुंचाई जो देश के जीडीपी का 0.5 फीसदी है।
रूस पर दुष्प्रचार अभियान चलाने का आरोप
एफसीडीओ ने कहा कि मीडिया लैंड जैसी सेवाएं केवल साइबर हमलों के लिए ही नहीं बल्कि दुष्प्रचार फैलाने के लिए भी इस्तेमाल की जाती हैं। एक अन्य संस्था ऐजा ग्रुप एलएलसी पर भी कार्रवाई की गई है, जिसे 2024 में यूक्रेन को अस्थिर करने और दुनिया भर में लोकतंत्रों को कमजोर करने वाले रूसी डिसइन्फॉर्मेशन एजेंसी की मदद करने का आरोप लगा था। एफसीडीओ ने कहा कि यह कार्रवाई उन संगठनों पर सख्ती का संकेत है जो क्रेमलिन के सूचना युद्ध को बढ़ावा देते हैं।
ब्रिटेन ने पुतिन पर भी लगाए आरोप
ब्रिटेन सरकार ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस को साइबर अपराधियों का सुरक्षित अड्डा बना दिया है और वहां एक अपराधी इकोसिस्टम तैयार किया गया है जिसकी जड़ें क्रेमलिन तक जाती हैं। एफसीडीओ ने कहा कि यदि रूस इन अपराधियों पर कार्रवाई नहीं करेगा, तो ब्रिटेन और उसके सहयोगी खुद कड़े कदम उठाएंगे। ब्रिटेन की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी ने अमेरिकी साइबर डिफेंस एजेंसी के साथ मिलकर नई एडवाइजरी भी जारी की है ताकि व्यवसाय और उपयोगकर्ता भविष्य के हमलों से खुद को सुरक्षित रख सकें।