फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   BRICS expansion: China trying to make BRICS its diplomatic weapon? 19 countries applied to join

Brics expansion: ब्रिक्स को अपना कूटनीतिक हथियार बनाने की कोशिश में जुटा है चीन?

Tue, 25 Apr 2023 03:36 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, प्रिटोरिया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, प्रिटोरिया Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 25 Apr 2023 03:36 PM IST
सार

जून में दो और तीन तारीख को होने वाली ब्रिक्स बैठक को इस खास एजेंडे की वजह से बहुत महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। यह बैठक ब्रिक्स के सालाना शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए आयोजित होगी। ब्रिक्स के लिए दक्षिण अफ्रीका के राजदूत अनिल सुकलाल ने जून की बैठक के एजेंडे के बारे में जानकारी दी है...

विज्ञापन
BRICS expansion: China trying to make BRICS its diplomatic weapon? 19 countries applied to join
13वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: प्रधानमंत्री मोदी ने किया संबोधित। - फोटो : ANI (File)

विस्तार

ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) में शामिल होने के लिए 19 देशों ने जुबानी या लिखित अर्जी दी है। इस वर्ष अगस्त में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस समूह का विस्तार एक प्रमुख एजेंडा होगा। इस बात की पुष्टि मेजबान दक्षिण अफ्रीका ने कर दी है। वैसे विस्तार के सवाल पर पहली चर्चा इस साल जून में होगी, जब ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री दक्षिण अफ्रीका में इकट्ठे होंगे।

विज्ञापन

जून में दो और तीन तारीख को होने वाली ब्रिक्स बैठक को इस खास एजेंडे की वजह से बहुत महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। यह बैठक ब्रिक्स के सालाना शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए आयोजित होगी। ब्रिक्स के लिए दक्षिण अफ्रीका के राजदूत अनिल सुकलाल ने जून की बैठक के एजेंडे के बारे में जानकारी दी है। अमेरिकी मीडिया ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि केपटाउन में होने वाली ब्रिक्स बैठक में इस समूह का विस्तार विचार-विमर्श का एक प्रमुख मुद्दा होगा।

विज्ञापन

सुकलाल ने कहा- ‘हम ब्रिक्स के विस्तार पर चर्चा करेंगे। हम उन तौर-तरीकों पर विचार करेंगे, जिनके जरिए ऐसा किया जाएगा। 13 देशों ने इस समूह में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से अर्जी दी है। उनके अलावा छह अन्य देशों ने ब्रिक्स में शामिल होने की इच्छा अनौपचारिक रूप से जताई है। हमें लगभग रोजमर्रा के स्तर पर ब्रिक्स में शामिल इच्छुक देशों की अर्जियां मिल रही हैं।’

विज्ञापन
विज्ञापन

ब्रिक्स के विस्तार की प्रक्रिया पिछले साल चीन ने शुरू की थी। चीन ने पिछले बिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते चीन का कूटनीतिक प्रभाव दुनिया भर में बढ़ा है। अनेक देश उससे अपना संबंध गहरा बनाने में जुटे हुए हैं। उनमें से कई देश ब्रिक्स में शामिल हो कर चीन कूटनीतिक महत्त्वाकांक्षाओं में सहयोगी बन रहे हैं।

ब्लूमबर्ग ने कहा है कि चीन अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों का मुकाबला करने के लिए ब्रिक्स के जरिए अपने कूटनीतिक प्रभाव में विस्तार की कोशिश कर रहा है। इसलिए ब्रिक्स के प्रस्तावित विस्तार से इस समूह में शामिल उन देशों को परेशानी हो सकती है, जो चीन के प्रभाव में बढ़ोतरी नहीं चाहते। पर्यवेक्षकों ने इस सिलसिले में भारत की तरफ इशारा किया है। उन्होंने संकेत दिया है कि भारत ब्रिक्स के विस्तार की योजना को लेकर उत्साहित नहीं है।

विश्लेषकों के मुताबिक ब्रिक्स के अंदर चीन का वजन पहले ही बढ़ चुका है। उन्होंने ध्यान दिलाया है कि चीन की अर्थव्यवस्था का आकार बाकी चार सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के साझा आकार से दो गुना से भी ज्यादा है। सुकलाल ने बताया कि ब्रिक्स के पांच सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने 2-3 जून की बैठक में भाग लेने की पुष्टि कर दी है। ब्रिक्स का गठन उभरती अर्थव्यवस्था वाले देशों के समूह के रूप में 2006 में हुआ था। तब इसमें सिर्फ चार देश शामिल हुए थे। दक्षिण अफ्रीका को इसमें 2010 में शामिल किया गया। अब जो देश का इसका सदस्य बनने को इच्छुक हैं, उनमें सऊदी अरब और ईरान भी हैं। हाल ही में चीन की मध्यस्थता में इन दोनों देशों के बीच मेलमिलाप हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed