Bondi Shooting: पहले से थी ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों पर हमले की आशंका, नेतन्याहू ने अल्बनीज को दी थी चेतावनी
Bondi shooting: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में प्रसिद्ध बॉन्डी समुद्र तट पर त्योहार मना रहे यहूदियों पर दो बंदूकधारियों द्वारा की गई अंधाधुंध फायरिंग में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है। दो पुलिस अधिकारियों समेत 11 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दो हमलावरों में से एक को मार गिराया है।
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ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले में 11 लोगों की मौत हो गई और एक शूटर भी मारा गया है। यह हमला यहूदी त्योहार हनुक्का की पहली रात पर हुआ है। अब एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय के खिलाफ हमले की आशंका पहले से ही थी। इस्राइल को ओर से ऑस्ट्रेलिया को इससे लेकर चेतावनी दी गई थी।
ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय के खिलाफ हमले की आशंका पहले से ही थी। इस्राइली प्रधानमंत्री वेंजामिन नेतन्याहू ने यहूदी विरोधी भावना के बारे में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंटोनी अल्बनीज को चेताया भी था। सिडनी हमले से यह आशंका सच साबित हुई। आतंकी हमले के बाद समुद्र तट पर अफरा-तफरी मच गई। उत्सव मनाने के लिए जुटे लोगों को जहां-तहां भागकर जान बचानी पड़ी।
नेतन्याहू ने अल्बनीज को चेतावनी दी थी
इस्राइली पीएम नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि उन्होंने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष को चेतावनी दी थी कि देश की नीतियां यहूदी-विरोधी भावना को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने गोलीबारी को क्रूर हत्या बताया और कहा कि जब नेता चुप रहते हैं तो यहूदी-विरोधी भावना फैलती है। उन्होंने कहा, आपको कमजोरी की जगह कार्रवाई करनी होगी। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया में यहूदी विरोधी यह कोई पहले घटना नहीं है। यहूदियों के खिलाफ आक्रामकता की शुरुआत अक्तूबर 2023 में ही हो गई थी, हमास ने इस्राइल पर हमला किया था, जिसमें 1,200 से अधिक लोग मारे गए थे। इसके कुछ ही दिनों बाद सिडनी में एक यहूदी बेकरी के सामने लाल रंग का उल्टा त्रिकोण स्प्रे से बनाया गया।
यहूदी विरोधी घटनाओं में आई तेजी
हमास के खिलाफ इस्राइल ने जबावी सैन्य कार्रवाई शुरू की तो यहूदी विरोधी घटनाओं में और तेजी आई। उसके बाद फिर यह सिलसिला चलता रहा। यहूदियों से जुड़े स्थलों पर हमले किए गए, दीवारों पर आपत्तिजनक नारे लिखे गए। इन घटनाओं के बाद से यहूदी माता पिता अपने बच्चों को डे केयर भेजने से डरने लगे थे। कई यहूदी स्कूलों ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की है। हालात को देखते हुए ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने पिछले वर्ष यहूदी विरोध से निपटने के लिए अपना पहला विशेष दूत नियुक्त किया था।
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ऑस्ट्रेलिया की कुल 2.70 करोड़ आबादी में करीब 1.50 लाख यहूदी समुदाय के लोग हैं। यह समुदाय संख्या में छोटा है, लेकिन समाज में गहराई से जुड़ा हुआ है. अनुमान के मुताबिक, इनमें से करीब एक तिहाई लोग सिडनी के पूर्वी उपनगरों में रहते हैं, जिनमें बोंडाई क्षेत्र भी शामिल है। रविवार को हुए हमले के पास मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि यहूदी होना पिछले कुछ वर्षों में बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। शायद एक दिन उन्हें इस्राइल जाना पड़े। इस्राइल यहूदियों के लिए अब वही दुनिया में एकमात्र सुरक्षित जगह नजर आने लगी है।
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