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ISS: बोइंग स्टारलाइनर के उड़ान भरते ही आई थी यह समस्या, सुनीता और विल्मोर ने दिखाई जाबांजी और पाई सफलता

Fri, 07 Jun 2024 02:36 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ह्यूस्टन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ह्यूस्टन Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 07 Jun 2024 02:36 PM IST
सार


नासा ने नई अपडेट जारी करते हुए बताया कि रिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से लॉन्च होने के लगभग 26 घंटे बाद गुरुवार को एक बजकर 34 मिनट पर बोइंग अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक आईएसएस में उतारा। 

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Boeing Starliner’s Sunita Williams and fellow astronaut overcome new issues
सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

नासा की भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर ने बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से जोड़ दिया। हालांकि, अंतरिक्ष यान की परिक्रमा कर रहे प्रयोगशाला तक पहुंचने के दौरान रास्ते में आई कुछ नई समस्याओं को दूर करने के बाद यह संभव हो सका।

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तीसरी बार भरी उड़ान
58 साल की सुनीता विलियम्स ने बुधवार को अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी। वह तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए रवाना हुई हैं। इस उड़ान के साथ ही दोनों ने बोइंग कंपनी के स्टारलाइनर यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले सदस्य बनकर इतिहास रच दिया। इतना ही नहीं, विलियम्स उड़ान परीक्षण के लिए पायलट हैं जबकि 61 वर्षीय विल्मोर मिशन के कमांडर हैं।
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26 घंटे बाद मिली सफलता
नासा ने नई अपडेट जारी करते हुए बताया कि रिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से लॉन्च होने के लगभग 26 घंटे बाद गुरुवार को एक बजकर 34 मिनट पर बोइंग अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक आईएसएस में उतारा। 
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मैं यहां बहुत खुश हूं: विलियम्स
विलियम्स ने परिवार और दोस्तों के प्रति आभार व्यक्त किया, जो लॉन्च के दौरान उनके साथ रहे। उन्होंने कहा, 'हमारे पास यहां एक और परिवार है, जो बहुत बढ़िया है। मैं बहुत खुश हूं, जितना मैं अंतरिक्ष पर खुश हो सकती हूं। इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।'

करीब दो घंटे की ऑटो उड़ान के दौरान कुछ ऐसा किया
बता दें, बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर सवार होकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के रास्ते में अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर ने उड़ान क्षमता (मैनुअल पायलटिंग) का परीक्षण भी किया। दोनों ने अंतरिक्ष यान के सदस्यों के तौर पर अपने हाथों में इसका नियंत्रण लेकर इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाली सुनीता पहली महिला बन गई हैं। ऐसा करने वाली सुनीता पहली महिला बन गई हैं। यद्यपि अंतरिक्ष यान आमतौर पर ऑटो होता है, लेकिन चालक दल ने करीब दो घंटे की ऑटो उड़ान के दौरान यान को खुद से नियंत्रण में लिया। उन्होंने स्टारलाइनर को पृथ्वी की ओर किया ताकि सेवा मॉड्यूल के पीछे इसका संचार एंटीना ट्रैकिंग और डाटा रिले उपग्रहों की ओर हो सके। इसके बाद उन्होंने यान को इस तरह से घुमाया कि उसका सूर्य की ओर घुमाव हो ताकि जरूरत पड़ने पर वे आंतरिक बैटरी को चार्ज कर सकें।  

एक सप्ताह रहेंगे
स्टेशन में रहने वाले सात लोगों के साथ विलियम्स और विल्मोर लगभग एक सप्ताह बिताएंगे। इस दौरान वह अंतरिक्ष में रहते हुए विभिन्न परीक्षणों में सहायता करेंगे और वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे।

हमारी टीमों ने बहुत अच्छा काम किया
बोइंग डिफेंस स्पेस एंड सिक्योरिटी के स्पेस, इंटेलिजेंस और वेपन सिस्टम के उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक के सियर्स ने कहा, 'नासा के लिए अंतरिक्ष स्टेशन से आने-जाने के लिए चालक दल के परिवहन सेवाओं का संचालन करने में सक्षम वाणिज्यिक अंतरिक्ष यान के बेड़े में शामिल होना आश्चर्यजनक दोनों है। हमें इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए हमारी टीमों ने बहुत अच्छा काम किया है।'

एक नई राह पर ले जाएगा
नासा के एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर जिम फ्री ने गुरुवार को कहा कि कल लॉन्च और आज यान को आईएसएस से जोड़ना स्टारलाइनर को एक नई राह पर ले जाएगा, जिसका लाभ इंसानों को होगा। उन्होंने आगे कहा, 'बुच और सुनी (सुनीता) के लिए, मैं उन्हें उन वर्षों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं जो उन्होंने हमें इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए खर्च किए हैं।'

तीन हीलियम लीक की पहचान
दोनों ने नींद की अवधि भी पूरी की। चालक दल की नींद से पहले, मिशन टीमों ने अंतरिक्ष यान में तीन हीलियम लीक की पहचान की। इनमें से एक पर उड़ान से पहले प्रबंधन योजना के साथ चर्चा की गई थी और अन्य दो तब हुए जब अंतरिक्ष यान कक्षा में पहुंचा। इन लीक की निगरानी और प्रबंधन के लिए, चालक दल की नींद की अवधि के दौरान उड़ान में तीन हीलियम मैनिफोल्ड बंद कर दिए गए थे और सभी को आईएसएस से जोड़ने से पहले फिर से खोल दिया गया था। सफलतापूर्वक जोड़ने के बाद, सभी स्टारलाइनर मैनिफोल्ड सामान्य योजनाओं के अनुसार बंद हो जाते हैं।


ऐसे किया समाधान
जैसे ही यान ने अंतरिक्ष के उड़ान भरी तो पांच प्रतिक्रिया नियंत्रण प्रणाली थ्रस्टर्स विफल हो गए। मिशन टीमों ने हॉट-फायर परीक्षणों की एक श्रृंखला का प्रदर्शन किया, जिसने चार थ्रस्टर्स को फिर से सक्षम किया, जबकि चालक दल ने स्टेशन के 200 मीटर होल्ड पॉइंट पर अंतरिक्ष यान को मैन्युअल रूप से पायलट किया। चार थ्रस्टर्स को फिर से चुनने के बाद स्टारलाइनर में डॉकिंग के लिए अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने हेतु कुछ कमी आ गई। 10-मीटर की दूरी पर मिशन टीम ने कमी को जांचा और जल्द सही कर लिया। बाद में आईएसएस से जोड़ने के लिए आगे बढ़ी।

कक्षा में लगभग एक सप्ताह बिताने के बाद, विल्मोर और विलियम्स स्टारलाइनर पर सवार होंगे और घर लौट आएंगे।

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