फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Blockade of Indian medicines, serious crisis in Nepal, threatening severe shortage of life-saving medicines

Nepal: भारतीय दवाओं पर अड़ंगे से नेपाल में गंभीर संकट, जीवन रक्षक औषधियों की घोर कमी का खतरा; जानें वजह

Mon, 11 May 2026 05:01 AM IST
Pavan अतुल मिश्र, अमर उजाला, काठमांडू
अतुल मिश्र, अमर उजाला, काठमांडू Published by: Pavan Updated Mon, 11 May 2026 05:01 AM IST
सार

नेपाल में सरकारी नीतियों, मूल्य नियंत्रण और बढ़ती शुल्क बाधाओं के कारण जीवन रक्षक दवाओं का संकट गहराने लगा है। नेपाल ड्रग इम्पोर्टर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि दवाओं की कीमतों में समय पर संशोधन नहीं हुआ तो आयात प्रभावित होगा और बाजार में भारी कमी पैदा हो सकती है। नेपाल अपनी 90 प्रतिशत दवाएं भारत से आयात करता है।

विज्ञापन
Blockade of Indian medicines, serious crisis in Nepal, threatening severe shortage of life-saving medicines
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

नेपाल सरकार की नीतियों में बदलाव व शुल्क बाधाओं से देश में जीवन रक्षक दवाओं का संकट पैदा होने लगा है। नेपाल औषधि आयातकर्ता संघ ने चेताया है कि मूल्य समायोजन में दिखाई गई उदासीनता के कारण निकट भविष्य में इन दवाओं का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। नेपाल अपनी जरूरत की 70% दवा आयात करता है। इसमें 90% दवाएं भारत से आती हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- हंतावायरस संकट के बीच राहत की खबर: MV होंडियस पर भारतीय क्रू सुरक्षित, दूतावास बोला-दोनों स्वस्थ और बिना लक्षण
विज्ञापन


पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष व आर्थिक दबाव के कारण दवाओं के कच्चे माल व उत्पादन लागत में भारी वृद्धि हुई है। भारत व अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दवाओं की कीमतें बढ़ चुकी हैं, लेकिन नेपाल ने 117 प्रकार की मूल्य नियंत्रित दवाओं के संबंध में अब तक कोई निर्णय नहीं किया है। नेपाल औषधि आयातकर्ता संघ के अध्यक्ष पवन आचार्य के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिस अनुपात में कीमतें बढ़ी हैं, नेपाल में भी उसी के अनुसार समायोजन होना चाहिए। यदि कीमतें समायोजित नहीं की गईं, तो आयात करना संभव नहीं होगा।  बाजार में इन दवाओं का भारी अभाव हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में डिपार्टमेंट ऑफ ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन को औपचारिक जानकारी दी जा चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारतीय उत्पादकों की घटती रुचि, सुरक्षा चिंताजनक
नेपाल की ओर से 93 प्रकार की दवाओं के आयात पर रोक और आयात संबंधी बाधाएं खड़ी करने की नीति से भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियों की रूचि घटने लगी है। आचार्य के अनुसार, यदि भारत से नेपाल होने वाला निर्यात घटता गया, तो उनका हित भी कम हो जाएगा।

यह भी पढ़ें- US-Iran Conflict: ट्रंप ने ठुकराया ईरान का जवाब, युद्धविराम वार्ता पर फिर बढ़ा तनाव; होर्मुज पर मंडराया खतरा

सीमा शुल्क व नीतिगत बाधाएं
आयातकों ने सीमा शुल्क विभाग  से पैदा की जा रही परेशानियों की भी शिकायत की है। आचार्य के अनुसार, प्रावधान 5% सीमा शुल्क का है, पर बिलों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाकर 28% तक जुर्माना वसूला जा रहा है। सिटी स्कैन व एमआरआई में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन पर भी अतिरिक्त कर वसूला जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed