US-फिलीपीन के बीच सबसे बड़ा युद्धाभ्यास: विदेशी नौसैन्य अफसरों की बैठक में चेताया, चीन बोला-नाकाबंदी से बचें
चीन ने इस संगोष्ठी को क्षेत्रीय हितों के विरोधी देशों के लिए विचारों के आदान-प्रदान का एक दुर्लभ अवसर बताया। बैठक में अमेरिकी प्रशांत बेड़े के कमांडर एडमिरल स्टीफन कोहलर ने भाग लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण सागर में फिलीपीन के साथ हुए हिंसक समुद्री संघर्षों के बीच अमेरिका-फिलीपीन में अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू हो गया। उधर, चीनी किंगदाओ शहर में विदेशी नौसैन्य अफसरों की बैठक में शीर्ष चीनी अधिकारी ने चेताया कि विवादित क्षेत्र में नाकाबंदी से बचें।
चीन के दूसरे सर्वोच्च रैंकिंग वाले सैन्य अधिकारी झांग यूक्सिया ने कहा, समुद्र एक ऐसा क्षेत्र नहीं होना चाहिए जहां देश अपनी ‘गनबोट मांसपेशियों’ का प्रदर्शन करें। झांग ने कहा, चीन वार्ता से अन्य देशों के साथ समुद्री विवादों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। विवादित क्षेत्र में शुरू युद्धाभ्यास के बीच झांग ने चेताया कि चीन अपना दुरुपयोग नहीं होने देगा। झांग ने धमकाया, जो लोग जानबूझकर दूसरों को उकसाते हैं, तनाव भड़काते हैं, या स्वार्थ के लिए दूसरे पक्ष के विरुद्ध एक पक्ष का समर्थन करते हैं, वे खुद को ही नुकसान पहुंचाएंगे।
संगोष्ठी से दूर रहा फिलीपीन
चीन ने इस संगोष्ठी को क्षेत्रीय हितों के विरोधी देशों के लिए विचारों के आदान-प्रदान का एक दुर्लभ अवसर बताया। बैठक में अमेरिकी प्रशांत बेड़े के कमांडर एडमिरल स्टीफन कोहलर ने भाग लिया। उनके अलावा फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, भारत, रूस और ब्रिटेन भी इसमें शामिल रहे। फोरम का सदस्य देश होने के बावजूद फिलीपीन इसमें शामिल नहीं हुआ। जापानी अधिकारी ने नौसेना से द्विपक्षीय वार्ता को अच्छा मौका बताया।
अमेरिका-फिलीपीन के अभ्यास से चीन चिंतित
चीन में बैठक के बीच फिलीपीन-अमेरिकी बलों के विवादित जलक्षेत्र के पास युद्धाभ्यास में मित्र देशों की मारक क्षमता चीन को चिंतित करने वाली है। बीजिंग में इस युद्धाभ्यास को लेकर बौखलाहट देखी गई। 10 मई तक चलने वाले इस अभ्यास में 250 से अधिक फ्रांसीसी और ऑस्ट्रेलियाई बलों के साथ-साथ उनके 16,000 से अधिक सैन्यकर्मी शामिल होंगे। यह व्यापक युद्धाभ्यास ऐसे वक्त में हो रहा है जब चीनी तटरक्षक जहाज लगातार गत एक वर्ष में कई बार फिलीपीनी जहाजों का रास्ता रोके हैं और क्रू सदस्यों पर पानी की तेज बौछार से हमले किए हैं।
धमकी : नाकाबंदी से दुनिया विभाजन के भंवर में डूबेगी
झांग यूक्सिया ने बैठक में मौजूद वरिष्ठ विदेशी नौसैन्य प्रतिनिधियों को परोक्ष रूप से चेताते हुए कहा कि समुद्री नियंत्रण, घेरा और द्वीप नाकाबंदी करने से दुनिया केवल विभाजन और अशांति के भंवर में डूब जाएगी। बता दें, दक्षिण चीन सागर में फिलीपीन, ब्रुनेई, वियतनाम जैसे देश चीनी आक्रामकता के विरोध में खड़े हैं। उधर, पूर्वी सागर में जापान भी चीनी गतिविधियों के खिलाफ है। फिलीपीन से उसका समुद्र में लगातार टकराव जारी है। इस बैठक के आयोजन का मकसद भी छोटे देशों को परोक्ष संदेश देना भी है कि वे चीनी प्रभुत्व को स्वीकार कर लें।
चीन माना, तनाव बढ़ा
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने ‘चीन के दरवाजे पर’ मिसाइल प्रणाली की तैनाती पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा, अमेरिका के कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और गलत निर्णय और गलत आकलन का खतरा बढ़ गया है।
चीन संग तनाव के बीच दो और पोत तैनात करेगा ताइवान
चीन की आक्रामकता से निपटने और अपने जल क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए ताइवान की नौसेना अगले महीने दो और स्वदेश निर्मित स्टील्थ मिसाइल पोत (कार्वेट) हसू जियांग (पीजीजी-621) और वू जियांग (पीजीजी-623) तैनात करेगा।
सेंट्रल न्यूज एजेंसी ताइवान ने बताया कि दोनों मिसाइल पोत मई की शुरुआत में नौसेना में शामिल किए जाएंगे। पिछले साल फरवरी और जून में लॉन्च किए गए दोनों कार्वेट इस फरवरी में नौसेना को सौंपे गए थे। ये तुओ जियांग-क्लास स्टील्थ मिसाइल कार्वेट हैं। ताइवान नौसेना 2026 के अंत तक कुल 11 तुओ जियांग-क्लास कार्वेट तैनात करने की तैयारी कर रही है।