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भारत-कनाडा: वैंकूवर में खालिस्तान समर्थकों ने किया प्रदर्शन, भारतीय वाणिज्य दूतावास की बढ़ाई गई सुरक्षा

Tue, 26 Sep 2023 07:06 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओटावा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओटावा Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 26 Sep 2023 07:06 AM IST
सार

कनाडा के वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर दर्जनों खालिस्तान समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खालिस्तान के झंडे लहराए और नारेबाजी की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने भारतीय ध्वज का अपमान किया।

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Barriers placed outside Indian Consulate in Vancouver ahead of planned protest of Khalistan supporters
भारत-कनाडा तनाव - फोटो : अमर उजाला/निर्मलकांत

विस्तार

कनाडा और भारत के बीच तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देश एक दूसरे के शीर्ष राजनयिकों को निष्कासित कर चुके हैं। इस बीच, वैंकूवर में भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर दर्जनों खालिस्तान समर्थकों ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खालिस्तान के झंडे लहराए, संगीत बजाया और नारेबाजी की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने भारतीय वाणिज्य दूतावास के बाहर भारतीय ध्वज का अपमान किया। टोरंटो में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए। इस बीच, वैंकूवर पुलिस विभाग ने भारतीय वाणिज्य दूतावास की सुरक्षा बढ़ा दी है और एहतियातन आसपास की सड़कों को बंद कर दिया है। 

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भारतीय वाणिज्य दूतावास के प्रवेश द्वार पर लगाए बैरीकेड
कनाडाई मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, होवे स्ट्रीट पर भारतीय वाणिज्य दूतावास के प्रवेश द्वार को अवरुद्ध करने के लिए बैरीकेड लगाए गए हैं। खबर के मुताबिक, विश्व सिख संगठन ने पहले ही उकसावे और दखल की आशंका को लेकर चेतावनी जारी कर दी। इसलिए पुलिस पहले से सतर्क थी।

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विश्व सिख संगठन ने निज्जर की हत्या को लेकर किया यह आह्वान
संगठन के प्रमुख तेजिंदर सिंह सिद्धू ने एक बयान में निज्जर के हत्यारों का पता लगाने की मांग की। खबर के मुताबिक, सिद्धू ने आगे कहा कि अगर समुदाय के लोग असुरक्षित महसूस करते हैं या हिंसा भड़काने का प्रयास देखते हैं, तो हम उन्हें तुरंत कानून प्रवर्तन एजेंयियों से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
 

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वैंकूवर पुलिस ने कहा- अगली सूचना तक अपनाएं वैकल्पिक मार्ग
एक्स पर एक पोस्ट में वैंकूवर पुलिस ने कहा, होवे स्ट्रीट डब्ल्यू कॉर्डोवा और डब्ल्यू हेस्टिंग्स स्ट्रीट के बीच वाहन यातायात के लिए बंद है। कृपया अगली सूचना तक एक वैकल्पिक मार्ग की योजना बनाएं। 

जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर लगाया हत्या में संलिप्तता का आरोप
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 18 सितंबर खालिस्तान टाइगर फोर्स के प्रमुख निज्जर की गोली मारकर हत्या में भारत की संलिप्तता का अपमानजनक आरोप लगाया था, जिसके बाद से भारत और कनाडा के बीच तनाव बढ़ गया है।  

विदेश मंत्रालय ने खारिज किए बयान
वहीं, भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान कहा, हमने कनाडा के प्रधानमंत्री का उनकी संसद में दिया गया बयान और विदेश मंत्री का बयान देखा और उसे खारिज किया है। कनाडा में हिंसा के किसी भी कृत्य में भारत सरकार की संलिप्ता के आरोप बेतुके और (राजनीति से) प्रेरित हैं। 

उन्होंने कहा, 'इसी तरह के आरोप कनाडा के प्रधानमंत्री ने हमारे प्रधानमंत्री से लगाए थे और उन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया गया था। हम कानून के शासन के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के साथ एक लोकतांत्र हैं।' 
 

श्रीलंका ने किया भारत का समर्थन
भारत में श्रीलंका के निवर्तमान उच्चायुक्त मिलिंडा मोरागोडा ने कहा है कि कनाडा के आरोपों पर भारत की प्रतिक्रिया 'मजबूत और सीधी' रही है और कोलंबो इस मामले में नई दिल्ली का समर्थन करता है। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीलंका के लोगों को आतंकवाद के कारण नुकसान उठाना पड़ा है और उनके देश की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। 
 

श्रीलंका ने चालीस वर्ष तक झेला आतंकवाद 
भारत के खिलाफ कनाडा के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि भारत की प्रतिक्रिया मजबूत एवं सीधी रही है। और मुझे लगता है कि जहां तक हमारा सवाल है, हम इस पर भारत का समर्थन करते हैं। इसके अलावा, अब मेरे जीवनकाल में मैं 60 वर्ष का हो गया हूं, अपने जीवन के 40 वर्ष हमने श्रीलंका में आतंकवाद के विभिन्न रूपों का सामना करते हुए बिताया है। मैंने आतंकवाद के कारण कई दोस्तों और सहयोगियों को खो दिया है।'
 

उन्होंने कहा, 'हम सभी का मतलब है कि कई श्रीलंकाई आतंकवाद के कारण मारे गए हैं। इसलिए, मेरे विचार से इन मामलों पर हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है क्योंकि हमने सहन किया है और हमें नुकसान उठाना पड़ा है। और एक ऐसे देश के रूप में जो आतंकवाद के प्रति सहिष्णुता से गुजरा है, वह जीरो टॉलरेंस है।'

बातचीत से हल हो दोनों देशों में तनाव: भारतवंशी
कनाडा में रह रहे भारतवंशी दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक खींचतान से चिंतिंत हैं। कनाडा के वरिष्ठ पत्रकार हरलीम सादिया कहती हैं कि भारतवंशियों की चिंता जायज है। क्योंकि, दोनों देशों की कूटनीतिक खींचतान के असर से आम लोगों के जीवन पर असर पड़ने लगा है। कनाडाई नागरिक गुरजंत सिंह कहते हैं, एक सिख के तौर पर उनके दोनों देश बेहद अहम हैं। वे कहते हैं कि मौजूदा तनाव की वजह से तमाम लोगों की तरह वे भी चिंतित हैं और चाहते हैं कि मामला बातचीत से हल हो जाए।

कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की तरफ से भारत पर लगाए इल्जामों को लेकर सिंह ने कहा कि एक प्रधानमंत्री को ऐसे दावे नहीं करने चाहिएं, जिन्हें वह पूरा न कर पाएं। वहीं, कनाडाई नागरिक अजैब सिंह कहते हैं कि दो देशों के बीच सम्मान के साथ बातचीत होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दोनों देशों के तय करना चाहिए कि इस विवाद की वजह से भारत से आने वाले लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में आए।  

हम कनाडा के आरोपों से बहुत चिंतित: अमेरिकी विदेश विभाग
भारत-कनाडा विवाद पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, 'हम कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो द्वारा संदर्भित आरोपों से बहुत चिंतित हैं। हम अपने कनाडाई सहयोगियों के साथ नजदीक से संपर्क में हैं। हमारा मानना है कि यह जरूरी है कि कनाडा की जांच आगे बढ़े और अपराधियों को न्याय के दायरे में लाया जाए। हमने सार्वजनिक और निजी तौर पर भारत सरकार से कनाडा की जांच में सहयोग करने का आग्रह किया है।'

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