सियासत: 'इस साल बांग्लादेश राष्ट्रीय दिवस पर सैन्य परेड नहीं'; तख्तापलट की अफवाहों के बीच हसीना पर बरसे यूनुस
बांग्लादेश की सियासत एक बार फिर सुर्खियों में है। देश में तख्तापलट की अफवाहों के बीच पूर्व पीएम शेख हसीना पर बरसे अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि इस साल बांग्लादेश के राष्ट्रीय दिवस पर सैन्य परेड का आयोजन नहीं होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के खिलाफ सेना के तख्तापलट की खबरों को अफवाह बताते हुए इसके लिए पराजित ताकतों को जिम्मेदार ठहराया। उनका इशारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की तरफ था। बांग्लादेश के 53वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन मे यूनुस ने कहा, अफवाहें जुलाई-अगस्त (2024) के विद्रोह के खिलाफ पराजित ताकतों के बड़े हथियार हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों के विपरीत, इस वर्ष राजधानी में राष्ट्रीय दिवस पर कोई सैन्य परेड नहीं होगी। जिला स्तर पर परेड हमेशा की तरह होगी।
सरकार के अंतरिम प्रमुख की चेतावनी- अफवाहें और खतरनाक रूप ले लेंगी
यूनुस ने देशवासियों से जागरूकता और अधिक एकता के जरिये अफवाहों का विरोध करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे आगामी चुनाव नजदीक आएंगे, जिसकी तारीख अभी तय नहीं हुई है, अफवाहें और खतरनाक रूप ले लेंगी। आप सभी जानते हैं कि इस घटना के पीछे कौन लोग हैं और वे इन अफवाहों का नेतृत्व क्यों कर रहे हैं।
हम युद्ध की स्थिति में हैं, विद्रोह को विफल करने का आह्वान
उन्होंने लोगों से कहा कि जब भी वे ऐसी कोई भ्रामक अफवाह सुनें तो उसे अनदेखा करने के बजाय अफवाह के स्रोत की तलाश करें। उन्होंने आगे कहा कि कई अनुभवी युद्ध विशेषज्ञ इन अफवाहों के पीछे असीमित धन खर्च करते हुए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और उनका मुख्य उद्देश्य जुलाई के विद्रोह को विफल करना है। वे हमारी एकता को तोड़ना चाहते हैं। हमेशा ध्यान रखें कि हम युद्ध की स्थिति में हैं।
अफवाहों और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र से सहयोग की अपील
यूनुस ने किसी विशेष अफवाह का उल्लेख नहीं किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन ने अफवाहों और गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र से सहयोग मांगा है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने सहयोग का आश्वासन भी दिया है।