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Bangladesh: मंदिर पर बुलडोजर एक्शन को लेकर भारत की आपत्ति के बाद बैकफुट पर बांग्लादेश, यूनुस सरकार ने दी सफाई
Sat, 28 Jun 2025 12:30 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 28 Jun 2025 12:30 PM IST
सार
बांग्लादेश रेलवे प्रशासन ने गुरुवार को ढाका के खिलखेत इलाके में बने अस्थायी दुर्गा मंदिर को गिरा दिया था। प्रशासन का दावा था कि मंदिर रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था। इस पर भारत ने आपत्ति जाहिर की थी। अब यूनुस सरकार ने इस पर सफाई दी है।
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मोहम्मद यूनुस
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
ढाका में एक मंदिर पर बुलडोजर एक्शन को लेकर भारत की आपत्ति के बाद बांग्लादेश बैकफुट पर आ गया है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने मामले पर सफाई दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह सभी समुदायों के अधिकारों की रक्षा और पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन सार्वजनिक भूमि पर धार्मिक संरचनाओं का निर्माण स्वीकार नहीं है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि ढाका के खिलखेत क्षेत्र में स्थित मंदिर बांग्लादेश रेलवे की जमीन पर बनाया गया था और सार्वजनिक भूमि को पुनः प्राप्त करने के लिए उचित प्रक्रिया के तहत इसे हटाया गया। इसमें आरोप लगाया गया है कि मंदिर की शुरुआत एक अस्थायी मंडप के रूप में हुई थी। आयोजकों ने बार-बार याद दिलाने के बावजूद अस्थायी ढांचे को स्थायी बनाने का प्रयास किया।
ये भी देखें: सूडान की सेना संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव से सहमत, अल फशेर में एक सप्ताह के लिए होगा युद्ध विराम
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विदेश मंत्रालय ने कहा कि 26 जून को बांग्लादेश रेलवे ने खिलखेत क्षेत्र में रेल पटरी के किनारे बनी सभी अनधिकृत संरचनाओं को शांतिपूर्ण तरीके से हटा दिया। हालांकि देश के कानून सभी पूजा स्थलों को कानून के साथ किसी भी अंतर्निहित अनुरूपता के आधार पर भेदभाव किए बिना पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, लेकिन किसी भी परिस्थिति में किसी को भी सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करके कोई धार्मिक संरचना बनाने की अनुमति नहीं है। बांग्लादेश पूजा स्थलों की सुरक्षा सहित सभी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
गिरा दिया गया था दुर्गा मंदिर
बांग्लादेश रेलवे प्रशासन ने गुरुवार को ढाका के खिलखेत इलाके में बने अस्थायी दुर्गा मंदिर को गिरा दिया था। प्रशासन का दावा था कि मंदिर रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था। मंदिर गिराने की यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई जब तीन दिन पहले ही भीड़ ने मंदिर हटाने की मांग की थी।
ये भी देखें: गाजा में राहत सामग्री वितरण में हो रहीं मौतों पर UN का आरोप, कहा- सामूहिक हत्याओं को बढ़ा रहा इस्राइल
भारत ने जताई थी नाराजगी
दुर्गा मंदिर को ढहाने को लेकर भारत ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि कुछ चरमपंथी ढाका के खिलखेत में बने दुर्गा मंदिर को गिराने की मांग कर रहे थे। लेकिन अंतरिम सरकार ने मंदिर की सुरक्षा करने के बजाय इसे अवैध कब्जा बता दिया और आज मंदिर ढहा दिया गया। हम इस बात से बेहद दुखी हैं कि बांग्लादेश में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हिंदू समुदाय, उनकी संपत्ति और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
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बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने दावा किया कि ढाका के खिलखेत क्षेत्र में स्थित मंदिर बांग्लादेश रेलवे की जमीन पर बनाया गया था और सार्वजनिक भूमि को पुनः प्राप्त करने के लिए उचित प्रक्रिया के तहत इसे हटाया गया। इसमें आरोप लगाया गया है कि मंदिर की शुरुआत एक अस्थायी मंडप के रूप में हुई थी। आयोजकों ने बार-बार याद दिलाने के बावजूद अस्थायी ढांचे को स्थायी बनाने का प्रयास किया।
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विदेश मंत्रालय ने कहा कि 26 जून को बांग्लादेश रेलवे ने खिलखेत क्षेत्र में रेल पटरी के किनारे बनी सभी अनधिकृत संरचनाओं को शांतिपूर्ण तरीके से हटा दिया। हालांकि देश के कानून सभी पूजा स्थलों को कानून के साथ किसी भी अंतर्निहित अनुरूपता के आधार पर भेदभाव किए बिना पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, लेकिन किसी भी परिस्थिति में किसी को भी सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करके कोई धार्मिक संरचना बनाने की अनुमति नहीं है। बांग्लादेश पूजा स्थलों की सुरक्षा सहित सभी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
गिरा दिया गया था दुर्गा मंदिर
बांग्लादेश रेलवे प्रशासन ने गुरुवार को ढाका के खिलखेत इलाके में बने अस्थायी दुर्गा मंदिर को गिरा दिया था। प्रशासन का दावा था कि मंदिर रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था। मंदिर गिराने की यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई जब तीन दिन पहले ही भीड़ ने मंदिर हटाने की मांग की थी।
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भारत ने जताई थी नाराजगी
दुर्गा मंदिर को ढहाने को लेकर भारत ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि कुछ चरमपंथी ढाका के खिलखेत में बने दुर्गा मंदिर को गिराने की मांग कर रहे थे। लेकिन अंतरिम सरकार ने मंदिर की सुरक्षा करने के बजाय इसे अवैध कब्जा बता दिया और आज मंदिर ढहा दिया गया। हम इस बात से बेहद दुखी हैं कि बांग्लादेश में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हिंदू समुदाय, उनकी संपत्ति और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
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