फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   No rush on India visit Bangladesh clear message regarding Tarique Rahman national interest comes before Delhi

'भारत दौरे की जल्दबाजी नहीं': तारिक रहमान को लेकर बांग्लादेश का संदेश, पहले राष्ट्रीय हित फिर नई दिल्ली

Sun, 23 Aug 2026 01:51 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 23 Aug 2026 01:51 PM IST
सार

बांग्लादेश ने साफ कर दिया है कि वह भारत के साथ सकारात्मक और व्यावहारिक संबंध चाहता है, लेकिन प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर जल्दबाजी नहीं करेगा। ढाका का कहना है कि यात्रा से पहले द्विपक्षीय मुद्दों पर पर्याप्त बातचीत और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप प्रगति जरूरी है।

विज्ञापन
No rush on India visit Bangladesh clear message regarding Tarique Rahman national interest comes before Delhi
पीएम रहमान - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बांग्लादेश ने कहा है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर कोई 'जल्दबाजी' नहीं है और ढाका नई दिल्ली के साथ सकारात्मक संबंध चाहता है, लेकिन इसके लिए वह अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने शनिवार को ढाका में यह बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत में पर्याप्त प्रगति होने और जरूरी तैयारियां पूरी होने के बाद ही रहमान की भारत यात्रा होगी। वहीं, शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा दोनों देशों के बीच जारी बातचीत में एक महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है। ऐसे में रहमान की संभावित भारत यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

विज्ञापन

 
द्विपक्षीय संबंधों में सुधार पर जोर
कबीर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नई दिल्ली दौरे को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय यात्रा के साथ-साथ 12-13 सितंबर को होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया है। यह संभावित यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में काफी गिरावट आई थी।
विज्ञापन


भारत के साथ सकारात्मक संबंध चाहता है ढाका
हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद वह भारत चली गई थीं। इसके बाद ढाका ने भारत से उनकी प्रत्यर्पण की मांग की है। नई दिल्ली का कहना है कि इस अनुरोध की संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत समीक्षा की जा रही है। कबीर ने कहा, 'हम भारत के साथ सकारात्मक संबंध चाहते हैं। हम ऐसा क्यों नहीं चाहेंगे? वे हमारे पड़ोसी हैं। हमें उनके साथ कामकाजी संबंध बनाए रखने चाहिए।' भारत समेत किसी भी देश के साथ संबंधों में बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और ढाका अपने हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। कबीर प्रधानमंत्री के सलाहकार हैं और उन्हें शुक्रवार को विदेश मामलों का राज्य मंत्री नियुक्त किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीएम की यात्रा को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं
तारिक रहमान के भारत दौरे के समय के बारे में पूछे जाने पर कबीर ने बीएसएस से कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बैठक को लेकर जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है। अगर हम कल अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर किसी समझौते पर पहुंच जाते हैं, तो हम अगले सप्ताह या उसके अगले सप्ताह भारत जा सकते हैं। यहां कोई जल्दबाजी नहीं है। राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री स्तर की यात्रा के लिए पर्याप्त तैयारी, ठोस बातचीत और जरूरी आधार तैयार करना आवश्यक है। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच पहले पर्याप्त स्तर पर चर्चा और सहमति बनना जरूरी है।

शेख हसीना के मुद्दे से रिश्तों में फिर तनाव
भारत-बांग्लादेश संबंधों में हाल के दिनों में उस समय एक बार फिर तनाव बढ़ गया, जब शेख हसीना ने 5 अगस्त को नई दिल्ली से वर्चुअल मीडिया बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह दिसंबर में देश लौटने के लिए दृढ़ हैं और लोकतंत्र बहाल करके बांग्लादेश को “सही रास्ते” पर लाना चाहती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जेल या मौत की सजा का सामना करने का खतरा हो सकता है। हसीना को नवंबर 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के मामले में उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। ये आरोप उन कार्रवाईयों से जुड़े हैं, जो छात्र नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई थीं और जिनके बाद अंततः उनकी सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी।

ढाका ने फिर उठाई प्रत्यर्पण की मांग
शेख हसीना की 5 अगस्त की मीडिया बातचीत पर बांग्लादेश ने कड़ी नाराजगी जताई। ढाका का कहना था कि इस कार्यक्रम से उसके लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे भारत-बांग्लादेश संबंधों को बेहतर बनाने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। भारत ने इस पूरे घटनाक्रम से खुद को अलग करते हुए कहा कि नई दिल्ली की इस कार्यक्रम में कोई भूमिका नहीं थी और उसने हसीना की टिप्पणियों का समर्थन भी नहीं किया था। इस घटना के बाद ढाका ने एक बार फिर शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई। बांग्लादेश ने यहां तक संकेत दिया कि इस मुद्दे को प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा से भी जोड़ा जा सकता है।


ये भी पढ़ें: बांग्लादेश में हिंदू परिवार की संदिग्ध मौत: मां-बेटी सीढ़ियों पर, पिता छत और बेटे का शव बिस्तर के नीचे मिला

प्रत्यर्पण का मुद्दा बातचीत का हिस्सा
कबीर ने शनिवार को कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच प्रत्यर्पण संधि मौजूद है और शेख हसीना का प्रत्यर्पण दोनों देशों के बीच जारी बातचीत का हिस्सा बना हुआ है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे दिन आई, जब भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि किसी भी रिश्ते को सफल बनाने के लिए उसे 'पारस्परिक हित' की कसौटी पर खरा उतरना जरूरी है। इसे भारत के पड़ोसी देशों, खासकर बांग्लादेश के साथ उसके संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण टिप्पणी माना जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed