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Bakhmut Situation: बखमुत में रूस-यूक्रेन के कब्जों का दावा कितना सच, शराब के लिए मशहूर रहा शहर कैसे बना खंडहर?
Tue, 23 May 2023 05:26 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 23 May 2023 05:26 PM IST
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बखमुत की लड़ाई
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को 15 महीने से ज्यादा समय हो चुका है। रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर कब्जा कर लिया है तो यूक्रेनी सेना ने भी कड़ा पलटवार किया है। इस बीच यूक्रेन ने रूसी सेना के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि मॉस्को ने पूर्वी यूक्रेनी शहर बखमुत पर पूर्ण नियंत्रण कर लिया है। यूक्रेन ने कहा कि लड़ाई अभी जारी है और हमारे सैनिक लड़ रहे हैं।
जेलेंस्की
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SOCIAL MEDIA
अचानक क्यों चर्चा में आया बखमुत?
दरअसल, खूबसूरत शहर की बर्बादी का जिक्र यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने जी-7 की बैठक में अपनी टिप्पणियों में भी किया था। रविवार को जी7 सम्मेलन में यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा था कि हिरोशिमा की तस्वीरों ने उन्हें बखमुत की याद दिला दी। आगे कहा कि मैं आपको खुले तौर पर बताऊंगा, बर्बाद हिरोशिमा की तस्वीरें मुझे बखमुत और इसी तरह की अन्य बस्तियों की याद दिलाती हैं। वहां कुछ भी जीवित नहीं बचा, सभी इमारतें बर्बाद हो गईं हैं। इस दौरान जेलेंस्की ने हिरोशिमा में हुए नरसंहार की तुलना बखमुत में रूसी सेना द्वारा किए हमलों से की।
दरअसल, खूबसूरत शहर की बर्बादी का जिक्र यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने जी-7 की बैठक में अपनी टिप्पणियों में भी किया था। रविवार को जी7 सम्मेलन में यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा था कि हिरोशिमा की तस्वीरों ने उन्हें बखमुत की याद दिला दी। आगे कहा कि मैं आपको खुले तौर पर बताऊंगा, बर्बाद हिरोशिमा की तस्वीरें मुझे बखमुत और इसी तरह की अन्य बस्तियों की याद दिलाती हैं। वहां कुछ भी जीवित नहीं बचा, सभी इमारतें बर्बाद हो गईं हैं। इस दौरान जेलेंस्की ने हिरोशिमा में हुए नरसंहार की तुलना बखमुत में रूसी सेना द्वारा किए हमलों से की।
बखमुत की लड़ाई
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SOCIAL MEDIA
बखमुत के नियंत्रण पर किसके क्या दावे हैं?
यूक्रेन के उप रक्षामंत्री हन्ना मालियार ने सोमवार को कहा था कि बखमुत के दक्षिण-पश्चिम में कुछ इमारतों पर अभी भी यूक्रेनी सेना का नियंत्रण है। मलियार ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन की सेना शहर के किनारों पर आगे बढ़ रही थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में कुछ औद्योगिक केंद्रों और निजी घरों के क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखा है, जहां विमान स्मारक है। मिग-17 का स्मारक बखमुत के दक्षिण-पश्चिम में द्रुजबा स्क्वायर में है। आज भी शहर के इस छोटे से हिस्से पर हमारा नियंत्रण है। लड़ाई जारी है।
इससे पहले जापान में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में जेलेंस्की ने कहा था कि हम आगे बढ़ रहे हैं, हम लड़ रहे हैं। हालांकि, रूस के दावे ठीक इसके विपरीत रहे। रूस की निजी सेना ‘वैगनर’ के प्रमुख येवगेनी प्रिगोजिन ने शनिवार को महीनों की भयंकर लड़ाई के बाद बखमुत पर कब्जा करने का दावा किया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि वैगनर इसे मई के अंत में रूस को सौंप देंगी।
पूर्वी यूक्रेन में कब्जे के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैगनर और रूसी सैनिकों की टीमों को बधाई दी। क्रेमलिन के प्रेस कार्यालय ने एक बयान में कहा कि व्लादिमीर पुतिन वैगनर हमले टीमों के साथ-साथ सभी रूसी सैनिकों को बधाई देते हैं, जिन्होंने आवश्यक सहायता प्रदान की। बयान में कहा गया है कि हर कोई, जिसने लड़ाई में खुद को सामने किया है, उसको सम्मानित करने के लिए सिफारिश की जाएगी।
यूक्रेन के उप रक्षामंत्री हन्ना मालियार ने सोमवार को कहा था कि बखमुत के दक्षिण-पश्चिम में कुछ इमारतों पर अभी भी यूक्रेनी सेना का नियंत्रण है। मलियार ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन की सेना शहर के किनारों पर आगे बढ़ रही थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में कुछ औद्योगिक केंद्रों और निजी घरों के क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखा है, जहां विमान स्मारक है। मिग-17 का स्मारक बखमुत के दक्षिण-पश्चिम में द्रुजबा स्क्वायर में है। आज भी शहर के इस छोटे से हिस्से पर हमारा नियंत्रण है। लड़ाई जारी है।
इससे पहले जापान में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में जेलेंस्की ने कहा था कि हम आगे बढ़ रहे हैं, हम लड़ रहे हैं। हालांकि, रूस के दावे ठीक इसके विपरीत रहे। रूस की निजी सेना ‘वैगनर’ के प्रमुख येवगेनी प्रिगोजिन ने शनिवार को महीनों की भयंकर लड़ाई के बाद बखमुत पर कब्जा करने का दावा किया था। साथ ही उन्होंने कहा था कि वैगनर इसे मई के अंत में रूस को सौंप देंगी।
पूर्वी यूक्रेन में कब्जे के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैगनर और रूसी सैनिकों की टीमों को बधाई दी। क्रेमलिन के प्रेस कार्यालय ने एक बयान में कहा कि व्लादिमीर पुतिन वैगनर हमले टीमों के साथ-साथ सभी रूसी सैनिकों को बधाई देते हैं, जिन्होंने आवश्यक सहायता प्रदान की। बयान में कहा गया है कि हर कोई, जिसने लड़ाई में खुद को सामने किया है, उसको सम्मानित करने के लिए सिफारिश की जाएगी।
रूस-यूक्रेन युद्ध
- फोटो :
ANI
कितना अहम है बखमुत शहर?
बखमुत लुहांस्क क्षेत्र से लगभग 13 मील की दूरी पर डोनेट्स्क क्षेत्र के पूर्वोत्तर की ओर स्थित है। यह शहर लंबे समय से रूसी सेना के लिए एक टारगेट रहा है। यहां पिछली गर्मियों के बाद से रूस और यूक्रेन की सेनाओं के बीच युद्ध चल रहा है।
पूरे डोनबास की बात करें तो यह यूक्रेन के पूर्व में स्थित औद्योगिक क्षेत्र है जिसमें लुहांस्क और डोनेत्स्क आते हैं। यह इलाका पिछले वसंत के बाद से रूसी सेना का प्राथमिक लक्ष्य रहा है। यहां युद्ध की तुलना प्रथम विश्व युद्ध में देखी गई लड़ाई से की गई।
इस बीच रूसी सेना ने कई महीनों तक बखमुत में धीरे-धीरे सड़क-दर-सड़क पर आगे बढ़ना जारी रखा है। बीते दो हफ्तों में यूक्रेनी सेना शहर के उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में रूसी सैनिकों द्वारा नियंत्रित क्षेत्र के छोटे इलाकों पर दोबारा कब्जा करने में कामयाब रही है। वैगनर समर्थित रूसी सेना ने शहर पर कब्जा करने की कोशिश में नुकसान उठाया है। इस साल की शुरुआत में नाटो के एक सूत्र ने बताया कि उनका अनुमान है कि बखमुत की रक्षा में पांच रूसी सैनिक मारे गए।
बखमुत लुहांस्क क्षेत्र से लगभग 13 मील की दूरी पर डोनेट्स्क क्षेत्र के पूर्वोत्तर की ओर स्थित है। यह शहर लंबे समय से रूसी सेना के लिए एक टारगेट रहा है। यहां पिछली गर्मियों के बाद से रूस और यूक्रेन की सेनाओं के बीच युद्ध चल रहा है।
पूरे डोनबास की बात करें तो यह यूक्रेन के पूर्व में स्थित औद्योगिक क्षेत्र है जिसमें लुहांस्क और डोनेत्स्क आते हैं। यह इलाका पिछले वसंत के बाद से रूसी सेना का प्राथमिक लक्ष्य रहा है। यहां युद्ध की तुलना प्रथम विश्व युद्ध में देखी गई लड़ाई से की गई।
इस बीच रूसी सेना ने कई महीनों तक बखमुत में धीरे-धीरे सड़क-दर-सड़क पर आगे बढ़ना जारी रखा है। बीते दो हफ्तों में यूक्रेनी सेना शहर के उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में रूसी सैनिकों द्वारा नियंत्रित क्षेत्र के छोटे इलाकों पर दोबारा कब्जा करने में कामयाब रही है। वैगनर समर्थित रूसी सेना ने शहर पर कब्जा करने की कोशिश में नुकसान उठाया है। इस साल की शुरुआत में नाटो के एक सूत्र ने बताया कि उनका अनुमान है कि बखमुत की रक्षा में पांच रूसी सैनिक मारे गए।
रूस और यूक्रेन युद्ध
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Social Media
कैसे बढ़ी बखमुत की लड़ाई?
2023 के शुरुआत में रूसी सेना ने बखमुत में जाने वाले मार्गों पर धीरे-धीरे कब्जा किया। बाद में शहर की लड़ाई इंच-दर-इंच टुकड़ों में बदल गई, जिसके लिए यूक्रेनी सेना हर दिन दर्जनों हमले कर रही थी। पश्चिम की ओर केवल दो सड़कें रूसी नियंत्रण से बाहर हैं। उधर शहर को दोबारा वापस लेने की कोशिश कर रहे यूक्रेनी बलों के लिए ये कदम घातक साबित हुए। इससे पहले कि वे शहर के मध्य से होते हुए अपना दावा करते वैगनर सैनिकों ने पहले ही उत्तर से शहर को घेर लिया।
जनवरी में वैगनर ने पास के शहर सोलेदार पर दावा किया और बाद में बखमुत के उत्तर में कई गांवों को अपने कब्जे में ले लिया। इन कार्रवाइयों से यूक्रेन के इस शहर की लड़ाई तेजी से खतरनाक हो गई, लेकिन जब मॉस्को की सेना सीमित हो गई और अधिकांश निवासी भाग गए, तब भी यूक्रेनी नागरिकों का एक छोटा समूह खंडहर बन चुके शहर में रहा। कभी शराब की ब्रांड के लिए मशहूर रहे शहर में युद्ध से पहले लगभग 70,000 लोग रहते थे। इस साल मार्च तक, शहर की आबादी घटकर 4,000 आ गई। अब शहर का अधिकांश हिस्सा मलबे में तब्दील हो चुका है।
2023 के शुरुआत में रूसी सेना ने बखमुत में जाने वाले मार्गों पर धीरे-धीरे कब्जा किया। बाद में शहर की लड़ाई इंच-दर-इंच टुकड़ों में बदल गई, जिसके लिए यूक्रेनी सेना हर दिन दर्जनों हमले कर रही थी। पश्चिम की ओर केवल दो सड़कें रूसी नियंत्रण से बाहर हैं। उधर शहर को दोबारा वापस लेने की कोशिश कर रहे यूक्रेनी बलों के लिए ये कदम घातक साबित हुए। इससे पहले कि वे शहर के मध्य से होते हुए अपना दावा करते वैगनर सैनिकों ने पहले ही उत्तर से शहर को घेर लिया।
जनवरी में वैगनर ने पास के शहर सोलेदार पर दावा किया और बाद में बखमुत के उत्तर में कई गांवों को अपने कब्जे में ले लिया। इन कार्रवाइयों से यूक्रेन के इस शहर की लड़ाई तेजी से खतरनाक हो गई, लेकिन जब मॉस्को की सेना सीमित हो गई और अधिकांश निवासी भाग गए, तब भी यूक्रेनी नागरिकों का एक छोटा समूह खंडहर बन चुके शहर में रहा। कभी शराब की ब्रांड के लिए मशहूर रहे शहर में युद्ध से पहले लगभग 70,000 लोग रहते थे। इस साल मार्च तक, शहर की आबादी घटकर 4,000 आ गई। अब शहर का अधिकांश हिस्सा मलबे में तब्दील हो चुका है।