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शोध के खुलासा, जानवरों की बजाए इंसानों को ज्यादा प्रभावित करता है कोरोना वायरस
Tue, 19 May 2020 02:47 PM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 19 May 2020 02:47 PM IST
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जानवरों की बजाय मानव कोशिकाओं को प्रभावित करता है कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक शोध में दावा किया है कि कोरोना वायरस आदर्श रूप से जानवरों की बजाय मानव कोशिकाओं को संक्रमित करने के लिए उपयुक्त है। इससे वायरस की उत्पत्ति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस वायरस के कारण मंगलवार तक विश्व में 3.18 लोगों की मौत हो गई जबकि 4.8 मिलियन संक्रमित हैं।
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'इन सिलिको' या 'कंप्यूटर सिमुलेशन विधि' के जरिए शोधकर्ताओं को जो डाटा मिला उससे पता चला है कि सार्स-कोव-2 विशिष्ट रूप से मनुष्यों को संक्रमित करने के लिए अनुकूलित वायरस है। इससे इस बात को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या यह प्रकृति से उपजा है या फिर इसकी उत्पत्ति कहीं और हुई है।
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भारत के दो प्रशिक्षितों (साक्षी पिपलानी और पुनीत सिंह) सहित चार शोधकर्ताओं की एक टीम ने मनुष्यों और पैंगोलिन सहित कई जानवरों पर कोविड-19 वायरस के स्पाइक प्रोटीन के संबंध का परीक्षण किया। शोध में पता चला, 'विशेष रूप से सार्स-कोव-2 स्पाइक प्रोटीन में मानव एसीई2 (कोशिकाओं का एक रिसेप्टर) के लिए सबसे ज्यादा ऊर्जा मौजूद है, जो चमगादड़ सहित सभी अन्य परीक्षण की गई प्रजातियों से ज्यादा है। अभी तक चमगादड़ को इस वायरस का कारण माना जाता है। यह इस ओर संकेत देता है कि सार्स-कोव-2 एक अत्यधिक मानव अनुकूलित रोग है।'
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अध्ययन अभी तक सहकर्मी-समीक्षित (पियर रिव्यू) है और अब यह अमेरिका आधारित कॉर्नेल विश्वविद्यालय के प्री-प्रिंट सर्वर पर उपलब्ध है। एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने कहा कि शोध प्रशंसनीय है लेकिन इसका समर्थन करने के लिए दिए गए सबूत हल्के हैं। वहीं चीन लगातार उस अंतरराष्ट्रीय शोध को खारिज करता रहा है जिसमें कहा गया था कि वायरस की उत्पत्ति वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में एक हाई-सिक्योरिटी बायोलॉजी लैब में हुई थी। बता दें कि सबसे पहले कोरोना वायरस का मामला चीन के वुहान में सामने आया था। हालांकि चारों शोधकर्ता वायरस के मनुष्यों के अनुकूल होने की दर से हैरान हैं।
मुख्य शोधकर्ता, चिकित्सक और वैक्सीनोलॉजिस्ट निकोलाई पेत्रोव्स्की ने कहा, 'आमतौर पर वायरस अपनी सामान्य होस्ट प्रजातियों की कोशिकाओं को कसकर पकड़ लेता है और पहले से संक्रमित न हुई प्रजातियों पर उसकी पकड़ ढीली होती है। कोविड-19 के साथ आश्चर्य की बात यह है कि यह किसी भी अन्य प्रजाति की तुलना में मानव कोशिकाओं को कसकर पकड़े रहता है। या तो यह एक बड़ा संयोग है या फिर अतीत में कोविड-19 किसी भी तरह से मानव कोशिकाओं के अनुकूल रहा है।' इस शोध में शामिल चौथे शोधकर्ता का नाम डेविड विंकलर है।