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अंतरराष्ट्रीय अदालत में रोहिंग्याओं के मुद्दे पर सुनवाई कल से, म्यांमार का बचाव करेंगी सू की
Mon, 09 Dec 2019 03:43 AM IST
आसिम खान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 09 Dec 2019 03:43 AM IST
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आंग सान सू की (फाइल फोटो)
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नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित आंग सान सू की रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार के आरोपों का अंतरराष्ट्रीय अदालत में अपने देश म्यांमार का बचाव करेंगी। रोहिंग्या मुस्लिमों के नरसंहार और लाखों की संख्या में उनके पलायन का मामला अब हेग स्थित संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) की चौखट तक पहुंच चुका है। इस पर 10 दिसंबर से सुनवाई होनी है।
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आईसीजे में सू की अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। सुनवाई में शामिल होने और म्यांमार का बचाव करने के लिए नोबेल विजेता सू की नीदरलैंड के लिए रवाना हो चुकी हैं। सू की नीदरलैंड की रवानगी से पहले बड़ी संख्या में लोगों उनके समर्थन में रैली निकाली। उनके कुछ समर्थक नीदरलैंड की राजधानी हेग भी पहुंच चुके हैं। हालांकि, उनके इस कदम से मानवाधिकार संगठन और कार्यकर्ता हैरान हैं। रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार पर सू की चुप्पी पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। इतना ही नहीं, उनसे नोबेल पुरस्कार वापस लेने की भी मांग उठ चुकी है।
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57 मुस्लिम राष्ट्रों की तरह से अफ्रीकी देश गाम्बिया ने म्यांमार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत में अपील दायर की है। गाम्बिया ने आईसीजे से म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों के नरसंहार को रोकने के लिए अंतरिम उपायों की घोषणा करने की मांग की है। इन देशों का आरोप है कि दो साल पहले म्यांमार की सेना ने बड़ी संख्या में रोहिंग्याओं का कत्ल किया गया। सेना की कार्रवाई से बचने के लिए 10 लाख से अधिक रोहिंग्याओं को म्यांमार से भागकर बांग्लादेश जैसे देशों में शरण लेना पड़ा।
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