फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   At NAM, India says any support or cover-up of terrorism will 'come back to bite those who do so'

Terrorism: 'आतंकवाद को किसी भी तरह का समर्थन करने वालों को ही भुगतना पड़ेगा', NAM में भारत का कड़ा संदेश

Thu, 16 Oct 2025 06:38 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कंपाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कंपाला Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 16 Oct 2025 06:38 PM IST
सार

19वी एनएएम मध्यावधि मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत ने साफ कहा कि जो देश आतंक को राज्य नीति बनाते हैं, आतंक के ठिकानों को बढ़ावा देते हैं या आतंकियों को नायक की तरह पेश करते हैं, उन्हें वैश्विक मंच पर निंदा झेलनी चाहिए। मंत्री ने एनएएम देशों से आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' का रुख अपनाने की अपील की।

विज्ञापन
At NAM, India says any support or cover-up of terrorism will 'come back to bite those who do so'
युगांडा में विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह - फोटो : X @KVSinghMPGonda

विस्तार

युगांडा की राजधानी कंपाला में हो रही 19वी एनएएम मध्यावधि मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत ने आतंकवाद पर सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि 'आतंकवाद को किसी भी तरह का समर्थन, बचाव या छिपाने की कोशिश अंत में उन्हीं देशों को भारी पड़ेगी जो ऐसा करते हैं।'
विज्ञापन


आतंकवाद पर 'जीरो टॉलरेंस' की मांग
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बैठक में भारत की ओर से बोलते हुए कहा कि आतंकवाद एक साझा खतरा है, जिससे निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, 'दशकों से भारत सीमा पार आतंकवाद का शिकार रहा है। हाल ही में 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या की गई।'
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Pakistan: खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, टीटीपी के 34 आतंकियों को किया ढेर
विज्ञापन
विज्ञापन


'सभी NAM देश समझते हैं आतंकवाद की चुनौती'
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि लगभग हर एनएएम सदस्य देश आतंकवाद की चुनौती को समझता है, लेकिन कुछ देशों का रवैया चिंताजनक है। उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि उसने टीआरएफ का बचाव करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस हमले पर सार्वजनिक बयान को कमजोर करने की कोशिश की। इसके अलावा, उन्होंने पाकिस्तान के मित्र देश के रूप में चीन का भी परोक्ष उल्लेख किया।


वैश्विक मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण
कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि आतंकवाद के अलावा जलवायु परिवर्तन, कर्ज का बोझ, आपूर्ति श्रृंखलाओं की नाजुकता और तकनीकी खाई जैसे मुद्दों ने दुनिया को अस्थिर बना दिया है। उन्होंने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को 1945 की सोच में जकड़ा बताया और कहा कि इसे नए दौर के हिसाब से बदलना होगा। भारत ने एनएएम मंच को 'ग्लोबल साउथ' यानी विकासशील देशों की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने का जरिया बताया। कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा, 'हमें निष्पक्ष व्यापार, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, सीमापार आतंकवाद पर अंकुश और तकनीक को विकास के लिए साझा करने की दिशा में मिलकर काम करना होगा।'

यह भी पढ़ें - Greta Thunberg: 'मुझे बांधा, प्रताड़ित किया और धमकाया', ग्रेटा थनबर्ग ने इस्राइली 'यातना' पर अब तोड़ी चुप्पी

सुधार की जरूरत पर जोर
भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार की मांग दोहराई, ताकि वे वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शा सकें। कीर्ति वर्धन सिंह ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए न्यायसंगत और पर्याप्त वित्तपोषण की आवश्यकता बताई। अंत में उन्होंने कहा, 'भारत एनएएम के सिद्धांतों और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है और आंदोलन को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।' इस समय एनएएम के 120 सदस्य देश, 18 पर्यवेक्षक देश और 10 पर्यवेक्षक संगठन हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed