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Pakistan: भारत से लाहौर पहुंचे 70 हिंदू तीर्थयात्री, कटास राज मंदिरों में करेंगे धार्मिक अनुष्ठान
Thu, 19 Dec 2024 06:29 PM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 19 Dec 2024 06:29 PM IST
सार
पाकिस्तान में कटास राज मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए करीब 70 हिंदू तीर्थयात्री गुरुवार को भारत से लाहौर पहुंचे। उनका यहां गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
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भारत से लाहौर पहुंचे हिंदू तीर्थयात्री
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पड़ोसी देश पाकिस्तान में कई हिंदू मंदिर हैं। इन्हीं में से एक है कटास राज मंदिर। इस मंदिर और कई अन्य मंदिरों के दर्शन के लिए भारत से करीब 70 हिंदू तीर्थ यात्रियों का जत्था लाहौर पहुंच गया है।
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जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चकवाल जिले में स्थित कटास राज मंदिरों के दर्शन के लिए भारत के 70 हिंदू तीर्थयात्रियों का जत्था वाघा बॉर्डर के रास्ते लाहौर पहुंचा। पाकिस्तान और भारत के बीच धार्मिक स्थलों की यात्श्रा के लिए एक द्विपक्षीय समझौता है, जिसके तहत भारत से सिख और हिंदू तीर्थयात्री प्रतिवर्ष पाकिस्तान जाते हैं। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के तीर्थयात्री भी इसी समझौते के तहत हर साल भारत आते हैं। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सिख समुदाय के लोग स्वर्णमंदिर के दर्शन करते हैं। पाकिस्तान के तीर्थयात्री अजमेर में ख्वाजाजी की दरगाह के दर्शन भी करते हैं।
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तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत
कटास राज मंदिर, कई हिंदू मंदिरों का एक परिसर है, जो एक पवित्र तालाब कटास के आसपास स्थित है, जिसे हिंदू पवित्र मानते हैं। इसे किला कटास नाम से भी जाना जाता है। विजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में तीर्थयात्री वाघा सीमा पार करके लाहौर पहुंचे थे और उनका पाकिस्तान हिंदू मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कृष्णा शर्मा और अतिरिक्त सचिव (श्राइन) सैफुल्लाह खोखर ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
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लाहौर से 300 किमी दूर मंदिर
इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के प्रवक्ता गुलाम मोहयुद्दीन ने कहा, 'कटास राज मंदिरों में होने वाले उत्सव में शामिल होने के लिए करीब 71 हिंदू गुरुवार को यहां पहुंचे। तीर्थयात्री शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच विशेष बसों से लाहौर से करीब 300 किलोमीटर दूर चकवाल स्थित कटास राज मंदिर जाएंगे।'
इस दिन समाप्त होगी यात्रा
21 दिसंबर को ये तीर्थयात्री कटास राज मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान करेंगे, जिसमें भानु सप्तमी और दीप माला की शाम की रस्में शामिल हैं। सात दिन की यात्रा 25 दिसंबर को समाप्त होगी और तीर्थयात्री उसी दिन भारत वापस लौट आएंगे। तीर्थयात्रियों ने पाकिस्तान में उनके स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी यात्रा शांति और प्रेम का संदेश देती है।
कृष्णा शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदू पूजा स्थल सुरक्षित हैं और उनका रखरखाव किया जा रहा है। वहीं, खोखर ने कहा कि ईटीपीबी के अध्यक्ष सैयद अताउर रहमान के निर्देशों के तहत, हिंदू तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा, आवास और परिवहन सहित व्यापक व्यवस्था की गई है।
यह तैयारियां की गईं
हाल ही में, कटास राज मंदिरों के पास एक 36 कमरे का आवासीय परिसर भी बनाया गया है, ताकि भारत और दुनिया भर से आने वाले हिंदू तीर्थयात्रियों को यहां ठहरने की पूरी सुविधाएं मिल सकें। इस निर्माण के लिए 190 मिलियन पाकिस्तानी रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा, मंदिर परिसर में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए 6,000 पौधे लगाए गए हैं और आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।