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अमेरिका और चीन के बीच तनातनी के कारण असफल हुआ एपेक सम्मेलन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 19 Nov 2018 07:38 AM IST
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अमेरिका और चीन की तनातनी और जुबानी जंग के कारण एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) सम्मेलन असफल हो गया। दोनों महाशक्तियों एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। इस कारण एशिया प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के नेता रविवार को अपने मतभेदों को दूर करने में नाकाम रहे। एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि सदस्य देशों के नेता व्यापार नीति पर गहरे मतभेद के चलते औपचारिक लिखित उद्घोषणा पर सहमत नहीं हो पाए।
सम्मेलन के असफलता स्वीकार करते हुए आयोजक पापुआ न्यू गिनी के पीएम पीटर ओ नील ने कहा, ‘आप जानते हैं दो बड़े दिग्गज कमरे में हैं। मैं क्या कह सकता हूं।’ कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रूदो ने सम्मेलन की असफलता को स्वीकार करते हुए कहा व्यापार के सिलसिले में कुछ मुद्दों पर अलग-अलग दृष्टिकोण थे, जिससे उद्घोषणा दस्तावेज पर सहमति नहीं बन पाई।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियोलोंग ने कहा, ‘नेताओं के बीच इस बात पर सहमति बनी कि नेताओं की पारंपरिक उद्घोषणा के बजाय वे पापुआ न्यू गिनी को (एपेक) अध्यक्ष के तौर पर सभी सदस्य देशों की ओर से अध्यक्षीय बयान जारी करने की जिम्मेदारी देते हैं।’ पापुआ न्यू गिनी में पहली बार यह वार्षिक सम्मेलन हुआ है। इसमें चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग और अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस के भाषणों का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिला।
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सम्मेलन के असफलता स्वीकार करते हुए आयोजक पापुआ न्यू गिनी के पीएम पीटर ओ नील ने कहा, ‘आप जानते हैं दो बड़े दिग्गज कमरे में हैं। मैं क्या कह सकता हूं।’ कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रूदो ने सम्मेलन की असफलता को स्वीकार करते हुए कहा व्यापार के सिलसिले में कुछ मुद्दों पर अलग-अलग दृष्टिकोण थे, जिससे उद्घोषणा दस्तावेज पर सहमति नहीं बन पाई।
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चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियोलोंग ने कहा, ‘नेताओं के बीच इस बात पर सहमति बनी कि नेताओं की पारंपरिक उद्घोषणा के बजाय वे पापुआ न्यू गिनी को (एपेक) अध्यक्ष के तौर पर सभी सदस्य देशों की ओर से अध्यक्षीय बयान जारी करने की जिम्मेदारी देते हैं।’ पापुआ न्यू गिनी में पहली बार यह वार्षिक सम्मेलन हुआ है। इसमें चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग और अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस के भाषणों का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिला।
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विवाद के बाद बुलानी पड़ी पुलिस
खबर है कि चीन के अधिकारियों ने शनिवार को पापुआ न्यू गिनी के विदेश मंत्री के कार्यालय में घुसने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस बुलाई गई थी। सूत्रों ने बताया कि चीनी प्रतिनिधियों ने सम्मेलन के मसौदा बयान को अंतिम क्षणों में प्रभावित करने के प्रयास के तहत विदेश मंत्री रिम्बिंक पाटो के कार्यालय में घुसने की कोशिश की, लेकिन उन्हें घुसने नहीं दिया गया। चीनके विदेश मंत्री ने इस तरह की किसी भी घटना से इंकार किया।