US: ट्रंप प्रशासन को एक और कोर्ट से झटका, दो ट्रांसजेंडर सैनिकों को हटाने पर लगाई अस्थायी रोक
US: न्यू जर्सी के संघीय जज ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आदेश पर दो हफ्ते की रोक लगाई, जिसमें ट्रांसजेंडर सैनिकों को वायुसेना से हटाने की बात कही गई थी। जज ने कहा कि यह नीति भेदभावपूर्ण है और इससे सैनिकों के करियर और सम्मान को नुकसान पहुंचेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
न्यू जर्सी के एक संघीय जज ने वायु सेना से दो ट्रांसजेंडर सैनिकों को निकालने पर अस्थायी रोक लगा दी है। इससे पहले पिछले हफ्ते वॉशिंगटन के एक जज ने भी ऐसा ही फैसला दिया था। सोमवार को सुनवाई के बाद यूएस डिस्ट्रिक्ट जज क्रिस्टीन ओ'हेर्न ने कहा कि इन दोनों के हटने से उनके करियर और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
जज ओ'हेर्न ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस आदेश पर दो हफ्ते तक रोक लगा दी, जिसमें ट्रांसजेंडर लोगों को सैन्य सेवा में शामिल होने से प्रतिबंधित किया गया था। ओ'हेर्न ने पाया कि मास्टर सार्जेंट लोगान आयरलैंड और स्टाफ सार्जेंट निकोलस बेयर बाडे को उनके लिंग के आधार पर अलग किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिवादी इस भेदभावपूर्ण व्यवहार को उचित नहीं ठहरा सकते हैं। जज ने अपने आदेश में लिखा, लिंग पहचान को निशाना बनाने वाली नीति के कारण सैन्य सेवा से हटाया जाना न केवल रोजगार का नुकसान है, बल्कि यह निजी सम्मान, चिकित्सा देखभाल की निरंतरता और सार्वजनिक सेवा में व्यवधान है।
ये भी पढ़ें: US: कोलोराडो स्टेट कैपिटल से डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर को हटाने का फैसला, राष्ट्रपति ने जताई थी आपत्ति
पेंटागन ने इस फैसले पर टिप्पणी के लिए भेजे गए ईमेल का तुरंत जवाब नहीं दिया। आदेश में कहा गया, दोनों सैनिकों को पहले ही प्रशासनिक अवकाश पर भेज दिया गया है। आयरलैंड को न्यू जर्सी के ज्वाइंट बेस मैकगायर-डिक्स लेकहर्स्ट में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम से और बाडे को कुवैत में तैनाती से हटा दिया गया है।
कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, आयरलैंड के पास 14 से अधिक वर्षों की सैन्य सेवा का अनुभव है और वह अफगानिस्तान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात में तैनात रह चुके हैं। वहीं, बाडे छह वर्षों से अधिक समय से सेवा में हैं। दोनों सैनिकों को कई पुरस्कार और पदक मिल चुके हैं।
ये भी पढ़ें: Turkiye: इमामोग्लू को जेल भेजे जाने के खिलाफ प्रदर्शन तेज, कई पत्रकारों को घरों से किया गया गिरफ्तार
जज ने आगे कहा, याचिकाकर्ताओं का जबरन सम्मानजनक सैनिक का दर्जा खोना, सैन्य स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित होना और उस नीति के तहत अपने देश की सेवा करने की क्षमता गंवाना, जिसका वे वर्षों से पालन कर रहे थे, केवल पैसे से ठीक नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रपति ट्रंप ने 27 जनवरी को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कहा गया कि ट्रांसजेंडर सैनिकों की लैंगिक पहचान एक सैनिक की सम्मानजनक, ईमानदार और अनुशासित जीवनशैली के प्रति प्रतिबद्धता से टकराती है, यहां तक कि उनकी निजी जिंदगी में भी। यह सैन्य तैयारियों के लिए नुकसानदायक है।
संबंधित वीडियो-
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.