बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या: दो हफ्ते में इस तरह की तीसरी घटना, फैक्टरी में साथी गार्ड ने मारी गोली
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आ रही है। मंगलवार को भी एक हिंदू शख्स की गोली लगने से मौत हो गई। घटना एक कपड़ा फैक्टरी में हुई। जहां बजेंद्र बिस्वास गलती से चली गोली के शिकार हो गए।
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बांग्लादेश के एक और हिंदू व्यक्ति की हत्या कर दी गई है। दो हफ्ते के दौरान इस तरह की यह तीसरी हत्या है। यह घटना मैमनसिंह जिले के भालुका उपजिला में लबीब समूह की कपना फैक्टरी सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड में हुई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की पहचान बजेंद्र बिस्वास (40) के रूप में हुई है, जो कारखाने में तैनात अंसार सदस्य थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नोमान मियां (29) भी उसी इकाई में अंसार सदस्य के रूप में कार्यरत था। बांग्लादेश में, अंसार गृह मंत्रालय के अधीन एक वर्दीधारी सहायक बल है। अंसार के सदस्यों को आंतरिक सुरक्षा में तैनात किया जाता है, जिसमें सरकारी कार्यालयों, कारखानों, औद्योगिक इकाइयों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा शामिल है। उन्हें सरकारी हथियार दिए जाते हैं।
रिपोर्ट में पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया है कि सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड कारखाने में कुल 20 अंसार सदस्य ड्यूटी पर थे। घटना के समय, नोमान मियां और बजेंद्र दास बैरक में एक साथ बैठे थे। इस दौरान नोमान ने अपनी सरकारी बंदूक बजेंद्र बिस्वास के बाई जांघ पर सटाकर बोला, क्या मैं गोली चला दूं। और फिर उसने गोली चला दी। इसके बाद नोमान मौके से फरार हो गया। अंसार के अन्य सदस्य बजेंद्र को तुरंत उपजिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के चश्मदीद और अंसार सदस्य एपीसी मोहम्मद अजहर अली ने बताया कि घटना से पहले उसने नोमान और ब्रजेंद्र के बीच कोई बहस या विवाद भी नहीं देखा था।
आरोपी नोमान गिरफ्तार
मैमनसिंह जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (वित्त एवं प्रशासन) मोहम्मद अब्दुल्ला अल मामून ने बताया कि आरोपी नोमान को तत्काल कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में प्रयुक्त हथियार को भी बरामद कर लिया गया है। घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए गहन जांच शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मैमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर भेज दिया गया है और कानूनी कार्यवाही जारी है।
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इससे पहले शनिवार को राजबारी जिले में अमृत मंडल नाम के हिंदू शख्स को पीट-पीट कर मार डाला गया था। 18 दिसंबर को इसी भालुका इलाके में दीपू चंद्र दास नामक हिंदू युवक को कथित तौर पर पीट-पीटकर, निर्वस्त्र कर और जिंदा जलाकर मार डालने की घटना सामने आई थी। वहीं रविवार को
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश सरकार ने अल्पसख्यकों की सुरक्षा सख्त करने का दावा किया है। इसी महीने दो अन्य हिंदुओं की भी हत्या कर दी गई थी। 18 दिसंबर को मैमनसिंह जिले के भालुका क्षेत्र में दीपू चंद्र दास की ईशनिंदा में पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी और बाद में उसके शव को पेड़ पर लटका कर जला दिया गया था। इसके कुछ दिन बाद ही एक अन्य हिंदू युवक की भी पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। अंतरिम सरकार ने इसे सांप्रदायिक घटना न मानकर आपराधिक घटना बताया था।