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Egypt: मिस्र में मिली बुद्ध की मूर्ति, संस्कृत में लिखा शिलालेख
Mon, 01 May 2023 06:00 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काहिरा
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 01 May 2023 06:00 AM IST
सार
मूर्ति के पैरों के करीब कमल का फूल है। पुरातात्विक मिशन की पॉलिश टीम की प्रमुख डॉ. मारियस गोयजादा ने कहा, खोजी गई मूर्ति पत्थर से बनी है। इस पत्थर को इस्तांबुल के दक्षिण में एक क्षेत्र से निकाला गया था।
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भगवान बुद्ध
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मिस्र के बेरेनिस बंदरगाह के करीब खोदाई में भगवान बुद्ध की प्राचीन मूर्ति मिली है। यह मूर्ति रोमन शासन के दौरान भारत व मिस्र के व्यापारिक संबंधों पर प्रकाश डालती है। रोमन शासन 27 ईसा पूर्व से 476 ईस्वी तक रहा था। यहां से संस्कृत में लिखा एक शिलालेख भी मिला है। वहीं, मंदिर के बारे में ग्रीक में लिखा शिलालेख भी मिला है।
मूर्ति के पैरों के करीब कमल का फूल है। पुरातात्विक मिशन की पॉलिश टीम की प्रमुख डॉ. मारियस गोयजादा ने कहा, खोजी गई मूर्ति पत्थर से बनी है। इस पत्थर को इस्तांबुल के दक्षिण में एक क्षेत्र से निकाला गया था। पुरातत्व की सर्वोच्च परिषद के महासचिव डॉ. मुस्तफा वजीरी ने कहा कि बुद्ध प्रतिमा की खोज ने रोमन युग के दौरान मिस्र और भारत के बीच व्यापार संबंधों के अस्तित्व का महत्वपूर्ण सबूत प्रदान किया। यह मंदिर यहां आने वाले भारतीय व्यापारियों के लिए बनाया गया था।
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मूर्ति के पैरों के करीब कमल का फूल है। पुरातात्विक मिशन की पॉलिश टीम की प्रमुख डॉ. मारियस गोयजादा ने कहा, खोजी गई मूर्ति पत्थर से बनी है। इस पत्थर को इस्तांबुल के दक्षिण में एक क्षेत्र से निकाला गया था। पुरातत्व की सर्वोच्च परिषद के महासचिव डॉ. मुस्तफा वजीरी ने कहा कि बुद्ध प्रतिमा की खोज ने रोमन युग के दौरान मिस्र और भारत के बीच व्यापार संबंधों के अस्तित्व का महत्वपूर्ण सबूत प्रदान किया। यह मंदिर यहां आने वाले भारतीय व्यापारियों के लिए बनाया गया था।
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