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Hindi News ›   World ›   An earthquake of over magnitude 5 on the Richter scale hit Pakistan National Center for Seismology

Earthquake: पाकिस्तान में 29 मिनट में दो बार आया भूकंप, 5.5 और 5.8 रही तीव्रता; जम्मू-कश्मीर में भी कांपी धरती

Sat, 12 Apr 2025 02:14 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 12 Apr 2025 02:14 PM IST
सार

पाकिस्तान में आए भूकंप से पहले नेपाल में 4 अप्रैल और ताइवान में 9 अप्रैल को भूकंप के झटके लगे थे। इसका असर उत्तर भारत में भी महसूस हुआ था। पहला झटका 5.2 और दूसरा 5.5 तीव्रता का बताया गया। इससे पहले म्यांमार मं 28 मार्च को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने जमकर तबाही मचाई थी।

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An earthquake of over magnitude 5 on the Richter scale hit Pakistan National Center for Seismology
पाकिस्तान में भूकंप - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान में शनिवार को आधे घंटे के अंतराल में भूकंप के दो तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.5 और 5.8 मापी गई। पहला झटका दोपहर 12.31 बजे और दूसरा झटका एक बजे महसूस किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, दोपहर एक बजे आए भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप का असर भारत में जम्मू-कश्मीर समेत कुछ अन्य हिस्सों तक महसूस किया गया। हालांकि, अब तक भूकंप की वजह से किसी भी तरह के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है।

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इससे पहले समाचार एजेंसी पीटीआई ने राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र (एनएसएमसी) के हवाले से बताया कि पहला झटका 12.31 मिनट पर आया। भूकंप का केंद्र रावलपिंडी से 60 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में जमीन की सतह से 12 किलोमीटर की गहराई में था। इसकी तीव्रता 5.5 बताई गई।
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भूकंप के झटके पंजाब के अटक, चकवाल और मियांवाली जिलों और आस-पास के इलाकों में महसूस किए गए। इसके अलावा पेशावर, मर्दन, मोहमंद और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के शबकदर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। पाकिस्तान में अक्सर अलग-अलग तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। सबसे घातक भूकंप 2005 में आया था, जिसमें 74,000 से अधिक लोग मारे गए थे।

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इससे पहले 9 अप्रैल को ताइवान में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। केंद्रीय मौसम विभाग ने भूकंप की तीव्रता 5.8 मापी गई थी। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण के मुताबिक, 5.0 तीव्रता का भूकंप यिलान के दक्षिण-दक्षिणपूर्व में पूर्वोत्तर तट पर लगभग 21 किलोमीटर (12 मील) की दूरी पर आया। इसका केंद्र जमीन की सतह से 69 किलोमीटर (43 मील) गहराई में था।


इससे पहले थाईलैंड और म्यांमार में 28 मार्च को आए विनाशकारी भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी। त्रासदी में अब तक करीब 4000 लोगों की जान जा चुकी है। 7.7 तीव्रता के भूकंप ने देश के बड़े हिस्से को प्रभावित किया था। इससे छह राज्यों को काफी नुकसान पहुंचा था। भूकंप के कारण कई इलाकों में बिजली, टेलीफोन या सेल कनेक्शन ध्वस्त हो गए थे। सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए थे।

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भूकंप के दौरान क्या करें
भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें कि कौन-से भूकंप वास्तव में इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है। धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।

यदि आप घर के अंदर हों
  • आप यदि घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाएं, किसी मजबूत मेज अथवा फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे शरण लें या तब तक मजबूती से पकड़कर बैठे रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं।
  • यदि आपके पास कोई मेज या डेस्क न हो तो अपने चेहरे तथा सिर को अपने बाजुओं से ढक लें और बिल्डिंग के किसी कोने में झुक कर बैठ जाएं।
  • किसी आंतरिक दरवाजे के लेंटर, किसी कमरे के कोने में, किसी मेज या यहां तक कि किसी पलंग के नीचे रुककर अपने आपको बचाएं।
  • सीसे, खिड़कियों, दरवाजों तथा दीवारों से दूर रहें या ऐसी कोई चीज जो गिर सकती हो (जैसे लाइटिंग फिक्सचर्स या फर्नीचर), से दूर रहें।

यदि आप घर के बाहर हों
  • यदि आप घर के बाहर हों तो जहां हों वहां से आप न हिलें। इसके साथ ही बिल्डिंग, पेड़ों, स्ट्रीट लाइटों तथा बिजली/टेलीफोन आदि की तारों आदि से दूर रहें।
  • यदि आप किसी खुली जगह पर हों तो वहां तब तक रुके रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। सबसे बड़ा खतरा बिल्डिंग के बाहर, निकास द्वारों तथा इसकी बाहरी दीवारों के पास होता है। भूकंप से संबंधित अधिकांश दुर्घटनाएं दीवारों के गिरने, टूटकर गिरने वाले कांच तथा गिरने वाली वस्तुओं के कारण होती हैं।  

यदि किसी चलते वाहन में हों
  • जितनी जल्दी संभव हो सुरक्षा के साथ गाड़ी रोकें तथा गाड़ी में रुके रहें। बिल्डिंग, पेड़ों, ओवरपास, बिजली/टेलीफोन आदि की तारों के पास या नीचे रुकने से बचें।
  • सावधानी से भूकंप के रुकने के बाद आगे बढ़ें अथवा सड़कों, पुलों, रैम्प से बचें जो भूकंप द्वारा क्षतिग्रस्त हुए हो सकते हैं।


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