कनाडा में दो भारतीय मूल के नेता बने मेयर: हर्षन ने पहली बार मारी बाजी, सुरिंदरपाल ने फिर लहराया जीत का परचम
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में हुए स्थानीय चुनावों में भारतीय मूल के दो नेताओं ने मेयर पद पर जीत दर्ज की है। हर्षन रामदास फर्नी के नए मेयर चुने गए, जबकि सुरिंदरपाल राठौर दूसरी बार विलियम्स लेक के मेयर बने। रामदास को कितने वोट मिले? राठौर ने अपने प्रतिद्वंद्वी को कितने मतों से हराया? भारत से कनाडा पहुंचे राठौर का राजनीतिक सफर कैसा रहा और उन्होंने जीत के बाद क्या कहा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में हुए स्थानीय चुनावों में भारतीय मूल के दो नेताओं ने मेयर पद पर जीत दर्ज की है। भारत में जन्मे हर्षन रामदास फर्नी शहर के नए मेयर चुने गए हैं, जबकि सुरिंदरपाल राठौर ने विलियम्स लेक के मेयर पद पर दोबारा जीत हासिल की है। दोनों नेताओं की जीत ने स्थानीय चुनावों में भारतीय मूल के लोगों की राजनीतिक भागीदारी को चर्चा में ला दिया है।
क्या है पूरा मामला और कब हुए चुनाव?
ब्रिटिश कोलंबिया में शनिवार को 2026 के स्थानीय चुनाव हुए थे। इनमें मेयर और नगर पार्षदों के साथ क्षेत्रीय जिला निदेशकों, स्कूल बोर्ड के ट्रस्टियों और कुछ अन्य स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के लिए भी मतदान हुआ। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हर्षन रामदास और सुरिंदरपाल राठौर की जीत सामने आई। रामदास ने फर्नी में अपने प्रतिद्वंद्वी काइल हैमिल्टन को हराया, जबकि राठौर विलियम्स लेक में दूसरी बार मेयर चुने गए।
हर्षन रामदास को कितने वोट मिले और उन्होंने क्या कहा?
भारत में जन्मे हर्षन रामदास ने फर्नी के मेयर पद के चुनाव में 1,524 वोट हासिल किए। उन्हें कुल मतदान का 54.5 प्रतिशत वोट मिला, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी काइल हैमिल्टन को 1,194 वोट मिले। जीत के बाद रामदास ने कहा कि फर्नी के लोगों ने आगे बढ़ने का स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने सहयोग, जवाबदेही और शहर के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही। रामदास ने मतदाताओं का भरोसा जताने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
सुरिंदरपाल राठौर ने कितने वोटों से जीत दर्ज की?
विलियम्स लेक में भारतीय मूल के सुरिंदरपाल राठौर ने मेयर पद पर दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्हें 2,116 वोट मिले और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी वॉल्ट कॉब को एक हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया। जीत के बाद राठौर ने अपने परिवार, चुनाव अभियान की टीम और शहर के लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वह मेयर के रूप में लोगों की सेवा जारी रखने के लिए तैयार हैं।
भारत से कनाडा पहुंचे राठौर का राजनीतिक सफर कैसा रहा?
सुरिंदरपाल राठौर वर्ष 1974 में भारत से कनाडा पहुंचे थे। उस समय उनकी उम्र 21 साल थी। उन्होंने वर्ष 1993 में पहली बार विलियम्स लेक की नगर परिषद के सदस्य के रूप में चुनाव जीता। मेयर बनने से पहले वह 20 साल से अधिक समय तक नगर पार्षद के रूप में काम कर चुके थे। वर्ष 2022 में वह पहली बार मेयर चुने गए थे। इससे पहले 2014 और 2018 के चुनावों में उन्हें वॉल्ट कॉब से हार का सामना करना पड़ा था।