फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Amid map controversy Nepal awards note printing contract to Chinese company

Map Controversy: नक्शा विवाद के बीच नेपाल ने चीनी कंपनी को दिया नोट छपाई का ठेका, इतने करोड़ नोटों का करार

Mon, 01 Dec 2025 04:40 AM IST
लव गौर अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: लव गौर Updated Mon, 01 Dec 2025 04:40 AM IST
सार

नक्शा विवाद के बीच नेपाल ने चीनी कंपनी को नोट छपाई का ठेका दिया है। नेपाल राष्ट्रीय बैंक (एनआरबी) ने चाइना बैंक नोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन को 50, 500 व 1,000 के नेपाली रुपये के नोट छापने का ठेका दिया है।

विज्ञापन
Amid map controversy Nepal awards note printing contract to Chinese company
नेपाल ने चीनी कंपनी को दिया नोट छपाई का ठेका (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

नेपाली नोट पर अंकित नक्शे को लेकर जारी विवाद के बीच काठमांडो ने विभिन्न मूल्यों के अपने नोटों की छपाई का ठेका चीनी कंपनी को दे दिया है। 100 रुपये के नेपाली नोट पर अंकित नक्शे में भारत के तीन क्षेत्रों को अपने हिस्से में दर्शाया गया है।
विज्ञापन


नेपाल राष्ट्रीय बैंक (एनआरबी) के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल ने बताया कि एनआरबी ने चाइना बैंक नोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन को 50, 500 व 1,000 के नेपाली रुपये के नोट छापने का ठेका दिया है। पौडेल ने कहा कि हाल में दिए गए ठेके के अनुसार चीनी प्रेस नौ महीने के भीतर नेपाली बैंक नोटों का डिजाइन, प्रिंट व आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। एनआरबी चीनी कंपनी को जानकारी उपलब्ध कराएगा जिसके आधार पर वह नोट को डिजाइन करेगा। डिजाइन को एनआरबी मंजूर करेगा जिसके बाद ही नोटों की छपाई होगी।
विज्ञापन


4.30 करोड़ नोटों की छपाई के लिए हुआ करार
महीने की शुरुआत में इसी चीनी कंपनी के साथ 1,000 रुपये के 4.30 करोड़ नोटों की छपाई के लिए करार हुआ था। नेपाली रुपये के 1,000 के नोट पर दूसरी चीजों के साथ सात रोडोडेंड्रोन होंगे, जो नेपाल का राष्ट्रीय फूल है। नोट पर सात प्रांत दिखाए गए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: खुलासा: नेपाल के मंदिरों और मदरसों से स्लीपर सेल की फंडिंग, सामने आया आतंका का नया मॉड्यूल

कालापानी, लिपुलेख, लिम्पियाधुरा को दिखाया अपना हिस्सा
दरअसल, नेपाल के केंद्रीय बैंक ने बृहस्पतिवार को 100 रुपये का नया नोट जारी किया है, जिसमें देश का संशोधित नक्शा छपा है। इस नक्शे में भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है। भारत ने इसको लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने नेपाल के नक्शे की निंदा की और कहा कि यह एकतरफा कृत्य है, जो जमीनी हकीकत नहीं बदलता।  नक्शे को लेकर विवाद पिछले एक साल से चल रहा है और भारत ने नेपाल को आगाह किया था कि क्षेत्रीय दावों का ऐसा कृत्रिम विस्तार स्वीकार्य नहीं होगा। 


नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) की ओर से जारी नया नोट पूर्व गवर्नर महाप्रसाद अधिकारी के हस्ताक्षर वाला है। नोट पर छपाई वर्ष 2081 बीएस (साल 2024) दर्ज है। वर्ष 2020 में तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार ने संसद से मंजूरी लेकर इन क्षेत्रों को शामिल करते हुए नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था।

ये भी पढ़ें: झूठ की मुद्रा: नेपाल के बैंक से जारी नोट ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ, कूटनीतिक शिष्टाचार का उल्लंघन और दुस्साहस..

2020 में उठा था विवाद
भारत का कहना है कि लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा उसके क्षेत्र हैं। साल 2020 में भारत ने नेपाल के संशोधित नक्शे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एकतरफा और अस्वीकार्य कदम बताया था। नेपाल की भारत से 1,850 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed