{"_id":"62685d8286282a2fc2218373","slug":"american-personalities-appealed-to-the-government-of-pakistan-improve-relations-with-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"सलाह: अमेरिकी शख्सियतों ने पाकिस्तान सरकार से की अपील, कहा- भारत से संबंधों में सुधार करें","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
सलाह: अमेरिकी शख्सियतों ने पाकिस्तान सरकार से की अपील, कहा- भारत से संबंधों में सुधार करें
Wed, 27 Apr 2022 02:30 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 27 Apr 2022 02:30 AM IST
सार
‘साउथ एशियंस अगेंस्ट टेररिज्म एंड फॉर ह्यूमन राइट्स’ (एसएएटीएच) द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि इमरान खान के सत्ता से जाने के बाद बनी शहबाज शरीफ सरकार को अशांत बलोचिस्तान प्रांत में हिंसा खत्म करने का रास्ता तलाशने के लिए वहां के लोगों से तत्काल बातचीत करनी चाहिए।
विज्ञापन
शहबाज शरीफ
- फोटो : Facebook/ShehbazSharif
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका में लोकतंत्र समर्थक बुद्धिजीवियों, नेताओं, पत्रकारों व मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समूह ने पाकिस्तान की नई सरकार से जातीय व धार्मिक संघर्षों को खत्म करने में भारत के साथ बेहतर संबंध बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा, इससे रचनात्मक भूमिका निभाने में काफी मदद मिलेगी।
विज्ञापन
‘साउथ एशियंस अगेंस्ट टेररिज्म एंड फॉर ह्यूमन राइट्स’ (एसएएटीएच) द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि इमरान खान के सत्ता से जाने के बाद बनी शहबाज शरीफ सरकार को अशांत बलोचिस्तान प्रांत में हिंसा खत्म करने का रास्ता तलाशने के लिए वहां के लोगों से तत्काल बातचीत करनी चाहिए।
विज्ञापन
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि पड़ोसी मुल्कों के साथ, खासतौर पर भारत व अफगानिस्तान के साथ रिश्ते सुधारे जाने चाहिए। एसएएटीएच के सह-संस्थापक एवं अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रह चुके हुसैन हक्कानी ने कहा कि पाकिस्तान, राजनीति के सैन्यीकरण व राजनीतिक कारणों के लिए धर्म के इस्तेमाल को समाप्त किए बगैर मौजूदा संकट से बाहर नहीं निकल सकता।
विज्ञापन
पाकिस्तान के हालात पर चिंता जताई
अमेरिका में पाकिस्तान के राजदूत रह चुके हुसैन हक्कानी ने कहा, पाकिस्तान का पूरा ध्यान अपने लोगों की समृद्धि पर केंद्रित होना चाहिए न कि किसी बेकार विचारधारा पर। पूर्व सांसद व पीपीपी के महासचिव फरहतुल्ला बाबर ने सुरक्षा प्रतिष्ठान के भीतर ‘विभाजन’ की खबरों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, जब एक गुट बहुत अधिक शक्ति अर्जित कर लेता है, तो उसके भीतर ही संघर्ष शुरू हो जाता है। वहीं, पूर्व सांसद अफरासियाब खट्टक ने ‘जनरल शाही’ को समाप्त करने का आह्वान किया।