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UNSC: 'भारत-पाकिस्तान तनाव कम करने में की मदद': अब सुरक्षा परिषद में अमेरिका ने की क्रेडिट लेने की कोशिश

Wed, 23 Jul 2025 12:38 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 23 Jul 2025 12:38 AM IST
सार

कार्यवाहक अमेरिकी प्रतिनिधि राजदूत डोरोथी शी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि दुनियाभर में जहां तक संभव हो अमेरिका विवादों से जुड़े पक्षों के साथ शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए काम करता रहता है। शी ने कहा कि पिछले तीन महीनों में ही अमेरिकी नेतृत्व ने इस्राइल और ईरान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और रवांडा और भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में सफलता हासिल की है।

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American diplomat at UNSC meeting says US leadership delivered Indo-Pak de-escalation
UNSC (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र में वाशिंगटन के शीर्ष राजनयिक ने मंगलवार को कहा कि ट्रंप प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में मदद की है। अमेरिका दुनियाभर के विवादों में मध्यस्थता और शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यवाहक अमेरिकी प्रतिनिधि राजदूत डोरोथी शी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहुपक्षवाद और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान विषय पर आयोजित संगोष्ठि में अपनी बात रखी।

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उन्होंने कहा, दुनियाभर में जहां तक संभव हो अमेरिका विवादों से जुड़े पक्षों के साथ शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए काम करता रहता है। परिषद की बैठक की अध्यक्षता पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने की। शी ने कहा कि पिछले तीन महीनों में ही अमेरिकी नेतृत्व ने इस्राइल और ईरान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और रवांडा और भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में सफलता हासिल की है। 10 मई के बाद से ट्रंप और उनके प्रशासन ने कई मौकों पर यह दावा दोहराया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में मदद की है। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे आपसी विवादों को शांति से सुलझाने की कोशिश करें और हिंसा से बचें।
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दक्षिण चीन सागर पर अंतरराष्ट्रीय फैसले को माने चीन
डोरोथी शी ने यह भी कहा कि चीन को दक्षिण चीन सागर पर अंतरराष्ट्रीय फैसले को मानना चाहिए। यह फैसला 2016 में अंतरराष्ट्रीय अदालत ने दिया था, जो फिलीपींस और चीन दोनों के लिए बाध्यकारी है। अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया कि वह इस फैसले को नहीं मान रहा और अन्य देशों के समुद्री अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है।

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डार ने जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि का उठाया मुद्दा
UNSC की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री डार ने जम्मू-कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया। भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद यह फैसला किया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक सिंधु जल संधि को निलंबित रखा जाएगा। इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी, जो पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। भारत ने हमले के जवाब में 7 मई को पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया, जिसे ऑपरेशन सिंदूर कहा गया। इसके बाद दोनों देशों में चार दिनों तक भारी गोलीबारी हुई, जो 10 मई को शांत हुई।

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