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US: अमेरिका से निकाले जा सकते हैं हजारों अफगान, अदालत ने संरक्षित दर्जा बढ़ाने से किया इनकार

Tue, 22 Jul 2025 11:19 PM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 22 Jul 2025 11:19 PM IST
सार

संघीय अपील अदालत के फैसले के बाद अमेरिका में रह रहे लगभग 11,700 अफगान नागरिकों को बहुत कठिन हालात का सामना करना पड़ सकता है। अब यह मामला अदालत में जारी मुकदमे पर निर्भर करेगा कि आगे क्या होगा।

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Thousands of Afghans in US may face deportation court refuses to extend protected status
US Flag - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका में अब हजारों अफगानों को निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है। एक संघीय अपील अदालत ने ट्रंप प्रशासन के उनके कानूनी दर्जे को समाप्त करने के फैसले को स्थगति करने से इनकार कर दिया है। 

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वर्जीनिया स्थित चौथे अमेरिकी सर्किट अपील न्यायालय के तीन न्यायाधीशों के पैनल ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) देर रात एक फैसल सुनाया, जिसमें कहा कि अफगानिस्तान और कैमरून के लोगों के लिए अस्थायी संरक्षित दर्जे को न बढ़ाने के प्रशासन के फैसले को स्थगित करने के असाधारण उपाय को उचित ठहराने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
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अदालत ने 21 जुलाई तक बढ़ाई थी अस्थायी संरक्षित दर्जे की अवधि
अफगानों के लिए अस्थायी संरक्षित दर्जे की अवधि 14 जुलाई को समाप्त हो चुकी है, लेकिन अपील अदालत ने इसे 21 जुलाई तक कुछ समय के लिए बढ़ा दिया था। हालांकि अदालत एक लंबी अवधि के स्थगन के लिए एक आपातकालीन अनुरोध पर विचार कर रही थी।
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2022 से लागू से अस्थायी संरक्षित दर्जा 
होमलैंड सुरक्षा विभाग ने मई में कहा था कि वह 60 दिनों में अफगानिस्तान के 11,700 लोगों के लिए अस्थायी संरक्षित दर्जे को समाप्त कर रहा है। 2022 से लागू यह दर्जा उन्हें काम करने की अनुमति देता है और इसका मतलब है कि सरकार उन्हें निर्वासित नहीं कर सकती।

CASA ने ट्रंप प्रशासन पर दायर किया है मुकदमा 
गैर-लाभकारी आप्रवासी वकालत समूह (CASA) ने अफगानों के साथ-साथ कैमरून के लोगों के लिए TPS निरस्तीकरण को लेकर ट्रंप प्रशासन पर मुकदमा दायर किया है। कैमरून के लोगों की TPS अवधि चार अगस्त को समाप्त हो रही है। CASA का कहना है कि TPS को खत्म करने का फैसला नस्लीय भेदभाव से प्रेरित है। एक संघीय न्यायाधीश ने मुकदमे को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी, लेकिन TPS को फिलहाल जारी रखने की CASA की मांग को ठुकरा दिया है।


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TPS खत्म होने से अफगानों और कैमरून के लोगों को आएंगी मुश्किलें
CASA ने अदालत में कहा है कि TPS खत्म होने से अफगानों और कैमरून के लोगों के सामने बहुत मुश्किलें आएंगी। उन्हें या तो अमेरिका छोड़ना पड़ेगा, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है, या फिर वे बिना किसी कानूनी स्थिति के अमेरिका में रहेंगे। सोमवार को अपने फैसले में अपील अदालत ने यह भी कहा कि कुछ TPS धारक अमेरिका में रहने के लिए दूसरी कानूनी प्रक्रियाओं के जरिये भी कोशिश कर सकते हैं। 

पहले भी सात देशों के टीपीएस खत्म करने की कोशिश कर चुका है ट्रंप प्रशासन 
TPS एक अस्थायी सुविधा है और इसे हर 18 महीने में नवीनीकृत करना पड़ता है। ट्रंप प्रशासन पहले भी सात देशों के TPS खत्म करने की कोशिश कर चुका है, जिनमें वेनेजुएला और हैती प्रमुख हैं। होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने अफगानों के TPS को समाप्त किया, तो विभाग ने अपने फैसले में कहा कि 'अफगानिस्तान की स्थिति अब बेहतर हो रही है।'

 

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