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11 साल बिस्तर पर पड़ा रहा, जब डॉक्टरों ने मानी हार तो मेडिकल की पढ़ाई कर खुद का किया इलाज
Wed, 31 Jul 2019 09:42 AM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 31 Jul 2019 09:42 AM IST
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doug lindsay (फाइल फोटो)
- फोटो : social media
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अमेरिका में 11 साल तक बिस्तर पर पड़े रहने वाले कॉलेज के छात्र का एक अनूठा किस्सा सामने आया है। इसमें छात्र की बीमारी का इलाज करने में जब सारे डॉक्टरों ने हार मान ली तो उसने खुद मेडिकल की रिसर्च पढ़ी और इसके जरिए सर्जरी करवाकर अपना इलाज खुद किया।
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अमेरिका की रॉकहर्ट्स यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाला डौग लिंडसे 1999 में जब 21 साल के थे, तब वह घर पर बेहोश होकर डाइनिंग टेबल से गिर पड़ा। जिसके बाद वह बार-बार बेहोश होने लगे। उनके दिल की धड़कन धीरे होने लगती थी। वह कमजोर महसूस करने लगे। लिंडसे एक समय में केवल 50 फीट तक ही चल सकते थे और कुछ ही मिनटों से ज्यादा नहीं खड़े हो सकते थे।
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डॉक्टर समझ नहीं पा रहे थे कि उन्हें क्या हुआ है। जब वह छोटे थे तब उसकी मां और मौसी को भी इसी तरह की बीमारी थी। डॉक्टरों ने उनकी बीमारी को थॉयराइड से जुड़ा बताया। लेकिन इलाज नहीं कर सके।
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अगले 11 साल तक लिंडसे ने एक रहस्यमय बिमारी के साथ गुजार दिए। लिंडसे को लगभग 22 घंटों तक बिस्तर पर गुजारना पड़ता था। लिंडसे ने इसके बाद खुद को चिकित्सा अनुसंधान में व्यस्त रखा और उसने ढाई हजार पेज की एंडोक्रिनोलॉजी पुस्तक पढ़ी।
2010 में उसे पता चला कि उसके एड्रीनल ग्लेंड्स (अधिवृक्क ग्रंथी) में ट्यूमर है। उन्होंने अपने वैज्ञानिक दोस्त की मदद से उसकी सर्जरी करवाई। वह चलने-फिरने लगे। 2014 तक वह पूरी तरह दौड़ने-भागने लगे। अब वह मोटिवेशनल क्लासेस भी लेते हैं।