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अमेरिका : भारत के 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में एफडीआई की होगी महत्वपूर्ण भूमिका
Tue, 21 Sep 2021 02:30 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 21 Sep 2021 02:30 AM IST
सार
भारत को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। डेलॉय के सीईओ पुनीत रंजन ने कहा, कोरोना महामारी के प्रकोप के बावजूद पिछले साल विदेशी निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।
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एफडीआई
- फोटो : pixabay
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विस्तार
भारत विदेशी निवेश के लिए अब भी सबसे आकर्षक गंतव्यों में एक है। इसके 50 खरब डॉलर (5 ट्रिलियन डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनने में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
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डेलॉय के सीईओ ने कहा, भारत विदेशी निवेश के लिए अब भी सर्वाधिक आकर्षक गंतव्य
डेलॉय के सीईओ पुनीत रंजन ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रकोप के बावजूद पिछले साल विदेशी निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। मेरा मानना है कि एफडीआई 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की भारत की आकांक्षा पूरी करने के लिए महत्वपूर्ण है और यह पूरी तरह से संभव है।
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उन्होंने कहा कि मैं निश्चित रूप से भारत का एक बहुत बड़ा समर्थक हूं। मुझे पता है कि क्या हासिल किया जा सकता है। रंजन ने कहा कि उन्होंने कुशल कार्यबल का मूल्य और विशेष रूप से घरेलू आर्थिक वृद्धि की संभावनाएं थीं।
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ये चीजें एफडीआई के लिए महत्वपूर्ण आकर्षण हैं। हालांकि, यह अब भी माना जाता है कि भारत व्यापार करने के लिए एक चुनौतीपूर्ण जगह है। यह धारणा सरकारी कार्यक्रमों, प्रोत्साहनों और सुधारों के बारे में कम जागरुकता के कारण बनी हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 2025 तक भारत के 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए हर साल 100 अरब डॉलर के एफडीआई की जरूरत है।