ट्रंप ने महाभियोग की जांच को बताया तख्तापलट की साजिश, कहा- लोगों का छीना जा रहा है अधिकार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खिलाफ महाभियोग जांच की आलोचना करते हुए इसे तख्तापलट की कोशिश बताया है। ट्रंप ने ट्वीट कर लिखा कि जैसा मैं रोज देख रहा हूं, उससे इसी बात का निष्कर्ष निकाल पा रहा हूं कि यह महाभियोग नहीं, बल्कि तख्तापलट की प्रक्रिया है। इसका इरादा अमेरिका के नागरिकों से शक्ति, मताधिकार, स्वतंत्रता, धर्म, सैन्य, सीमा पर दीवार और ईश्वर के दिए हुए अधिकारों को छीनना है।
उधर, ट्रंप के बचाव में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आ गए हैं। पुतिन ने बुधवार को कहा कि ट्रंप की यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई का दबाव डालने के सिलसिले में फोन पर हुई बातचीत के टेप में कुछ भी गलत नहीं है।
व्लादिमीर पुतिन ने एनर्जी फॉरम के एक कार्यक्रम में कहा कि यदि ट्रंप अपने सहयोगी से यह कहते हैं कि उनके प्रशासन के पूर्व अधिकारी के भ्रष्टाचार में शामिल होने को लेकर जांच हो तो, इसमें कुछ भी गलत नहीं है। मेरे विचार से ऐसा करना कोई अपराध नहीं है।
अगर उनकी जगह कोई दूसरा राष्ट्र प्रमुख होता, तो वह भी यही करता। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि ट्रंप के विरोधी पहले ही उन पर हमला करने के बहाने ढूंढ़ रहे थे, अब इसमें यूक्रेन का मामला भी जुड़ गया है।
पोम्पियो बोले- अमेरिकी-यूक्रेनी राष्ट्रपति के बीच फोन कॉल के समय में मौजूद थ
वहीं, इस मामले में ट्रंप के सहयोगी और देश के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इस बात की पुष्टि की है कि 25 जुलाई को जब ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपित जेलेंस्की से फोन पर बातचीत की थी, तो उस दौरान वह वही मौजूद थे। हालांकि पोम्पियो ने इस बात की जानकारी नहीं दी कि ट्रंप और जेलेंस्की के बीच क्या बातचीत हुई थी। विदेश मंत्री ने कहा कि मैं उस दौरान दूसरे कॉल पर था।
इससे पहले, पोम्पियो ने तीन डेमोक्रेटिक हाउस कमेटी प्रमुखों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने महाभियोग जांच के बहाने देश के विभिन्न विभागों के प्रतिष्ठित पेशेवरों को डराने, धमकाने और उनसे दुर्व्यवहार का प्रयास किया है।
दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक सांसदों ने देश के शीर्ष राजनयिक पर जांच बाधित करने का आरोप लगाया। सांसदों ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में छपे इंटरव्यू से यह साबित होता है कि यूक्रेन मामले में दो राजनयिकों की सीधी भूमिका थी।
आखिर क्या है मामला
गौरतलब है कि हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर दबाव डाला था कि वह अमेरिका में होने वाले 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में संभावित प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार जो बाइडेन और यूक्रेनी गैस फर्म का काम देखने वाले उनके बेटे हंटर के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर जांच शुरू करवाएं।