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अमेरिका: अदालत ने ओबामा शासनकाल के बाल आव्रजन कार्यक्रम को बताया गैर-कानूनी
Sat, 17 Jul 2021 08:38 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, ह्यूस्टन
पीटीआई, ह्यूस्टन
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 17 Jul 2021 08:38 PM IST
सार
इस कानून से बगैर दस्तावेज के अमेरिका आए हजारों भारतीय बच्चों समेत छह लाख से ज्यादा विदेशी नाबालिगों को काम करने की अनुमति व प्रत्यर्पण से सुरक्षा मिली है।
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United States Citizenship and Immigration Services
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अमेरिका के टेक्सास प्रांत के एक न्यायाधीश ने बराक ओबामा के शासन काल में अवैध आव्रजक के रूप में अमेरिका में प्रवेश करने वाले नाबालिगों के अधिकारों की रक्षा करने वाले कार्यक्रम को गैर-कानूनी बताया है।
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'डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स (डीएसीए)' नामक कार्यक्रम ओबामा कार्यकाल में 2012 में लाया गया था, जिसके तहत देश में नाबालिग के रूप में आने वाले गैर-कानूनी आव्रजकों को प्रत्यर्पण से सुरक्षा और काम करने की अनुमति मिलती थी। बिना दस्तावेज के आए छह लाख से ज्यादा आव्रजकों को इस कानून से सुरक्षा मिली थी। इनमें हजारों की संख्या में भारतीय भी शामिल हैं।
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कोर्ट ने कहा-ओबामा ने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया
सीएनएन की खबर के अनुसार, टेक्सास और रिपब्लिकन पार्टी शासित छह अन्य प्रांतों का अनुरोध स्वीकार करते हुए अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के न्यायाधीश एंड्र्यू हानेन ने अपने आदेश में कहा कि राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन ने इस योजना को शुरू करके अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया था।
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हानेन ने कहा कि संसद ने गृह विभाग को डीएसीए शुरू करने की अनुमति नहीं दी और उसने आव्रजन अधिकारियों को आव्रजन और नागरिकता कानून के प्रावधानों को हटाने से रोक दिया। उन्होंने पाया कि नीति को गैर-कानूनी तरीके से लागू किया गया था। उन्होंने डीएसीए के तहत आवेदनों को मंजूरी देने पर भी रोक लगाने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आवेदन स्वीकार किया जा सकता है और इससे डीएसीए के किसी भी मौजूदा लाभार्थी पर कोई असर नहीं होगा।