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लंदन : पहले दिन ऑफिस समय पर पहुंचने के लिए 32 किलोमीटर पैदल चला युवक, बॉस ने गिफ्ट की कार

Thu, 19 Jul 2018 09:11 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 19 Jul 2018 09:11 AM IST
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alabama : 32 kilometer walk youth, the boss gave the car
वॉल्टर को कार देते कंपनी के सीईओ लूक मार्कलिन।

ऑफिस के पहले ही दिन लेट न हो इसलिए एक युवक ने पूरी रात चलकर 32 किलोमीटर की दूरी तय कर नियत समय में ऑफिस पहुंच गया। युवक के इस कारनामे से खुश होकर उसके बॉस ने उसे एक कार गिफ्ट की है।

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हुआ यूं कि अलाबामा के रहने वाले वाल्टर कार्र को अपनी नई नौकरी ज्वाइन करनी थी लेकिन वॉल्टर (20) की कार रात को ही खराब हो गई। कार खराब होने पर वॉल्टर घबराए नहीं बल्कि ऑफिस समय पर पहुंचने का निर्णय लिया। इसलिए वॉल्टर रात को ही पेल्हाम शहर स्थित अपने ऑफिस के लिए रात को ही निकल पड़े। आपको बता दें कि अलबामा स्थित वॉल्टर के घर और ऑफिस की दूरी 20 मील (करीब 32 किलोमीटर) थी। हालांकि वॉल्टर ने पैदल ऑफिस निकलने से पहले उसने एक कार चालक से लिफ्ट मांगी थी लेकिन बात बनी नहीं बल्कि वाल्टर की यह यात्रा उनके लिए एक यादगार यात्रा बन गई। 
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वॉल्टर अलाबामा से साउथ पेलहम के लिए बीते शुक्रवार रात 11:30 बजे निकले उनके काफी देर चलने के बाद वह थककर एक ग्राउंड में बैठ गए। उसी वक्त वहां के स्थानीय पुलिस अधिकारी मार्क नाइथेन पेट्रोलिंग कर रहे थे। उन्होंने उसे देखा और पूछताछ की वॉल्टर की पूरी कहानी जानने के बाद उन्होंने उसकी मदद करने की सोची। मार्क ने वॉल्टर को कुछ खाने को दिया और कुछ देर आराम करने के लिए एक चर्च में भी ठहराया। दरअसल वॉल्टर की शिफ्ट सुबह आठ बजे शुरू होनी थी। इसलिए उसके पास में कुछ वक्त था। लिहाजा वह इसके लिए राजी हो गए। इन सभी कोशिशों के बाद वाल्टर सुबह 4 बजे ऑफिस पहुंच गए।
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वापसी के समय भी वॉल्टर के पास कोई कार नहीं थी इसलिए उसको पैदल ही आना पड़ा। लेकिन यहां पर उनकी मदद के लिए एक पुलिसकर्मी मिल गया। वह भी वॉल्टर की कहानी से काफी प्रभावित हुआ और उसने उनकी कहानी को फेसबुक पर शेयर कर दिया।


इस स्टोरी को जब वॉल्टर की कंपनी के सीईओ लूक मार्कलिन ने पढ़ा तो वह वाल्टर से प्रभावित हुए और उन्होंने अपनी गाड़ी वॉल्टर को गिफ्ट कर दी। उन्होंने कहा कि ऐसे एम्प्लॉय कम ही होते हैं। लेकिन जो होते हैं उनकी इज्जत जरूर करनी चाहिए। इस तरीके के कर्मचारी सबके लिए रोल मॉडल होते हैं। वॉल्टर का कहना है कि मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो आसानी से हार मान ले, मैं हार मानने वाला इंसान नहीं हूं। मैं तभी हार सकता हूं जब खुद हार मान लूं। 

 


 

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