Airbus: सोलर रेडिएशन के खतरे के बाद एयरबस के विमानों में आई नई दिक्कत, फ्यूजलेज पैनल में समस्या
Airbus: एयरबस ने सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी से प्रभावित अपने ज्यादातर विमानों को ठीक कर लिया है, लेकिन सोमवार को उसके फ्यूजलेज पैनल में एक नई समस्या का पता चला है। जिसका असर कंपनी के शेयरों पर भी पड़ा है।
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सोलर रेडिएशन के खतरे के चलते करीब 6000 ए-320 विमानों में सॉफ्टवेयर अपडेट को लेकर चेतावनी जारी करने के बाद एयरबस अब एक नई चुनौती का सामना कर रही है। एयरबस ने सोमवार को माना कि उसके दर्जनों ए-320 विमानों में औद्योगिक गुणवत्ता संबंधी समस्या सामने आई है।
एयरबस ने मीडिया में आई खबरों की पुष्टि करते हुए कहा कि कई ए-320 विमानों की गुणवत्ता संबंधी यह दिक्कत फ्यूजलेज पैनल से जुड़ी। हालांकि, कंपनी प्रवक्ता ने कहा, दिक्कत की वजह का पता लगा लिया गया है, उस पर काबू कर लिया गया है। सभी नए बनाए गए पैनल सभी मानकों को पूरा करते हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह खामी संचालन में शामिल विमानों में है या नहीं। यह पता नहीं चल पाया है कि समस्या कब शुरू हुई।
कंपनी प्रवक्ता ने कहा कि उन सभी विमानों की जांच कर रही है जिन पर असर पड़ सकता है और उनमें से केवल कुछ ही पर आगे कार्रवाई की जरूरत होगी। प्रवक्ता ने आगे कहा कि यह एक सप्लायर की दिक्कत थी लेकिन उसका नाम बताने से मना कर दिया। उद्योग सूत्रों के मुताबिक, उत्पादन संबंधी इस गड़बड़ी के कारण कुछ विमानों की आपूर्ति में देरी होने की आशंका है जिससे एयरबस के चुनौतीपूर्ण वार्षिक आपूर्ति लक्ष्यों को झटका लग सकता है।
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विमानों को वापस बुलाने का क्या कारण है?
एयरबस की तरफ से जारी बयान में कहा गया, 'ए320 सीरीज के एक विमान से जुड़ी घटना के विश्लेषण के दौरान पता चला है कि उड़ान नियंत्रण के दौरान इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण डेटा तीव्र सौर विकिरण के कारण प्रभावित हो सकता है। कंपनी ने वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे इस सीरीज के ऐसे संवेदनशील विमानों की पहचान कर ली है।'
एविएशन में, तेज सोलर रेडिएशन फ्लाइट के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर बुरा असर डाल सकते हैं, इससे नेविगेशन और फ्लाइट कंट्रोल में रुकावट आ सकती है। एक एयरबस एयरक्राफ्ट से जुड़ी घटना से पता चला था कि सोलर फ्लेयर्स फ्लाइट कंट्रोल के काम करने के लिए ज़रूरी डेटा को खराब कर सकते हैं।
अल जजीरा में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक 30 अक्तूबर को जेटब्लू की एक फ्लाइट कैनकन, मेक्सिको से नेवार्क, न्यू जर्सी जा रही थी। अचानक फ्लाइट काफी तेजी से ऊंचाई से गिरने लगी। इसकी वजह से कई यात्री घायल हो गए थे फ्लाइट 1230 ने जहाज के कंट्रोल में दिक्कत और अचानक बिना किसी कंट्रोल के ऊंचाई गिरने के बाद टैम्पा, फ़्लोरिडा में इमरजेंसी लैंडिंग की, जिसके बाद US फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने जांच शुरू की।
कितने विमानों को वापस बुलाया जा रहा है?
एयरबस के मौजूदा समय में करीब 11,300 ए320 विमान संचालित हो रहे हैं, जिनमें से कंपनी करीब 6000 ए320 परिवार के विमानों को वापस बुलाया है। यह पूरी दुनिया के विमानों के बेड़े की करीब आधी संख्या है। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अपग्रेड कैसे किया जाएगा?
सॉफ्टवेयर अपग्रेड की प्रकृति A320 विमान के संस्करणों पर निर्भर करती है। अगर विमान पुराने संस्करण का है तो उनके ELAC को बदलना होगा। वहीं नए संस्करणों के लिए सॉफ़्टवेयर अपडेट की आवश्यकता होगी। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार अधिकांश विमानों में सॉफ्टवेयर बदलने में कुछ घंटे लगेंगे, लेकिन लगभग 1,000 विमानों के सुधार की इस प्रक्रिया में कई हफ्ते लगेंगे।
ELAC क्या है?
यह सिस्टम फ्लाइट को कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह फ्लाइट के नोज एंगल को भी कंट्रोल करता है। जब फ्लाइट उड़ान भरती है तो उसकी नोज ऊपर की तरफ होनी चाहिए वैसे ही लैंडिंग के दौरान यह नीचे होनी चाहिए। लेकिन एयरबस में हाल ही में हुए घटना में उड़ान के दौरान विमान का नोज अचानक से नीचे की तरफ आ गई। ELAC (एलिवेटर ऐलेरॉन कंप्यूटर) पायलट के साइड-स्टिक से पीछे के एलिवेटर को कमांड भेजता है। यह एयरक्राफ्ट के पिच को भी कंट्रोल करने में मदद करता है।