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एआई के आरोप ने छीना गोनकोर्ट का मौका: पुरस्कार की दौड़ से ही बाहर हुई उपन्यास, लेखक ने आरोपों को नकारा

Sun, 27 Sep 2026 07:16 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 27 Sep 2026 07:16 AM IST
सार

हाइती-कनाडाई लेखक थेलीसन ओरेलियन का उपन्यास इट वाज इदर दैट ऑर डाई एआई के कथित इस्तेमाल को लेकर विवादों में घिर गया है। प्रिक्स गोनकोर्ट की शॉर्टलिस्ट से किताब को हटा दिया गया है। कुछ एआई डिटेक्शन टूल्स और विशेषज्ञों के विश्लेषण में कथित एआई लेखन के संकेत मिलने का दावा किया गया, जबकि अलग-अलग टूल्स के नतीजे एक जैसे नहीं रहे।

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AI allegations robbed Goncourt of its chance Novel eliminated from prize race author denies allegations
एआई से टेस्ट में फंसा गोनकोर्ट का दावेदार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

हाइती-कनाडाई लेखक थेलीसन ओरेलियन के उपन्यास इट वाज इदर दैट ऑर डाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय साहित्य जगत में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फ्रांस के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार 'प्रिक्स गोनकोर्ट' की शॉर्टलिस्ट में शामिल इस किताब को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके लिखे जाने के आरोपों के बाद पुरस्कार की दौड़ से बाहर कर दिया गया है।

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गिरोहों के आतंक से कनाडा पहुंचे शिक्षक की कहानी
38 वर्षीय लेखक का यह उपन्यास हाइती में गिरोहों के आतंक से भागकर डैरियन गैप और अमेरिका होते हुए कनाडा पहुंचे एक हाई स्कूल शिक्षक की दर्दनाक यात्रा पर आधारित है। सोशल मीडिया पर एक अनाम अकाउंट (जिसे बाद में दक्षिणपंथी समाचार पत्र के एक स्तंभकार सैम्युएल फितौसी द्वारा आंशिक रूप से संचालित बताया गया) ने एआई डिटेक्शन टूल का उपयोग कर उपन्यास पर एआई द्वारा लिखे जाने का दावा किया। फ्रांस की 'गोनकोर्ट अकादमी' ने शोधकर्ताओं और पत्रकारों के विश्लेषण को आधार मानते हुए किताब को शॉर्टलिस्ट से हटा दिया। अकादमी ने स्पष्ट किया कि वे एआई-जनरेटेड सामग्री का समर्थन नहीं करते।
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एआई टेस्ट के नतीजों ने खड़े किए सवाल
एआई टूल पैंग्राम ने 99.9% से अधिक सटीकता का दावा करते हुए पाया कि किताब के सभी 34 अध्यायों में एआई का उपयोग हुआ है। जीपीटीजीरो ने पैंग्राम के निष्कर्षों का समर्थन किया और एआई उपयोग की पुष्टि की। विंस्टन के नतीजे मिले-जुले रहे। किताब के विभिन्न हिस्सों में मानव लेखन की संभावना 12% से 66% के बीच बताई गई। कारनेगी मेलन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ब्रायन जाबेरियन ने कहा कि किताब में एआई लेखन की कई सामान्य बनावट देखने को मिलती हैं।
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पुराने लेखों पर भी उठे साहित्यिक चोरी के सवाल
विवाद में नए मोड़: एआई विवाद के तूल पकड़ते ही ओरेलियन के पुराने कार्यों पर भी सवाल उठने लगे। रेडियो कनाडा के अनुसार, ओरेलियन ने 2012 और 2013 में साइटों पर प्रकाशित अपने 4 आर्टिकल्स में साहित्यिक चोरी की थी।

लेखिका वर्जिनी देपोंत ने किया बचाव
समर्थन और बचाव में तर्क: प्रसिद्ध फ्रांसीसी लेखिका वर्जिनी देपोंत ने लेखक का बचाव करते हुए कहा कि लेखकों को एआई सिस्टम के आगे सफाई देने की आवश्यकता नहीं है। कुछ विशेषज्ञों का तर्क है कि भविष्य में एआई लेखन का हिस्सा बन सकता है।


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लेखक ने एआई इस्तेमाल से किया साफ इनकार
लेखक ओरेलियन ने एआई के इस्तेमाल से साफ इन्कार किया है। उनके फ्रांसीसी प्रकाशक 'ग्रासेट' के अनुसार, किताब का पहला ड्राफ्ट 2019 में तैयार हो गया था, यानी कमर्शियल जेनरेटिव एआई के अस्तित्व में आने से पहले।

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