‘अफ्रीकी लोग विदेशी नागरिकों से गलत व्यवहार नहीं करते’
भारत में अफ्रीकी नागरिकों पर हमलों की घटनाओं के बीच नाइजीरिया में रहने वाले भारतीय समुदाय ने नाइजीरियाई लोगों के प्रति अपना समर्थन प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि इस तरह की घटनाएं ‘परेशान करने वाली’ हैं, क्योंकि अफ्रीकी विदेशी नागरिकों के साथ कभी गलत व्यवहार नहीं करते। नाइजीरिया में रहने वाले भारतीयों ने ग्रेटर नोएडा में नाइजीरियाई नागरिकों पर हुए हमले की घटना की निंदा की है।
पिछले 15 वर्षों से लागोस में रह रहे अरुणराज मुरूगनंदम ने कहा, ‘भारत में नाइजीरियाई छात्रों पर हमलों से मैं बहुत परेशान हूं। मुझे लगता कि अफ्रीका एवं अफ्रीकियों के बारे में भारतीयों की धारणा गलत है। ऐसा कभी कोई मामला नहीं आया जब अफ्रीकी लोगों ने अपने देश में विदेशी नागरिकों से गलत व्यवहार किया हो।’ यह पूछे जाने पर कि उन्होंने नाइजीरिया में कभी किसी भेदभाव या उत्पीड़न का सामना किया तो अरुणराज ने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ।
कैंडल लाइट मार्च के दौरान नाइजीरियाई छात्रों पर हुआ था हमला
नाइजीरिया में 35,000 से अधिक भारतीय रहते हैं और हर साल शिक्षा, चिकित्सा और कारोबार के लिए नाइजीरिया के करीब 30,000 लोग भारत की यात्रा करते हैं।
आबुजा में दो दशक से रह रहे 51 वर्षीय संजीव पुरवर ने कहा कि जब अमेरिका, ब्रिटेन या आस्ट्रेलिया में भारत के लोगों को परेशान किया जाता है तो सभी भारतवासी आवाज उठाते हैं, लेकिन जब भारत में अफ्रीकी लोगों पर हमले हो रहे हैं तो वे उसी तरह क्यों नहीं महसूस करते?
ग्रेटर नोएडा में 17 साल के लड़के की मौत के बाद निकाले गए कैंडल लाइट मार्च के दौरान लोगों ने नाइजीरियाई छात्रों पर हमला किया था। उनका आरोप था कि लड़के की मौत अधिक मात्रा में ड्रग लेने की वजह से हुई है। लड़के के माता-पिता का आरोप है कि विदेशी नागरिकों ने उनके बच्चे को अगवा कर लिया था और उसे ड्रग दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।