फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Afghanistans Taliban FM asks Pakistan banned TTP to sit together for dialogue

Pakistan: इस्लामाबाद दौरे पर अफगान तालिबान के विदेश मंत्री, बोले- बातचीत के लिए एक साथ बैठें TTP और पाकिस्तान

Mon, 08 May 2023 06:48 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 08 May 2023 06:48 PM IST
सार

आमिर खान मुत्ताकी द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेने के लिए चार दिवसीय इस्लामाबाद दौरे पर हैं। आज राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अनुरोध किया कि पाकिस्तानी और टीटीपी वार्ता के लिए एक साथ बैठें। 

विज्ञापन
Afghanistans Taliban FM asks Pakistan banned TTP to sit together for dialogue
Afghanistan- Amir Khan Muttaqi - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अफगानिस्तान के अंतरिम तालिबान शासन के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी पाकिस्तान के दौरे पर हैं। हाल के महीनों में पाकिस्तानी सुरक्षों बलों पर घातक हमलों को लेकर उन्होंने पाकिस्तान और प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) को बातचीत के लिए एक साथ बैठने के लिए कहा है। 

विज्ञापन


पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुत्ताकी द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेने के लिए चार दिवसीय इस्लामाबाद दौरे पर हैं। आज राष्ट्रीय राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने अनुरोध किया कि पाकिस्तानी और टीटीपी वार्ता के लिए एक साथ बैठें। 
विज्ञापन


इस्लामाबाद ने टीटीपी के साथ अफगान तालिबान की मध्यस्थता में कई दौर की वार्ता की थी, लेकिन पिछले साल वार्ता विफल रही थी, जिसके बाद आतंकवादी समूह ने आतंकवादी गतिविधियों को फिर से शुरू कर दिया था। आतंकवादी समूह द्वारा 28 नवंबर को औपचारिक रूप से संघर्ष विराम समाप्त करने के बाद से पाकिस्तान में टीटीपी की हिंसा में वृद्धि देखी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रतिबंधित संगठन टीटीपी, पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच एक विवादास्पद मुद्दा बना हुआ है। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि अगस्त 2021 में सत्ता में वापसी के बाद अफगान तालिबान टीटीपी के संबंध में उसकी चिंताओं को दूर करेगा। लेकिन उम्मीदों के विपरीत टीटीपी के हमले में तेजी आ गई।  

टीटीपी, जिसका अफगान तालिबान के साथ वैचारिक संबंध है और जिसे पाकिस्तान तालिबान के नाम से भी जाना जाता है, को 2007 में कई आतंकवादी संगठनों के एक छाता समूह के रूप में स्थापित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य पूरे पाकिस्तान में सख्त इस्लामी शासन लागू करना है।

अफगान तालिबान की टीटीपी का मुकाबला करने की अनिच्छा उसकी आशंकाओं से उपजी है कि समूह के लड़ाके दाएश (इस्लामिक स्टेट) में शामिल हो सकते हैं। दूसरा, अफगान तालिबान और टीटीपी उसी विचारधारा को साझा करते हैं, जिससे उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व वाले विदेशी बलों के साथ लड़ा था। फिर भी, दोनों पक्ष टीटीपी की समस्या से बाहर निकलने का रास्ता खोजने की कोशिश कर रहे हैं।


पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पिछले महीने अफगान तालिबान के शासकों को चेतावनी दी थी कि अगर तालिबान पाकिस्तान विरोधी आतंकवादियों पर लगाम नहीं लगा पाता है तो युद्धग्रस्त पड़ोसी देश के अंदर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने पहले कहा था कि प्रतिबंधित टीटीपी पाकिस्तान में हमले करने के लिए अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल कर रहा है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed