फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Afghanistan: Blast occurred in Guzargah mosque in Herat, Mawlawi Mujeeb Rahman Ansari killed

Afghanistan: हेरात की गुजरगाह मस्जिद में ब्लास्ट, इमाम मुजीब रहमान अंसारी सहित 18 लोगों की मौत

Fri, 02 Sep 2022 08:16 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 02 Sep 2022 08:16 PM IST
सार

तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने धमाके में अंसारी की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, धमाके की अब तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

विज्ञापन
Afghanistan: Blast occurred in Guzargah mosque in Herat, Mawlawi Mujeeb Rahman Ansari killed
blast - फोटो : ANI

विस्तार

अफगानिस्तान के हेरात प्रांत की भीड़भाड़ वाली गुजरगाह मस्जिद में शुक्रवार को नमाज के दौरान धमाका हो गया। इस विस्फोट में प्रमुख मौलवी मुजीब उल-रहमान अंसारी व उसके सुरक्षा गार्डों समेत 18 लोगों की मौत हो गई। हमले की जिम्मेदारी अभी किसी ने नहीं ली है लेकिन मृतक संख्या बढ़ सकती है। हेरात के पुलिस प्रवक्ता मेहमूद रसोली ने बताया कि हमले में 23 लोगों के बुरी तरह घायल होने की आशंका है।

विज्ञापन


मस्जिद पर यह हमला ऐसे वक्त में किया गया है जब यहां मुस्लिमों का धार्मिक सप्ताह मनाया जा रहा था। मारा गया मौलवी दो दशकों से अफगानिस्तान में पश्चिम समर्थित सरकारों की निंदा करता रहा है और उसे तालिबान का करीबी माना जाता रहा है। तालिबान के प्रमुख प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने उसकी मौत की पुष्टि की है।
विज्ञापन


गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस हमले में कई लोग मारे गए हैं लेकिन अभी इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है। आमतौर पर देश में आईएस ने जिन हमलों को अंजाम दिया है, उनमें शिया मुसलमानों को निशाना बनाया गया है, लेकिन हेरात मस्जिद सुन्नी मुस्लिमों के लिए जानी जाती है। टोलो न्यूज के मुताबिक गुजरगाह मस्जिद में धमाके के बाद बड़े पैमाने पर तबाही हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अस्पताल में खून नहीं डॉक्टरों की संख्या कम
अफगानिस्तान में टोलो न्यूज के पत्रकार बिलाल सरवरी ने ट्विटर हैंडल से घटना के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि धमाके में बुरी घायल हुए लोगों को खून की जरूरत है और अभी अस्पताल में खून नहीं है। स्थानीय अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या भी बहुत कम है। सोशल मीडिया पर धमाके की तस्वीरों में भी भीषण तबाही दिखाई दे रही है। हेरात के गवर्नर के प्रवक्ता ने बताया कि यह आत्मघाती हमला भी हो सकता है।

मौजूदा प्रशासन का साथ दे रहा था अंसारी
हेरात पुलिस प्रवक्ता मेहमूद रसोली ने बताया कि मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना मुजीब उल-रहमान अंसारी और उसके कुछ गार्ड मस्जिद की तरफ जाते हुए मारे गए हैं। टोलो न्यूज के मुताबिक, अंसारी तालिबान का कट्टर समर्थक था और हाल ही में जून माह के अंत में तालिबान द्वारा आयोजित हजारों विद्वानों के एक सभा में उसने मौजूदा प्रशासन की दृढ़ता से तारीफ की थी।

  • अल-जजीरा मीडिया नेटवर्क ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस धमाके में 28 नमाजी मारे गए हैं जबकि 45 लोग घायल हैं। उसने बताया, मृतकों में अंसारी के 4 गार्ड शामिल हैं।

अब भी कई जगह जारी हैं धमाके
पिछले साल 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा करने के बाद भी देश में कई जगह धमाके जारी हैं। आमतौर पर ये धमाके शिया और अहमदिया समुदाय की मस्जिदों पर हुए हैं। बता दें कि अल्पसंख्यक समूहों के धार्मिक इबादतगाहों पर होने वाले हमलों में आईएस जिम्मेदारी स्वीकारता रहा है। दरअसल, तालिबान के अधिकांश विरोधी कमजोर पड़ चुके हैं लेकिन आईएस अब भी हमले जारी रखे हुए है। हालांकि तालिबान इस पर नियंत्रण के प्रयास में जुटा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed