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कोरोना वायरस महामारी 2020 के अंत तक 8.6 करोड़ बच्चों को गरीबी में धकेल सकती है: रिपोर्ट
Thu, 28 May 2020 03:34 PM IST
देव कश्यप
वर्ल्ड डेस्क, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, संयुक्त राष्ट्र
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 28 May 2020 03:34 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
कोरोना वायरस महामारी से पैदा हुए आर्थिक संकट के कारण 2020 के अंत तक कम और मध्यम आय वाले देशों में गरीब घरों में रहने वाले बच्चों की संख्या 8.6 करोड़ तक बढ़ सकती है।
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वर्ल्डोमीटर के अनुसार इस वायरस से पूरी दुनिया में 58 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं जबकि 3.57 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यूनिसेफ और मानवतावादी संगठन ‘सेव द चिल्ड्रेन’ के संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना वायरस महामारी 2020 के अंत तक 8.6 करोड़ और बच्चों को पारिवारिक गरीबी में धकेल सकती है।
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विश्लेषण में कहा गया है कि यदि महामारी के कारण होने वाली वित्तीय कठिनाइयों से परिवारों को बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो कम और मध्यम आय वाले देशों में राष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले बच्चों की कुल संख्या वर्ष के अंत तक 67.2 करोड़ तक पहुंच सकती है।
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विश्लेषण में कहा गया है कि इनमें से लगभग दो-तिहाई बच्चे उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया में रहते हैं। सबसे अधिक 44 प्रतिशत वृद्धि यूरोप और मध्य एशिया के देशों में देखी जा सकती है। लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई देशों में 22 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा सकती है।