नोबेल विजेता अभिजीत का देसी अवतार, पुरस्कार लेने भारतीय वेशभूषा में पहुंचे

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम Updated Wed, 11 Dec 2019 02:19 PM IST
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नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होते अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी
नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होते अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी - फोटो : Twitter

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भारतीय-अमेरिकी अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने भारतीय वेशभूषा पहनकर नोबेल पुरस्कार लेने पहुंचे। बनर्जी को अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अभिजीत पुरस्कार लेने के लिए भारतीय परिधान में गए, जहां उन्होंने एक बंदगला जैकेट और धोती पहनी हुई थी। 
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एस्टर डफ्लो, जिन्होंने पुरस्कार को साझा किया, उन्होंने भी नीले रंग की साड़ी पहनी हुई थी। वहीं, उनके सहयोगी माइकल क्रेमर ने सूट पहना हुआ था। यह पुरस्कार 'वैश्विक स्तर पर गरीबी उन्मूलन के लिए किये गए कार्यों के लिए मिला है। 
वहीं, तीनों विजेताओं के बीच नौ मिलियन स्वीडिश क्रोना (लगभग 6.5 करोड़ रुपये) इनाम के रूप में दिया गया, जिसे वह बराबर हिस्से में बाटेंगे। मुंबई में जन्मे बनर्जी अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले अमर्त्य सेन के बाद दूसरे भारतीय हैं। सेन की तरह, बनर्जी भी प्रेसीडेंसी कॉलेज के पूर्व छात्र हैं, जो अब प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है।
बनर्जी और डफ्लो दोनों मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में अर्थशास्त्र के विभाग में प्रोफेसर हैं, वहीं क्रेमर हार्वर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग में प्रोफेसर हैं।

दरअसल, स्वीडेन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की पुण्य स्मृति में नोबेल फाउंडेशन द्वारा हर साल प्रदान किया जाने वाला दुनिया का सर्वोच्च सम्मान नोबेल पुरस्कार शांति, साहित्य, रसायन विज्ञान, भौतिकी, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाता है। 

नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा हर साल अक्तूबर महीने में ही कर दी जाती है और सभी विजेताओं को स्वीडेन के स्टॉकहोम में आयोजित समारोह में 10 दिसंबर को यह सर्वोच्च पुरस्कार दिया जाता है।

आपको बता दें कि अभिजीत बनर्जी, एस्थर डुफलो और माइकल क्रेमर को ‘एक्सपेरिमेंटल एप्रोच टू एलिवेटिंग ग्लोबल पॉवर्टी' के लिए नोबल पुरस्कार दिया गया है। नोबेल समिति ने अपने बयान में कहा है कि इस शोध से वैश्विक गरीबी से निपटने में पूरी दुनिया को मदद मिलेगी।

गौरतलब है कि अभिजीत का जन्म कोलकाता में हुआ था और उन्होंने प्रेसिडेंसी कॉलेज से पढ़ाई की थी। इसके बाद अभिजीत बनर्जी ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर्स की डिग्री हासिल की थी। फिलहाल वे मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अर्थशास्त्र के फोर्ड फाउंडेशन इंटरनेशनल प्रोफेसर हैं।

बनर्जी से पहले अर्थशास्त्र के लिए साल 1998 में सबसे पहले भारतीय मूल के अमर्त्य सेन को नोबेल पुरस्कार दिया गया था। 1972 में जन्मी डुफलो सबसे कम उम्र की और दूसरी ऐसी महिला हैं, जिन्हें आर्थिक क्षेत्र में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। अर्थशास्त्र के क्षेत्र में सबसे 2009 में पहली बार किसी महिला को नोबल दिया गया था।
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