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ब्रिटेन: लॉकडाउन के दौरान मिले 86 फीसदी कोरोना पॉजिटिव लोगों में नहीं थे कोई लक्षण
Thu, 08 Oct 2020 04:12 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 08 Oct 2020 04:12 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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ब्रिटेन में हुए एक नए अध्ययन में पता चला है कि लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए 86 फीसदी लोगों में कोरोना के कोई ज्ञात लक्षण (खांसी, बुखार और स्वाद या सूंघने की क्षमता का ह्रास) नहीं थे। यह जानकारी गुरुवार को दि यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के शोधार्थियों के अध्ययन की रिपोर्ट में सामने आई।
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यह अध्ययन 'क्लिनिकल एपिडेमियोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन के लेखकों ने इसे वायरस का मौन संचरण यानी साइलेंट ट्रांसमिशन कहा है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में वायरस के मौन संचरण को रोकने के लिए वर्तमान की तुलना में कहीं अधिक व्यापक परीक्षण कार्यक्रम (टेस्टिंग सिस्टम) की आवश्यकता है।
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यूसीएल के एपिडेमियोलॉजी और हेल्थ केयर विभाग की प्रोफेसर आइरीन पीटरसन ने कहा कि बड़ी संख्या में एसिम्टोमैटिक कोरोना पॉजिटिव मरीजों का पाया जाना इस बात का संकेत है कि भविष्य के लिए हमें जांच की अपनी वर्तमान रणनीति को बदलना होगा। इसका एकमात्र तरीका व्यापक रूप से जांच किया जाना है।
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उन्होंने कहा कि अधिक व्यापक जांच कराने से वायरस के साइलेंट ट्रांसमिशन को रोकने में मदद मिलेगी और भविष्य के संकट से भी राहत मिलने की बेहतर संभावना है। प्रो. पीटरसन के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण की व्यापक स्तर पर जांच की रणनीति में पूल टेस्टिंग भी एक अहम तरीका साबित हो सकता है।
प्रो. आइरीन पीटरसन ने कहा कि आने वाले समय के जांच कार्यक्रमों में न केवल एसिम्टोमैटिक मामलों को शामिल किया जाना चाहिए बल्कि अन्य लोगों के समूह को भी इसके दायरे में लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि फैक्टरी और विश्वविद्यालय जैसे स्थानों पर जांच कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए जहां कई लोग साथ रहते हैं या काम करते है।