चीन: देश में सुधारों का डंडा अब सरकारी क्षेत्र पर, सर्वोच्च वित्तीय संस्थानों का होगा ऑडिट
पर्यवेक्षकों के मुताबिक इसका मतलब यह है कि देश में जारी सुधारों के दायरे में अब सरकारी विभाग और अधिकारी भी आ रहे हैं। अब तक सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी का डंडा प्राइवेट सेक्टर पर चल रहा था। नई जांच की घोषणा चीन के केंद्रीय अनुशासन निरीक्षण आयोग ने की है...
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चीन में अब वित्तीय विनियामकों (रेगुलेटर्स), बीमा अधिकारियों, एनपीए (डूब रहे कर्ज) के प्रबंधकों और देश के सबसे बड़े बैंक का एक बड़ा ऑडिट शुरू हुआ है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इसका मतलब यह है कि देश में जारी सुधारों के दायरे में अब सरकारी विभाग और अधिकारी भी आ रहे हैं। अब तक सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी का डंडा प्राइवेट सेक्टर पर चल रहा था। नई जांच की घोषणा चीन के केंद्रीय अनुशासन निरीक्षण आयोग ने की है।
आयोग ने अपने बयान में कहा कि इसका मकसद भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना है। चीन के वित्तीय क्षेत्र का मूल्य 54 ट्रिलियन डॉलर बताया जाता है। ताजा कार्रवाई के तहत चाइना बैंकिंग एंड इंश्योरेंस रेगुलेटरी कमीशन (सीबीआईआरसी) की पूरी पड़ताल की जाएगी। इस बीच व्हिसलब्लोअर्स (अंदरूनी सूचना रखने वाले कर्मचारियों या अन्य लोगों) से कहा गया है कि वे अगले दिसंबर के मध्य तक अपनी शिकायत आयोग के पास दर्ज करवा सकते हैं।
सीबीआईआरसी के अध्यक्ष गुओ शुचिंग ने कहा है कि वे जांचकर्ताओं के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि ये जांच इस बात का संकेत है कि चीन सरकार अब वित्तीय विनियमन पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है। जबकि पर्यवेक्षकों के मुताबिक ये जांच इस बात का संकेत है कि चीन का वित्तीय विनियमन भ्रष्टाचार से ग्रस्त रहा है।
इसके पहले चीन सरकार ने 2017 में वित्तीय संस्थानों की जांच का एक कार्यक्रम घोषित किया था। उसके तहत 25 वित्तीय संगठनों पर ध्यान दिया गया। उनमें ज्यादातर केंद्रीय और स्थानीय प्रशासनों की एजेंसियां थीं। जबकि नई जांच में ध्यान सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों पर केंद्रित रहेगा। उनमें पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना, चाइना सिक्योरिटीज रेगुलेटरी कमीशन, शंघाई और शेनझेन शेयर बाजार, और एनपीए प्रबंधक संस्था चाइना हुआरोंग असेट मैनेजमेंट शामिल हैं।
जानकारों ने इस जांच को चीन के आर्थिक और वित्तीय क्षेत्र में भविष्य में बड़ी हलचल का संकेत माना है। इसके परिणामस्वरूप कई बड़े अधिकारी निशाने पर आ सकते हैं। चीन के सरकारी सूत्रों का कहना है कि ये जांच कॉरपोरेट अधिकारियों और उनकी मिलीभगत से काम करने वाले सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सख्त रुख का संकेत है।
इस साल के आरंभ में चीन की सरकारी संस्था हुआरोंग असेट मैनेजमेंट के पूर्व अध्यक्ष को कोर्ट ने मौत की सजाई सुनाई थी। उन पर घूस लेने का आरोप था। उधर चाइना डेवलपमेंट बैंक के पूर्व अध्यक्ष हू हुआईबांग को उम्र कैद सुनाई गई। तब बताया गया था कि उन पर एक करोड़ 32 लाख डॉलर घूस लेने का आरोप साबित हुआ है। बताया जाता है कि इन मामलों के सामने आने के बाद सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर वित्तीय संस्थानों की एक समग्र जांच की मांग उठने लगी। अब इसका एलान कर दिया गया है।
इस एलान का पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना, स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेन एक्सचेंज, सॉवरेन वेल्थ फंड चाइना इन्वेस्टमेंट और हुआरोंग मैनेजमेंट के अधिकारियों ने सार्वजनिक बयान जारी कर स्वागत किया है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि चीन में सरकार जो भी फैसला ले, उसके प्रति समर्थन जताना एक आम चलन है। इसलिए अधिकारियों ने जांच में सहयोग करने की घोषणा की है।