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19th SAARC Summit: सम्मलेन में भारत की भागीदारी पर संशय, पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी ने दिया बड़ा बयान
Mon, 03 Jan 2022 06:27 PM IST
विशाल तिवारी
वर्ल्ड डेस्क , अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क , अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: विशाल तिवारी
Updated Mon, 03 Jan 2022 06:27 PM IST
सार
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा उनका देश 19वें सार्क शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है।
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी।
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार को एक बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उनका देश 19वें सार्क शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है। भारत का नेतृत्व अगर इस्लामाबाद का दौरा नहीं करना चाहता है तो वह इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हो सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत पर लगाया ये बड़ा आरोप
कुरैशी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत अपनी जिद की वजह से सार्क को निष्प्रभावी करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि वह बैठक के लिए इस्लामाबाद नहीं आना चाहता। मैं फिर से 19वीं सार्क समिट के लिए भारत को न्योता देता हूं। अगर भारत इस्लामाबाद आने के लिए तैयार नहीं है, तो वह वर्चुअली बैठक में शामिल हो सकता है। लेकिन उसे बाकी देशों को समिट में हिस्सा लेने से नहीं रोकना चाहिए।
चीन और अमेरिका पर ये बोले कुरैशी
कुरैशी ने अमेरिका और चीन के शीत युद्ध पर प्रश्न पूछे जाने पर कहा कि वह इसपर बिल्कुल निषपक्ष हैं। इस्लामाबाद किसी भी शिविर का हिस्सा नहीं बनेगा। सीमा पर तालिबान बलों द्वारा फेंसिंग हटाने पर एक अन्य सवाल के जवाब में,उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने फेंसिंग लगाने का काम किया और हाल ही में हुई घटनाओं (इसे हटाने की) से अवगत था। अफगानिस्तान हमारा दोस्त है और हम इस मसले को हल करने में सक्षम होंगे।
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2016 में होना था सार्क शिखर सम्मेलन
सार्क अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका का एक क्षेत्रीय समूह है। यह 2016 से बहुत प्रभावी नहीं रहा है और 2014 में काठमांडू में पिछले एक के बाद से इसका द्विवार्षिक शिखर सम्मेलन नहीं हुआ है। 2016 में यह इस्लामाबाद में होना था। लेकिन उस वर्ष 18 सितंबर को जम्मू और कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के शिविर पर एक आतंकवादी हमले के बाद, भारत ने इसमें भाग लेने में असमर्थता व्यक्त की थी, जिसके बाद बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी इस्लामाबाद बैठक में भाग लेने से इनकार करने के बाद शिखर सम्मेलन को बंद कर दिया गया था।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत पर लगाया ये बड़ा आरोप
कुरैशी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत अपनी जिद की वजह से सार्क को निष्प्रभावी करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि वह बैठक के लिए इस्लामाबाद नहीं आना चाहता। मैं फिर से 19वीं सार्क समिट के लिए भारत को न्योता देता हूं। अगर भारत इस्लामाबाद आने के लिए तैयार नहीं है, तो वह वर्चुअली बैठक में शामिल हो सकता है। लेकिन उसे बाकी देशों को समिट में हिस्सा लेने से नहीं रोकना चाहिए।
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चीन और अमेरिका पर ये बोले कुरैशी
कुरैशी ने अमेरिका और चीन के शीत युद्ध पर प्रश्न पूछे जाने पर कहा कि वह इसपर बिल्कुल निषपक्ष हैं। इस्लामाबाद किसी भी शिविर का हिस्सा नहीं बनेगा। सीमा पर तालिबान बलों द्वारा फेंसिंग हटाने पर एक अन्य सवाल के जवाब में,उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने फेंसिंग लगाने का काम किया और हाल ही में हुई घटनाओं (इसे हटाने की) से अवगत था। अफगानिस्तान हमारा दोस्त है और हम इस मसले को हल करने में सक्षम होंगे।
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2016 में होना था सार्क शिखर सम्मेलन
सार्क अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका का एक क्षेत्रीय समूह है। यह 2016 से बहुत प्रभावी नहीं रहा है और 2014 में काठमांडू में पिछले एक के बाद से इसका द्विवार्षिक शिखर सम्मेलन नहीं हुआ है। 2016 में यह इस्लामाबाद में होना था। लेकिन उस वर्ष 18 सितंबर को जम्मू और कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के शिविर पर एक आतंकवादी हमले के बाद, भारत ने इसमें भाग लेने में असमर्थता व्यक्त की थी, जिसके बाद बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी इस्लामाबाद बैठक में भाग लेने से इनकार करने के बाद शिखर सम्मेलन को बंद कर दिया गया था।