नीरज नरवरिया
Updated Tue, 22 Sep 2026 10:11 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जलझूलनी एकादशी के अवसर पर मंगलवार को शहर में गणेश प्रतिमाओं का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। इस दौरान गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ... के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। विसर्जन यात्राओं में ढोल और डीजे की धुन पर श्रद्धालु जमकर थिरके। गुलाल उड़ाकर भक्तों ने गणपति बप्पा को विदाई दी।
आवास विकास शिवपुरी रोड स्थित पहुज नदी के अनसुइया घाट पर बनाए गए कुंड में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। श्रद्धालु दोपहिया और चार पहिया वाहनों से प्रतिमाएं लेकर पहुंचे। विसर्जन से पहले गणेशजी की आरती कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। कुछ श्रद्धालुओं ने स्वयं प्रतिमाओं का विसर्जन किया, जबकि कई लोगों ने गोताखोरों की मदद ली। बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन खोड़न घाट पर किया गया। यहां भी श्रद्धालुओं ने गुलाल उड़ाकर और आरती कर गणपति को विदाई दी।
खोड़न घाट पर गोताखोरों ने प्रतिमाओं के विसर्जन में श्रद्धालुओं की मदद की। कुछ लोग नावों के जरिए प्रतिमाओं को नदी में कुछ दूर ले गए और वहां विसर्जन किया। पहुज नदी में सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग की गई थी। घाट पर सफाई की भी व्यवस्था की गई। ग्वालियर रोड स्थित पहुज डैम पर भी घरों में विराजमान गणपति की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
चिलचिलाती धूप में भी दिखा आस्था का सैलाब
झांसी। तेज धूप के बावजूद जलझूलनी एकादशी पर श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। युवाओं के साथ महिलाएं और बच्चे भी गणेश विसर्जन यात्रा में उत्साह के साथ शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने कहा कि गणपति बुद्धि, सुख और समृद्धि के देवता हैं। बप्पा की आराधना से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
जिसने जो दिया, उसे प्रसाद समझकर ले लिया
झांसी। पहुज नदी के पास रहने वाले गोताखोर कमलेश और ग्राम खोड़न निवासी मनोज ने बताया कि वे उत्साह के साथ गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन में श्रद्धालुओं की मदद करते हैं। लोगों की ओर से खुशी से दिए गए रुपये को वे प्रसाद समझकर स्वीकार कर लेते हैं। वहीं पहुज मछली बाजार निवासी गोताखोर संजू, रवि, चंद्रकिशोर, अभिषेक और बलवान ने भी बताया कि श्रद्धालु स्वेच्छा से जो रुपये देते हैं, उसे वे खुशी से स्वीकार करते हैं।
टेंट और पीने के पानी की होनी चाहिए व्यवस्था
झांसी। स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी सनातन एकता महासमिति के महामंत्री विनोद अवस्थी ने कहा कि अनसुइया घाट पर श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए टेंट व पीने के पानी की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन और गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। ऐसे में टेंट की व्यवस्था होने से धूप में आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।
गणपति बनाते हैं बिगड़े काम
झांसी। अनसुइया घाट पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने पहुंचे डॉ. राजेश ने बताया कि वह पिछले आठ साल से अपने घर में गणपति की प्रतिमा विराजमान करा रहे हैं। ईसाईटोला निवासी डोरीलाल ने बताया कि वह 14 साल से घर में गणपति की प्रतिमा विराजमान कर रहे हैं। दोनों ने कहा कि गणपति की आराधना से उन्हें सुखद अनुभूति होती है। उनका विश्वास है कि बप्पा की कृपा से बिगड़े काम भी बन जाते हैं।
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