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गायब हो गए रेस्क्यू में निकाले गए यात्री...
ऋषिकेश/ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jul 2013 06:53 PM IST
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उत्तराखंड प्रशासन भी गजब का है, एक ओर रेस्ूक्यू कर लोगों के सुरिक्ष्ात निकल आने का दावा कर रहा है और दूसरी तरफ लोग हैं कि घर ही नहीं पंहुच रहे।
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जनपद रुद्रप्रयाग के केदारघाटी में जलप्रलय के बाद रेस्क्यू कर निकाले गए लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन कितना गंभीर है, इसका उदाहरण हैं पूणे के एक दंपति। जिनका नाम केदारघाटी में रेस्क्यू के दौरान बचाए गए यात्रियों की सूची में तो है, मगर वह अभी तक वापस नहीं लौट पाए।
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गुम हुए लोगों के परिजन सूची लेकर भटक रहे हैं, मगर प्रशासन उनके वापस नहीं पहुंचने की जिम्मेदारी लेने से कतरा रहा है। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही बरतने और असहयोग का आरोप लगाया है।
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पूणे के रमेश सुराना अपने मित्र नानक दलवी (75) और उनकी पत्नी जानाबाई (62) को दो सप्ताह से भी अधिक समय से तलाश रहे हैं। वह कभी देहरादून डीएम कार्यालय, पुलिस लाइन तो कभी जौलीग्रांट हवाई अड्डा, दून हास्पिटल, हिमालयन अस्पताल और ऋषिकेश बस अड्डे पर भटक रहे हैं, मगर उन्हें उक्त लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही।
रमेश सुराना ने बताया कि उनके मित्र नानक दलवी अपनी पत्नी को लेकर 70 यात्रियों के ग्रुप के साथ चारधाम यात्रा पर गए थे। जिनमें 40 लोग वापस आ चुके हैं, मगर 26 अभी भी लापता हैं। वह सभी धामों के दर्शन के बाद 15 जून को केदारनाथ से नीचे आ गए थे। तभी उनसे आखिरी बार बातचीत हुई थी, इसके बाद से वह लापता हैं।
बताया कि प्रशासन द्वारा जारी केदारघाटी से रेस्क्यू में सकुशल निकाले गए लोगों की लिस्ट में नाम देखकर उनके घर लौटने की आस जगी थी। मगर अभी तक वह लोग घर नहीं लौटे। इस बाबत वह देहरादून, ऋषिकेश, रुद्रप्रयाग आदि स्थानों पर कई चक्कर लगा चुके हैं।