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अटेंशन प्लीज 'गंगा' आपके घर के दरवाजे पर है...
ऋषिकेश/ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2013 01:11 PM IST
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उत्तराखंड के हिस्से से मुसीबतों के बादल अभी छंटते नहीं दिख रहे हैं। लगातार पहाड़ों में रुक-रुक कर हो रही बारिश से गंगा अपने खतरे के निशान से चंद सेमी ही नीचे बह रही है।
शनिवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश में गंगा खतरे के निशान से 92 सेंटीमीटर नीचे बही। पूर्वाह्न तक जलस्तर में बढ़ोत्तरी आंकी गई, इसके बाद गिरावट दर्ज की गई। रात नौ बजे गंगा वार्निंग लेवल से 10 सेमी नीचे आ गई थी।
गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी
गंगा के जलस्तर में बीती रात एक बजे से ही बढ़ोत्तरी शुरू हो गई थी। शुक्रवार रात एक बजे 339.40, तीन बजे 339.46, शनिवार सुबह पांच बजे 339.52 और सुबह आठ बजे 339.58 मीटर तक जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
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केंद्रीय जलआयोग के अनुसार इसके बाद वाटर लेवल में गिरावट शुरू हुई। दोपहर 12 बजे तक 339.53, एक बजे 339.48, दो बजे 339.44, तीन बजे 339.42 और शाम चार बजे 339.40 मीटर जलस्तर आंका गया।
उन्होंने बताया कि शाम चार बजे से रात नौ बजे तक जलस्तर 339.40 मीटर पर स्थिर है, जिसमें देररात गिरावट आने की उम्मीद है। उनका कहना है कि टिहरी बांध से छोड़े जा रहे पानी से नगर में गंगा के जलस्तर में बमुश्किल 10 से 15 सेमी. तक की बढ़ोत्तरी हो रही है।
पहाड़ों में बारिश रुकने से अन्य सहायक नदियों के जलस्तर में गिरावट आने से अब गंगा का वाटर लेवल बढ़ने की उम्मीद कम है।
चीला में चार घंटे विद्युत उत्पादन ठप
गंगा के जलस्तर बढ़ने से चोक हो रही चीला नहर को शनिवार को सफाई के लिए बंद रखा गया। जिससे विद्युत उत्पादन चार घंटे बाधित रहा। इससे उत्तराखंड जलविद्युत निगम को आधा मिलियन यूनिट का नुकसान हुआ।
पहाड़ में बारिश के कारण गंगा में बढ़ रही सिल्ट की मात्रा से कई दिनों से नहर को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था, इससे चीला में विद्युत उत्पादन बाधित हो रहा था। बीती रात काफी मात्रा में सिल्ट जमा होने से शनिवार सुबह तक नहर का फ्लो काफी कम हो गया।
लिहाजा निगम की ओर से सुबह आठ बजे से 12 बजे तक नहर को बंद रखा गया और उसमें जमा कचरा हटाया गया। निगम के ईई इंद्रमोहन करासी ने बताया कि दोपहर 12 बजे से विद्युत उत्पादन सुचारू हो गया। इससे .5 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का नुकसान हुआ।
टिहरी बांध का जलस्तर हुआ 818.75 आरएल मीटर
शनिवार को टिहरी बांध की झील का जल स्तर 818.75 आरएल मीटर पहुंच गया । बांध से 900 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। भागीरथी और भिलंगना के जल स्तर में अब कमी आने लगी है।
दो दिन पहले भागीरथी और भिलंगना से 750 क्यूमेक्स पानी आ रहा था। ऊपरी क्षेत्र में बारिश कम होने से शनिवार को घटकर 465.02 क्यूमेक्स बहाव प्रति मिनट रिकार्ड किया गया।
भागीरथी से 310.90 क्यूमेक्स तथा भिलंगना से 255.12 क्यूमेक्स पानी आ रहा है। झील के जल स्तर को स्थिर बनाए रखने के लिए कुल 900 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। टीएचडीसी के एजीएम यूके ठाकुर ने बताया कि स्पिलवे से 400 क्यूमेक्स और झील से 500 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
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शनिवार को तीर्थनगरी ऋषिकेश में गंगा खतरे के निशान से 92 सेंटीमीटर नीचे बही। पूर्वाह्न तक जलस्तर में बढ़ोत्तरी आंकी गई, इसके बाद गिरावट दर्ज की गई। रात नौ बजे गंगा वार्निंग लेवल से 10 सेमी नीचे आ गई थी।
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गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी
गंगा के जलस्तर में बीती रात एक बजे से ही बढ़ोत्तरी शुरू हो गई थी। शुक्रवार रात एक बजे 339.40, तीन बजे 339.46, शनिवार सुबह पांच बजे 339.52 और सुबह आठ बजे 339.58 मीटर तक जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
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केंद्रीय जलआयोग के अनुसार इसके बाद वाटर लेवल में गिरावट शुरू हुई। दोपहर 12 बजे तक 339.53, एक बजे 339.48, दो बजे 339.44, तीन बजे 339.42 और शाम चार बजे 339.40 मीटर जलस्तर आंका गया।
उन्होंने बताया कि शाम चार बजे से रात नौ बजे तक जलस्तर 339.40 मीटर पर स्थिर है, जिसमें देररात गिरावट आने की उम्मीद है। उनका कहना है कि टिहरी बांध से छोड़े जा रहे पानी से नगर में गंगा के जलस्तर में बमुश्किल 10 से 15 सेमी. तक की बढ़ोत्तरी हो रही है।
पहाड़ों में बारिश रुकने से अन्य सहायक नदियों के जलस्तर में गिरावट आने से अब गंगा का वाटर लेवल बढ़ने की उम्मीद कम है।
चीला में चार घंटे विद्युत उत्पादन ठप
गंगा के जलस्तर बढ़ने से चोक हो रही चीला नहर को शनिवार को सफाई के लिए बंद रखा गया। जिससे विद्युत उत्पादन चार घंटे बाधित रहा। इससे उत्तराखंड जलविद्युत निगम को आधा मिलियन यूनिट का नुकसान हुआ।
पहाड़ में बारिश के कारण गंगा में बढ़ रही सिल्ट की मात्रा से कई दिनों से नहर को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था, इससे चीला में विद्युत उत्पादन बाधित हो रहा था। बीती रात काफी मात्रा में सिल्ट जमा होने से शनिवार सुबह तक नहर का फ्लो काफी कम हो गया।
लिहाजा निगम की ओर से सुबह आठ बजे से 12 बजे तक नहर को बंद रखा गया और उसमें जमा कचरा हटाया गया। निगम के ईई इंद्रमोहन करासी ने बताया कि दोपहर 12 बजे से विद्युत उत्पादन सुचारू हो गया। इससे .5 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का नुकसान हुआ।
टिहरी बांध का जलस्तर हुआ 818.75 आरएल मीटर
शनिवार को टिहरी बांध की झील का जल स्तर 818.75 आरएल मीटर पहुंच गया । बांध से 900 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। भागीरथी और भिलंगना के जल स्तर में अब कमी आने लगी है।
दो दिन पहले भागीरथी और भिलंगना से 750 क्यूमेक्स पानी आ रहा था। ऊपरी क्षेत्र में बारिश कम होने से शनिवार को घटकर 465.02 क्यूमेक्स बहाव प्रति मिनट रिकार्ड किया गया।
भागीरथी से 310.90 क्यूमेक्स तथा भिलंगना से 255.12 क्यूमेक्स पानी आ रहा है। झील के जल स्तर को स्थिर बनाए रखने के लिए कुल 900 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। टीएचडीसी के एजीएम यूके ठाकुर ने बताया कि स्पिलवे से 400 क्यूमेक्स और झील से 500 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।