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ऐसा होगा वीरों के सम्मान में बनने वाला वॉर मेमोरियल

Fri, 29 Apr 2016 10:39 AM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 29 Apr 2016 10:39 AM IST
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war memorial in dehradun
युद्ध स्मारक

सरहदों को लांघ कर विदेशी भूमि पर वीरता का परचम लहराने वाले उत्तराखंड़ के वीरों के सम्मान के लिए जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा मिलने में 6 बरस का लंबा अरसा लगा।

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वर्ष 2010 से तत्कालीन भाजपा सरकार ने स्टेट वार मेमोरियल की घोषणा की, लेकिन चंद एकड़ भूमि शहीदों के लिए नहीं मिल पाई। बीते सालों में पांच बार भूमि चिन्हित, लेकिन कभी एनओसी नहीं मिली तो कभी चिन्हित भूमि को अन्य योजनाएं के लिए आरक्षित कर दिया। सियासी खींचतान में मेमोरियल पर सरकारें डगमगाई, लेकिन अमर उजाला अडिग रहा।
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अमर उजाला ने सियासतदानों को शहीदों के सम्मान की अनदेखी को लेकर लगातार कचोटा। हर शौर्य दिवस और विजय दिवस पर उठाए जाने वाले इस मुद्दे पर 21 जुलाई 2015 को एक मुहिम के तौर पर शुरू करने का निर्णय लिया गया। 26 जुलाई शार्य दिवस पर राज्य सरकार ने भूमि खरीद कर मेमोरियल बनाने तक की घोषणा कर दी। कमेटी बनाकर भूमि चिन्हित करने का अभियान चला।
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दूसरी तरफ लंबे अरसे से वॉर मेमोरियल के लिए प्रयास कर रहे सांसद तरूण विजय ने रक्षा मंत्री से मुलाकात की। सांसद के प्रस्ताव पर सेना ने तुरंत कार्रवाई की। चीड़ बाग स्थिति भूमि को फाइनल कर लिया गया और 22 अगस्त को रक्षा मंत्री के शिलान्यास का कार्यक्रम भी तय हुआ।

इस बीच वन रैंक वन पेंशन का आंदोलन शुरू हो गया तो शिलान्यास टला और बंधी आस भी अधर में झूलने लगी। भूमि हस्तांतरण का मामला रक्षा मंत्री का दौरा कैंसिल होने के साथ फाइलों में सिमट गया। टूटती आस के बीच अमर उजाला का मेमोरियल निर्माण को लेकर दृढ़ संकल्प जारी रहा। अमर उजाला ने भूमि हस्तांतरण के मुद्दे को उठाया रखा।

उधर, राज्य सरकार ने अपना अलग वॉर मेमोरियल बनाने की घोषणा कर मामले को सियासी रंग दे दिया, जिसको लेकर एक राय बनाने की कोशिश शुरू हुई। सीएम ने खुद कारगी चौक के पास एक साइट देगी। इसके बाद पुरानी जेल परिसर को फाइनल करने तक की बात राज्य सरकार की तरफ से सामने आए। सियासत पर विराम लगाने के लिए अंलकृत सैनिकों और पूर्व सैनिक संगठनों से बातचीत कर उनकी पसंद चीड़ बाग को प्रमुखता से प्रकाशित किया।

इस बीच अमर उजाला ने चीड़ बाग के लिए भूमि पर रक्षा मंत्रालय की मुहर लगने की खबर प्रकाशित की तो आखिर 16 दिसंबर को विजय दिवस पर राज्य सरकार को चीड़ बाग में प्रस्तावित मेमोरियल में सहयोग करने की घोषणा करनी पड़ी। 29 दिसंबर को सांसद तरूण विजय ने इसकी तसदीक कर दी कि चीड़ बाग में शौर्य स्थल के लिए एक एकड़ भूमि हस्तांतरित कर दी है।

दून के आर्किटेक्ट ने डिजाइन किया शौर्य स्थल
सेना के शहीदों के लिए बनने वाला पहला स्टेट वॉर मेमोरियल का डिजाइन दून के ही आर्क्टिेक्ट ने तैयार किया है। चारों ओर से कई मीटर ऊंचे चीड़ के पेड़ों के बीच शहीद सैनिकों की शहादत को दर्शता एक स्मारक जिसमें तीनों सेनाओं के झंड़े के साथ कई फीट ऊंचा तिरंगा फहराता रहेगा।

प्रदेश के 14 सौ से अधिक शहीदों के नाम दर्शाते सात हाईग्रेड पालिश कंकरीट के स्तंभ लगेंगे, जिसपर राइफलों को उलटा कर लगा कर सैन्य सम्मान का अद्भुत नजारा पेश होगा। 30 अप्रैल को रक्षा मंत्री मनोहर परिकर जो नींव रखेंगे उसका हूबहू डिजाइन इस तरह का होगा। दून के आर्किटेक्ट विक्की रावत ने शौर्य स्थल का डिजाइन तैयार किया है। सांसद तरूण विजय ने रक्षा मंत्रालय की स्वीकृत कि बाद देशभर से डिजाइन आमंत्रित किये थे, जिसमें आईआईटी रुड़की तक ने डिजाइन भेजा।

उत्तराखंड में बनने वाले स्टेट वॉर मेमोरियल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संदेश दिया है, जिसे शिलान्यास समारोह के दौरान रखा जाएगा। इसके अलावा सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों का संदेश भी रहेगा।

बरसों के प्रयास लाए रंग
शौर्य स्थल के नाम से पहचाने जाने वाले स्टेट वॉर मेमोरियल के लिए भूमि स्वीकृत करवाने से नाम और डिजाइन फाइनल करने में सांसद तरूण विजय की अह्म भूमिका रही है। सांसद शहीद सैनिकों के सम्मान में बनाए जाने वाले वॉर मेमोरियल के लिए लंबे समय से न केवल प्रयास बल्कि वर्ष 2011 में वह खुद अपनी निधि से दो करोड़ रुपये देने की घोषणा कर चुके हैं। सियासी खींचतान के बीच सरकारें भले भूमि तय नहीं कर पाई, लेकिन सांसद ने प्रयास जारी रख शहीदों के सम्मान में पहले मेमोरियल के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाई।

सांसद तरूण विजय ने बताया कि शौर्य स्थल के लिए लंबे समय से प्रयास चल रहे थे, जिसके लिए उन्होंने रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से मुलाकात की। निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये मेरी सांसद निधि से दिया जाना है, जबकि शेष राशि रक्षा मंत्रालय और अन्य सांसदों से ली जाएगी। शौर्य स्थल के निर्माण और रखरखाव का जिम्मा छावनी परिषद का होगा।


पांच वीर नारियां, पांच अलंकृत सैनिक रहेंगे मौजूद
शौर्य स्थल के शिलान्यास समारोह में रक्षा मंत्री पांच वीर नारियों और पांच अलंकृत सैनिकों को सम्मानित करेंगे। सुबह 8 बजे समारोह शुरू होगा, जिसमें तीनों सेनाओं आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के डिप्टी चीफ मौजूद रहेंगे। सेना की उच्च परंपरा के बीच होने वाले समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक परिवार पहुंचेंगे। गुरुवार को चीड़ बाग में कैंट बोर्ड ने समारोह के लिए शामियाना और शिलापट्ट लगा दिया है। पूरे मैदान की साफ सफाई कर दी है। समारोह में मेमोरियल के डिजाइन का भी रक्षा मंत्री लोकार्पण करेंगे।

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