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...ऑफिस पहुंचने के लिए पैदल चलते हैं 40 किमी
अमर उजाला, विनय बहुगुणा, थराली
Updated Fri, 13 Sep 2013 10:48 PM IST
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उत्तराखंड के चमोली जनपद में डुंगरी के नवीन मिश्रा पेशे से अधिवक्ता हैं। वे प्रतिदिन सुबह सात बजे ही एसडीएम कोर्ट थराली के लिए घर से निकलते हैं। गांव से थराली उन्हें प्रतिदिन करीब 40 किमी की पैदल आवाजाही करनी पड़ती है।
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स्थिति यह है कि कई बार घर वापसी के लिए समय कम होने पर उन्हें थराली में ही होटल में कमरा किराए पर लेकर रहना पड़ता है। इस समस्या से नवीन तीन माह से गुजर रहे हैं।
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205 गांव के लोग परेशान
आपदा के बाद से सड़क और संपर्क मार्ग टूटने से आवागमन की समस्या से नवीन हीं नहीं, बल्कि पिंडरघाटी के सोलपट्टी, श्रीगुरु पट्टी, उत्तरी कड़ाकोट सहित तहसील थराली के 205 गांव के लोग जूझ रहे हैं।
सामान के लिए भी मीलों सफर
स्थिति यह है कि लोगों को जरूरी सामान के लिए भी मीलों सफर तय करना पड़ रहा है। नलगांव, कालजाबर, बुसेड़ी पुल, मल्या पौड़ में मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है।
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वहीं थराली-देवाल मोटर मार्ग मुख्य बाजार से लेकर तहसील तक कई स्थानों पर टूटा है। सोलपट्टी के 16, उत्तरी कड़ाकोट और श्रीगुरु पट्टी के 24-24, तल्ला बधाण के 45 गांवों सहित अब भी 205 गांव सड़क से वंचित है।
20 किमी पैदल
उत्तरी कड़ाकोट क्षेत्र के चिरखून ग्राम पंचायत के प्रधान सुनील कांती, सोल क्षेत्र के मोहन सिंह रावत, कौब के गोविंद सिंह मिंगवाल का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस है।
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सोलपट्टी का रतगांव, डुंगी और बूंगा के ग्रामीण अब भी 20 किमी पैदल चल रहे हैं। थराली-डुंग्री और थराली-घाट मार्ग के बंद होने से ग्रामीण कुराड़ के रास्ते पैदल आवागमन कर रहे हैं। स्थिति यह है कि आपदा से पहले जहां थराली आने में डेढ़ से दो घंटे लगते हैं, वहीं अब पैदल छह से सात घंटे लग रहे हैं।
साठ दिन से 15 ग्राम पंचायतें अलग-थलग
ब्लाक के 15 से अधिक ग्राम पंचायतों को मुख्यालय से जोड़ने वाला परखाल-रैंस-चोपता मोटर मार्ग 60 दिन से बंद है। मार्ग पर चल्यापाणी से रैंस-चोपता तक चार स्थानों पर 12 जुलाई को बारिश से मलबा आने से मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया।
रैंस के प्रधान अवतार सिंह नेगी, चोपता के कमला लाल, दलवीर रावत ने कहा कि मार्ग सुस्त रफ्तार से काम हो रहा है। ग्रामीणों के प्रभावित गांव कूस भंगोटा, रैंस चोपता, भेंथरा, लोदला, तुनेड़ा, डडवागाड़, कफारतीर, फारकोट सहित उत्तरी कड़ाकोट के गांवों को जोड़ने वाला चोपता-नलगांव पैदल मार्ग पर पुलियाएं बह गई है।
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कफारतीर-नलगांव और भंगोटा-कूस पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में न तो राशन की सप्लाई हो रही है और न दवाओं की।
इनकी भी सुनिए
आपदा और बरसात के कारण सड़कें बंद हैं। संबंधित विभाग को त्वरित मार्गों पर यातायात बहाल करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
- वी-षणमुगम, आपदा आयुक्त थराली तहसील
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पिछले सप्ताह मार्ग को ठीक कर दिया गया था। दो दिन पहले हुई बारिश से मार्ग फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। संबंधित जेई को साइड पर भेजा गया है। शनिवार तक मार्ग यातायात के लिए सुचारु कर दिया जाएगा।
- बीएस रावत, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई कर्णप्रयाग।